कचरे से जाम हुई सुअरा दायीं नहर, शहर में जलनिकासी बाधित

Mar 08, 2026 08:07 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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पेज चार की खबर पेज चार की खबर कचरे से जाम हुई सुअरा दायीं नहर, शहर में जलनिकासी बाधित बरसात में ओवरफ्लो का खतरा,

कचरे से जाम हुई सुअरा दायीं नहर, शहर में जलनिकासी बाधित

पेज चार की खबर कचरे से जाम हुई सुअरा दायीं नहर, शहर में जलनिकासी बाधित बरसात में ओवरफ्लो का खतरा, दुर्गंध से लोग परेशान जाम नहर के चलते आगे के किसानों के लिए टेल तक नहीं पहुंच पाता है पानी भभुआ, नगर संवाददाता। शहर के बीच से होकर गुजरने वाली सुअरा दायीं नहर इन दिनों गंभीर बदहाली का शिकार है। सिओं से होकर वन विभाग कार्यालय से पटेल चौक होते हुए अष्टभुजी चौक के आगे से अखलासपुर की ओर जाने वाली यह नहर वार्ड संख्या एक, दो, तीन, चार, पांच, छह व सात के पास से गुजरती है जो पूरी तरह जाम हो गई है।

नहर में लगातार फेंके जा रहे घरेलू कचरे, दुकानों के अपशिष्ट और मिट्टी जमने से पानी का बहाव पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। लोगों के अनुसार दुकानों और घरों से निकलने वाला कचरा जैसे दोना, पत्तल, ग्लास, कटोरे और पुराने टूटे सामान सीधे नहर में फेंक दिया जाता है। गंदगी के कारण नहर में छोटे-छोटे पौधे और घास उग आई है, जो अब झाड़ी का रूप ले चुकी है। इससे गंदे पानी की निकासी रुक गई है और जमा पानी से दुर्गंध फैल रही है। नहर के आसपास रहने वाले रविंद्र कुमार सिंह, संतोष कुमार श्रीवास्तव और मनोज कुमार सिंह ने बताया कि सफाई को लेकर नगर परिषद और सिंचाई विभाग के बीच जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है। नगर परिषद सिंचाई विभाग की जिम्मेदारी बताती है, जबकि सिंचाई विभाग शहर का कचरा गिरने का हवाला देकर सफाई से पल्ला झाड़ लेता है। इस आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अष्टभुजी चौक, पटेल चौक और रणविजय चौक के आसपास सड़क किनारे खाने-पीने की सामग्री बेचने वाले दुकानदार भी कचरा नहर में फेंक देते हैं। इसके अलावा आसपास के घरों से निकलने वाला गंदा पानी नालों के माध्यम से इसी नहर में गिरता है। एकता चौक, जयप्रकाश चौक और हवाई अड्डा क्षेत्र के नालों का पानी भी नहर में ही जाता है। स्थानीय निवासियों प्रद्युम्न तिवारी, समीर सिंह, राजीव आनंद और मोहित शर्मा का कहना है कि नहर की नियमित सफाई नहीं होने से बरसात में पानी ओवरफ्लो होकर आसपास के इलाकों में घुसने का डर बना जाता है, जिससे जलजमाव और बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। यदि समय रहते सफाई कराई जाए तो किसानों को भी सिंचाई में बेहतर लाभ मिलेगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों विभाग आपसी समन्वय बनाकर नहर की तत्काल सफाई कराएं और कचरा फेंकने वालों पर सख्ती बरती जाए तो समाज की मुख्यधारा में आत्मसम्मान के साथ जीवन जी सकते हैं।

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