सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में विज्ञान का महाकुंभ

Feb 28, 2026 08:58 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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भभुआ के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर एक सेमिनार और निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 'वे तरंगें जिन्होंने दुनिया को बदल दिया' विषय पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से छात्रों ने भाग लिया और विज्ञान के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित किया।

सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में विज्ञान का महाकुंभ

राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर तरंगों से एआई तक गूंजा ज्ञान का संगम कार्यक्रम में शोध, नवाचार और वैज्ञानिक सोच को मिली नई उड़ान (युवा पेज की लीड खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर के सरदार वल्लभभाई पटेल कॉलेज में शनिवार को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार और निबंध लेखन प्रतियोगिता ने पूरे परिसर को वैज्ञानिक उत्साह से भर दिया। डीबीटी-स्टार कॉलेज प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में 'वे तरंगें जिन्होंने दुनिया को बदल दिया’ विषय पर गहन मंथन हुआ। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर विद्यार्थियों ने अपने विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. एसपी शर्मा ने की।

मुख्य अतिथि बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. बीपी मंडल, संयुक्त अध्यक्ष के रूप में डॉ. महेश प्रसाद एवं डॉ. नेयाज अहमद सिद्दीकी थे। प्रो. मंडल ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को प्रतिवर्ष महान वैज्ञानिक सीवी रमन की स्मृति में मनाया जाता है। ‘रमन प्रभाव’ की खोज ने भारत को विश्व पटल पर वैज्ञानिक पहचान दिलाई। उन्होंने तरंगों के सिद्धांत को संचार, चिकित्सा, खगोल विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी और आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्युत-चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों, क्वांटम तरंगों, गुरुत्वाकर्षण तरंगों, ब्लैक होल, विशेष सापेक्षता सिद्धांत और लीगो साइंटिफिक कोलेबोरेशन जैसे जटिल विषयों को सरल और रोचक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया। उनका व्याख्यान ज्ञान के साथ-साथ प्रेरणा का स्रोत बन गया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. शर्मा ने कहा कि विज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन को देखने की वैज्ञानिक दृष्टि प्रदान करता है। तरंगों की खोज और उनके उपयोग ने मानव सभ्यता को नई दिशा और गति दी है। एआई पर विचारों की प्रतिस्पर्धा, 60 विद्यार्थियों ने दिखाया दम निबंध प्रतियोगिता का विषय 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता-मानव जीवन को रूपांतरित करती संभावनाएं, जोखिम और नैतिक चुनौतियां’ था। लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लेकर एआई के उजले और साए दोनों पक्षों पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया। निर्णायक मंडल में डॉ. राजकुमार गुप्ता, इं. नूतन चौबे एवं डॉ. जितेंद्र कुमार शामिल रहे। परिणामों में प्रथम स्थान जंतु विज्ञान विभाग की अंजली कुमारी, द्वितीय स्थान गणित विभाग के साजिद खान तथा तृतीय स्थान गणित विभाग की कृति कुमारी को प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। जिलेभर के विद्यालयों में भी दिखा विज्ञान का उत्सव केवल महाविद्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के मध्य एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी विज्ञान दिवस पर मॉडल प्रदर्शनी, निबंध प्रतियोगिता और प्रोजेक्ट प्रस्तुति का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने नवाचार आधारित मॉडल तैयार कर शिक्षकों के समक्ष प्रस्तुत किए। शिक्षकों ने बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध और तकनीकों की जानकारी देते हुए उन्हें भविष्य में अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डीबीटी-स्टार कॉलेज कार्यक्रम के तहत प्रयोगशालाओं के उन्नयन और शोधपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महाविद्यालय लगातार प्रयासरत है। यह आयोजन न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की नई ऊर्जा भरने वाला सिद्ध हुआ। फोटो- 28 फरवरी भभुआ- 8 कैप्शन- शहर के एसवीपी कॉलेज में शनिवार को विज्ञान दिवस पर आयोजित सेमिनार एवं निबंध प्रतियोगिता में भाग लेते प्रतिभागी छात्र एवं प्राध्यापक।

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