Bhabua News: भाद्रपद की प्रथम सोमवारी पर शिव भक्तों ने किया जलाभिषेक
Bhabua News: चैनपुर स्थित दयालनाथ शिव मंदिर में भाद्रपद की पहली सोमवारी को जलाभिषेक के लिए भारी भीड़ उमड़ी। वाराणसी के रामनगर से गंगाजल लाकर कांवरिये आए थे। यह कार्यक्रम तीन दिनों तक चला। मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल था और भक्तों का ताता सुबह से लगा रहा।

Bhabua News: चैनपुर स्थित अमांव के दयालनाथ शिव मंदिर में उमड़ी महिला-पुरुषों की भीड़ वाराणसी के रामनगर से गंगाजल लेकर आए थे महादेव का जलाभिषेक करने (पेज चार) चैनपुर, एक संवाददाता। वर्षों पुरानी आध्यात्मिक परंपरा को दोहराते हुए अमांव के दयाल नाथ शिव मंदिर में भाद्रपद की पहली सोमवारी को भक्तों का जलाभिषेक किया।
भक्तों का अभिषेक समारोह
इस दौरान हर-हर महादेव का जयकारा गूंज रहा था। वाराणसी के रामनगर से गंगाजल लेकर कांवरिये जलाभिषेक के लिए पहुंचे थे। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम का भाद्रपद के प्रथम सोमवारी संपन्न हुआ। इसको लेकर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल दिखा। कांवरिये व शिव भक्तों के स्वागत जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए थे।
मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
जलाभिषेक के लिए सुबह से ही लोगों का ताता लगा रहा, जिसमें युवा, बूढ़े, बच्चे एवं महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीण बताते हैं कि करीब 200 वर्ष पहले अमांव के ‘बाबा’ के नाम से प्रसिद्ध रामशरण सिंह हुआ करते थे। जिस स्थल पर दयालनाथ शिव मंदिर स्थापित है, उसी के बगल में उनका घर था।
शिवलिंग की कहानी
उनके वंशज आज भी उस मकान में रहते हैं। उन्होंने एक कुएं की खुदाई करवाई थी, जिसमें एक विशालकाय गोल पत्थर की आकृति दिखाई दी। मजदूर उसे निकालने की कोशिश किए, पर नहीं निकल सका। जितनी खुदाई होती गई, खंभेदार उस पत्थर की आकृति नीचे जाती रही। मजदूरों ने खुदाई बंद कर दी। यह शिवलिंग भूमितल से 10 फुट गहराई में स्थापित है। यह मंदिर जिला मुख्यालय भभुआ से 15 किमी. की दूरी पर है, जहां चैनपुर-धरौली सड़क से पहुंचा जा सकता है। यूपी से चंदौली एवं धरौली होकर श्रद्धालु यहां आते हैं।
अविस्मरणीय दृश्य
फोटो- 31 अगस्त भभुआ- 14 कैप्शन- चैनपुर के अमांव गांव में स्थित दयालनाथ शिवमंदिर में भाद्रपद की पहली सोमवारी को जलाभिषेक व पूजा-अर्चना करने के लिए लगी भक्तों की भीड़।


