Bhabua News: ग्रामीणों ने चंदा और मजदूरी करके पुलिया की मरम्मत कराई

हिन्दुस्तान, भभुआ
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Bhabua News: अधौरा के एकडिहवा टोला को जोड़नेवाली पुलिया के टूटने से वनवासियों ने खुद मरम्मत करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने मिट्टी काटकर और पत्थर निकालकर एक दिन में पुलिया की मरम्मत की। वे बार-बार कानून व्यवस्था से मदद मांग चुके थे पर किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की। बारिश आने से फिर खतरा बना हुआ है।

Bhabua News: ग्रामीणों ने चंदा और मजदूरी करके पुलिया की मरम्मत कराई

Bhabua News: अधौरा के एकडिहवा टोला को जोड़नेवाली पुलिया के टूट जाने से परेशान वनवासियों ने बैठक कर खुद मरम्मत करने का लिया था निर्णय निर्माण के एक साल बाद ही टूट गई थी पुलिया, दूसरी जगह टूटने पर की मरम्मत ग्रामीणों ने खुद मिट्टी काटी, पत्थर रख मिट्टी डाल आने-जाने लायक रास्ता बनाया (पेज चार की बॉटम की खबर) अधौरा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय अधौरा के एकडिहवा टोला को जोड़नेवाली पुलिया के टूट जाने से परेशान वनवासियों ने खुद मरम्मत कर आने-जाने लायक रास्ता बनाया।

पुलिया की मरम्मत की प्रक्रिया

बालेश्वर प्रजापति व सुदामा सेठ ने बताया कि पहले एक जगह 10 फुट तक पुलिया टूटी थी। तब ग्रामीण दाएं-बाएं होकर आ-जा रहे थे। लेकिन, फिर 15 फुट में टूट गई, जिससे आना-जाना मुश्किल हो गया। सामने बरसात थी। अगर इसकी मरम्मत नहीं होती तो काफी परेशानी होती। उन्होंने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए गांव के ग्रामीणों की बैठक की गई, जिसमें निर्णय हुआ कि जिससे जितना संभव होगा, वह आर्थिक और शारीरिक मदद करेगा। टोला के लोगों ने तय किया कि वह एक दिन मजदूरी करने नहीं जाएंगे और पुलिया की मरम्मत कार्य करेंगे।

ग्रामीणों की मेहनत और सहयोग

आपस में चंदा करने पर 5000 रुपया इकट्ठा हुआ। टोला से थोड़ी दूर से वनवासियों ने खुद मिट्टी काट ट्रैक्टर पर लोड किया। समीप के नाले से पत्थर निकाला और मरम्मत की। ग्रामीणों छेदी पासवान, शनिचरी देवी, रवि सेठ, रामप्रित उरांव, मुन्ना अगरिया ने बताया कि हमलोग पुलिया की मरम्मत तो कर दिए, पर डर है कि मूसलाधार बारिश में मिट्टी बह न जाए। तब फिर परेशानी हो सकती है। पूछने पर छेदी ने बताया कि ट्रैक्टर का भाड़ा देना पड़ा था। बाकी मेहनत ग्रामीणों ने मिलकर की। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया टूट जाने से पैदल आना-जाना मुश्किल हो गया था। कोई वाहन उनके टोला तक नहीं पहुंच रहा था। लंबी दूरी तय कर दूसरे रास्ते से घर व बाजार जाना पड़ता था।

स्थानीय प्रशासन की सुनवाई नहीं

सबसे लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई ग्रामीणों ने बताया कि प्रखंड प्रमुख, मुखिया, बीडीओ सभी से पुलिया की मरम्मत कराने की गुहार लगाई गई, पर किसी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं कराया। यह पुलिया एकडीहवा टोला, उरांव टोला, अगरिया टोला को जोड़ती है। कोइलीबार के पास टूटी इसी पुलिया से होकर बच्चे पढ़ने के लिए विद्यालय में जाते थे। उनमें आने-जाने में गिरकर चोटिल होने का डर बना रहता था। इसका संपर्क पथ भी एक जगह टूट गया था। इन कारणों से इस पथ में वाहनों का परिचालन बंद हो गया था। रास्ता बदलकर बाजार जाते थे लोग ग्रामीणों रामलाल अगरिया व सुरेंद्र उरांव ने बताया कि पुलिया के ध्वस्त होने व सड़क बदहाल हो जाने से वनवासियों को रास्ता बदलकर अधौरा बाजार में खरीद-बिक्री करने जाना पड़ रहा था। वनवासी सेवा केंद्र के रास्ते बाजार और घर पहुंचने में देर होती थी। पार्वती कुंवर ने बताया कि अब पुलिया बन गई है, तो परेशानी दूर हो गई। लेकिन, बारिश तेज हुई तो मिट्टी बह जाएगी। लेकिन, पुलिया के पास पत्थर रखने से पैदल आने-जाने में दिक्कत नहीं होगी। बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होगी।

संवेदक की जिम्मेदारी

कोट जिस संवेदक ने दो वर्ष पूर्व इस पुलिया व सड़क का निर्माण कराया था, अभी उसी को पांच वर्ष तक इसकी देखरेख व मरम्मत करानी है। जब तक पांच वर्ष पूरा नहीं हो जाएगा, तब तक इसकी मरम्मत करने पर दूसरे मद की राशि नहीं लगानी है। विपिन कुमार, प्रखंड प्रमुख, अधौरा फोटो- 13 जुलाई भभुआ- 8 कैप्शन- प्रखंड मुख्यालय अधौरा के कोइलीबार के पास ग्रामीणों द्वारा मरम्मत की गई टूटी पुलिया।

संभवित प्रश्नों के उत्तर

ग्रामीणों ने पुलिया की मरम्मत के लिए कितनी धनराशि इकट्ठा की?
ग्रामीणों ने चंदा करके 5000 रुपया इकट्ठा किया।
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