
सूर्यास्त से पहले उदीय हो जाएंगे कैमूर के चार प्रधिनिधित्वकर्ता
संक्षेप: कैमूर में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुका है और अब मतगणना की तैयारी चल रही है। 14 नवंबर को परिणामों की घोषणा होगी, जिसमें चारों सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई की उम्मीद है। भाजपा, महागठबंधन, और बसपा के कार्यकर्ता जीत की उम्मीद में जश्न मनाने की तैयारी कर रहे हैं।
कैमूर के चुनावी मुकाबले में दांव पर तो नहीं है महागठबंधन का सियासी दबदबा भाजपा को वर्ष 2015 दोहराने की उम्मीद, बसपा को सीट सुरक्षित करने की चिंता (पेज चार की बॉटम खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। विधानसभा चुनाव संपन्न हो गया है। अब जिला प्रशासन और प्रत्याशी मतगणना की तैयारी में हैं। मोहनियां के मतगणना केंद्र में बुधवार को प्रेक्षक ने प्रत्याशियों व उनके प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और सारा कुछ समझा दिया। 14 नवंबर को मतगणना होगा। दोपहर में 12 बजे से पूर्व पहला चुनाव परिणाम आने की संभावना जताई जा रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो शाम होते-होते चारों विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया जा सकता है।

यानी सूर्यास्त होने से पहले चारों क्षेत्र के विधायक के नाम की घोषणा हो सकती है। जिले में मतदान का जो माहौ बना और मत प्राप्त होने की आशा पर कुछ प्रत्याशी जीत का जश्न मनाने की तैयारी में जुटे हैं। एनडीए, महागठबंधन, बसपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। चारों सीट पर किसकी जीत और किसकी हार होगी, इसका पता तो 14 नवंबर को परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन जीत के प्रति आशान्वित कार्यकर्ता जोश में हैं। वह विजयी जुलूस निकालने,मिठाई बांटने, दीप जलाने, पटाखे फोड़ने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि कैमूर की चारों सीट त्रिकोणीय लड़ाई में फंस गई है। कैमूर में राजद चारों सीट पर चुनाव लड़ा है। वीआईपी भी एक सीट चैनपुर में लड़ी। एनडीए से तीन भाजपा और एक पर जदयू के प्रत्याशी हैं। जबकि बसपा चारों सीट पर प्रत्याशी उतारी थी। इन सभी का सियासी दबदबा दांव पर है। कैमूर से पहली बार वर्ष 1969 के चुनाव में जनसंघ के टिकट पर लड़े चंद्रमौली मिश्र ने जीत हासिल की थी। इनके बाद वर्ष 1972, 1977 में वीजेएस, 1980 में जेएनवी व 1990 में भाजपा से लालमुनि चौबे जीते थे। भाजपा को रास आती रही है उपचुनाव हालांकि भाजपा को उपचुनाव रास आती रही है। वर्ष 2018 में भभुआ सीट से रिंकी रानी पांडेय और वर्ष 2024 में रामगढ़ से अशोक कुमार सिंह उपचुनाव जीते थे। इनसे पहले वर्ष 2009 के उपचुनाव में चैनपुर से बृजकिशोर बिंद ने जीत दर्ज कराई थी। इसके पहले वर्ष 2015 में भाजपा ने चारों सीट जीती। लेकिन, 2020 के चुनाव में यह जीत बरकरार नहीं रह सकी। तीन सीट भभुआ, मोहनियां व रामगढ़ पर राजद और चैनपुर से बसपा ने जीत दर्ज की। बैलेट पेपर की गिनती से हो सकती है शुरुआत मतगणना की शुरुआत बैलेट पेपर की गिनती से हो सकती है। इसके रुझान सबसे पहले सामने आएंगे। हालांकि ईवीएम के वोटरों की गिनती शुरू होने के बाद रुझान में काफी उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी। मतों की गिनती होने के बाद जिला प्रशासन उसकी रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेजेगा। वहां से ओके होने के बाद यहां रूझान की घोषणा हो सकेगी। स्ट्रांग रूम का सख्त पहरा बताया गया कि आयोग ने सभी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की सख्त व्यवस्था की है। आयोग के निर्देश पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। कोई भी उम्मीदवार या दल के प्रतिनिधि इसे देख सकते हैं। चुनाव परिणाम बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया जाएगा। मतगणना अभिकर्ता की मौजूदगी में मतों की गिनती होगी। कंट्रोल यूनिट के माध्यम से चुनाव परिणामों को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया जा सकता है, ताकि मतगणना एजेंट को असुविधा नहीं हो। फोटो- 12 नवंबर भभुआ- 2 कैप्शन- मोहनियां के डड़वा स्थित इसकी बाजार समिति परिसर में मतों की होगी गिनती। (फोटो सिंगल)

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