Bhabua News: वैज्ञानिक कचरा भराव क्षेत्र के लिए मोहनियां में मिली जमीन

हिन्दुस्तान, भभुआ
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Bhabua News: भभुआ नगर परिषद और मोहनियां नगर पंचायत का संयुक्त रूप से सेनेटरी लैंडफिल क्षेत्र तैयार होगा। यह मोहनियां शहर के निकट 3.08 एकड़ जमीन पर होगा। इससे कचरे का सुरक्षित निपटारा होगा और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह राष्ट्रीय हरित अधिकरण के नियमों के तहत किया जा रहा है।

Bhabua News: वैज्ञानिक कचरा भराव क्षेत्र के लिए मोहनियां में मिली जमीन

Bhabua News: भभुआ नगर परिषद और मोहनियां नगर पंचायत का संयुक्त रूप से तैयार होगा सेनेटरी लैंडफिल एरिया, कचरे का होगा निपटारा आबादी, राजमार्ग, जलस्रोत से दूर स्थापित करनी है ठोस अपशिष्ट प्रबंधन इकाई खतरनाक हो सकते हैं शहर में फेंके गए कचरा से निकलनेवाले रसायनिक पदार्थ (पेज तीन की लीड खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता।

सेनेटरी लैंडफिल विकास

भभुआ और मोहनियां निकाय के लिए वैज्ञानिक कचरा भराव क्षेत्र संयुक्त रूप से विकसित होगा। इसके लिए मोहनियां शहर से कुछ दूरी पर 3.08 एकड़ जमीन की तलाश कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। यह पहल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और नगर विकास एवं आवास विभाग के नियमों के तहत की गई है। इस क्षेत्र में लैंडफिल के साथ खाद संयंत्र और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अन्य आधुनिक संयंत्र स्थापित किए जाने की संभावना है। इस इकाई के स्थापित हो जाने से जहां-तहां कचरा जमा करने की समस्या और इसमें से निकलनेवाले रसायनिक पदार्थ के प्रभाव से राहत मिलेगी। हालांकि नगर निकाय प्रशासन काफी दिनों से जमीन की तलाश कर रहा था। निजी भू-स्वामी से भी लीड पर जमीन लेने का प्रयास किया गया, पर वह तैयार नहीं हो सके। जिला प्रशासन के प्रयास से भभुआ नगर परिषद के लिए जमीन उपलब्ध हुई थी। लेकिन, स्थानीय लोगों के प्रतिकार की वजह से वहां यह इकाई स्थापित नहीं हो सकी। फिलहाल शहर से निकलनेवाले कचरे को जहां-तहां फेंका जा रहा है। कभी-कभी तो इस कचरे में आग भी लग जाती है या लगा दी जाती है, जिससे निकलनेवाले रसायनिक पदार्थ मानव जीवन, पशु-पंक्षियों के साथ पर्यावरण के लिए घातक साबित हो सकते हैं। घर व दुकानों में अनुपयोगी हो चुके इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों ट्यूबलाइट, बल्ब, सीएफएल, खिलौनों की बैट्री, प्लास्टिक, लोहा जैसी चीजों को इस्तेमाल कर लोग उसे कूड़े के ढेर पर फेंक देते हैं, जिसमें कई प्रकार के विषैले पदार्थ पाए जाते हैं, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। मानक के अनुसार भूमि का चयन जरूरी बताया गया है कि इस इकाई को ऐसी जगह पर स्थापित करने का प्रावधान है, जहां वाहनों के आने-जाने के रास्ते हों। जमीन के उपर से हाईटेंशन विद्युत तार न गुजरा हो। नदी, कुआं, नहर, आबादी, राजमार्ग आदि से दूरी पर हो। समझा जाता है कि प्रशासन ने जिस स्थल का चयन किया गया है, वह मानक के अनुसार होगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 में इसके क्रियान्वयन की बात कही गई है। यह है इकाई स्थापित करने का उद्देश्य सेनेटरी लैंडफिल को विकसित करने का उद्देश्य शहर से निकलने वाले कचरे को वैज्ञानिक तरीके से अलग-अलग किया जाना है। कचरे में अनुपयोगी ट्यूबलाइट, बल्ब, सीएफएल, शीशा, टीना, बैट्री, प्लास्टिक आदि मिलते हैं, जिसे अलग-अलग कर कुछ अपशिष्ट को उपयोगी बनाया जाएगा। सूखा व गीला कचरा से कम्पोस्ट खाद बन सकती है। सेनेटरी लैंडफिल की चहारदीवारी की जानी है। उसका सौंदर्यीकरण करना होता है।

खतरनाक सामग्री का प्रभाव

घातक होती हैं यह इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रीक सामग्री सॉफ्टवेयर इंजीनियर राकेश कुमार बताते हैं कि एक कम्प्यूटर में लगभग 3.8 पौंड शीशा, फासफोरस, केडमियम व मरकरी जैसे घातक तत्त्व होते हैं, जो जलाए जाने पर सीधे वातावरण में घुलते हैं। बच्चों के आधुनिक खिलौनों में जो बैट्री इस्तेमाल होती है, वह घातक रसायनों (विषैले तत्त्वों) के सम्मिश्रण से तैयार की जाती है और तोड़ने पर पर्यावरण को प्रदूषित करती है। इलेक्ट्रॉनिक चीजों को बनाने में काम आने वाली सामग्री में ज्यादातर कैडमियम, निकेल, क्रोमियम, एंटीमोनी, आर्सेनिक, बेरिलियम और पारे का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। कोट भभुआ और मोहनियां नगर निकाय के लिए संयुक्त रूप से वैज्ञानिक कचरा भराव क्षेत्र स्थापित होगा। इसके लिए मोहनियां शहर से थोड़ी दूरी पर जमीन उपलब्ध हुई है। शीघ्र ही समस्या दूर होने की उम्मीद है। संजय उपाध्याय, कार्यपालक पदाधिकारी, भभुआ कोट मोहनियां में सेनेटरी लैंडफिल एरिया विकसित करने के लिए 3.08 एकड़ जमीन की तलाश कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। जैसा आदेश मिलेगा, उसके आधार पर काम किया जाएगा। सुधांशु कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, मोहनियां फोटो- 17 अगस्त भभुआ- 11 कैप्शन- भभुआ नगर परिषद क्षेत्र के सब्जी मंडी रोड में सोमवार को फेंका गया कचरा।

FAQs

✦सेनेटरी लैंडफिल क्षेत्र कब स्थापित होगा?−
सेनेटरी लैंडफिल क्षेत्र भभुआ और मोहनियों नगर परिषद के लिए संयुक्त रूप से विकसित होगा और इसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है।
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