
दिल्ली तक पहुंचा कैमूर के मनरेगा में अनियमितता की शिकायत
बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर कैमूर में मनरेगा योजना में अनियमितताओं की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गेहूंआनवा नदी की उड़ाही और सामग्री आपूर्ति...
सांसद ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर योजना की जांच एवं कार्रवाई की मांग की गेहुंआनवा नदी की उड़ाही व मनरेगा के तहत सामग्री आपूर्ति में अनियमितता का है मामला भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता की शिकायत दिल्ली तक पहुंच गई है। बक्सर सांसद सुधाकर सिंह ने भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। सांसद ने केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को भेजे गए पत्र में कैमूर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना के तहत सामग्री आपूर्ति एवं गेहूंअनवा नदी की उड़ाही में अनियमितताओं की जांच कराते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने पत्र में लिखा है कि मनरेगा योजना में कैमूर जिले में गंभीर वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं की गई हैं, जो न केवल सरकारी निधियों की भारी हानि है, बल्कि इस जनकल्याणकारी योजना की गरिमा पर भी कुठाराघात है। सांसद ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से पत्र के माध्यम से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने एवं दोषी अधिकारियों तथा फर्जी आपूर्तिकर्ता के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की आग्रह किया है। सामग्री आपूर्ति में यह है शिकायत भभुआ। सांसद ने पत्र में लिखा है कि विभाग के आयुक्त द्वारा जारी पत्र के आलोक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सामग्री आपूर्ति के लिए 5 फरवरी 2024 को निविदा आमंत्रित की गई थी। डीडीसी सह अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा की अध्यक्षता में 29 जुलाई 2024 को आयोजित बैठक में 55 आपूर्तिकर्ताओं का विधिवत चयन कर सूचीबद्ध किया गया। अनुमोदित आपूर्तिकर्ताओं की सूची मनरेगा पोर्टल पर अपलोड किया गया। नियमों का उल्लंघन करते हुए एवं निविदा प्रक्रिया में बिना शामिल एक फर्जी आपूर्तिकर्ता के जीएसटी को पोर्टल पर अपलोड कर अधिकृत कर दिया गया। उक्त आपूर्तिकता का पंजीकरण 9 सितंबर 2024 का है। जबकि एमआईएस पोर्टल पर इससे पूर्व की तिथि से बने बाउचर अपलोड कर करोड़ों रुपये के भुगतान कर फर्जीवाड़ा किया गया। नदी की उड़ाही में खोली गयी 60 योजना भभुआ। सांसद ने केन्द्रीय मंत्री को भेजे गए पत्र में लिखा है कि गेहंुअनवा नदी की उड़ाही पर 60 योजनाएं खोलकर 10-10 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति अलग-अलग पंचायतों में दी गई। जबकि मनरेगा गाइडलाइन के अनुसार, योजना को तोड़कर इस प्रकार विभाजित करना नियम के विरुद्ध है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि सभी योजनाओं को एक ही दिन में तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई, जिसमें लगभग 6 करोड़ रुपये का गबन हुआ है।

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