
मध्यम कुपोषित बच्चों को भी अब एनआरसी में किया जाएगा भर्ती
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पेज तीन की सेकेंड लीड खबर मध्यम कुपोषित बच्चों को भी अब एनआरसी में किया जाएगा भर्ती मध्यम कुपोषित बच्चों का गंभीर कुपोषित में बदलने का रहता है खतरा राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य ने सभी सीएस को पत्र जारी कर दिए निर्देश भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में कुपोषण की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। अब तक केवल गंभीर तीव्र कुपोषण यानि सैम से पीड़ित बच्चों को ही भर्ती करने वाले पोषण पुनर्वास केंद्र का दायरा बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार अब मध्यम तीव्र कुपोषित (मैम) बच्चों को भी राज्य के 41 एनआरसी केंद्र में भर्ती किया जाएगा।

इस बाबत राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, शिशु स्वास्थ्य, डॉ. विजय प्रकाश राय ने सभी सिविल सर्जन को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिया है। शिशु रोग विशेषज्ञों के अनुसार "मध्यम कुपोषित बच्चों को एनआरसी में शामिल करने का फैसला 'देर से उपचार' की जगह 'जल्दी हस्तक्षेप' की नीति को दर्शाता है। यह एक निवारक कदम है, जो बच्चों को गंभीर कुपोषण के भयावह जाल में फंसने से रोकेगा और राज्य में बाल स्वास्थ्य संकेतकों को सुधारने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।" गंभीर कुपोषण में बदलने से रोकने की पहल मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भेजने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को जानलेवा स्थिति में पहुँचने से पहले ही सुरक्षित करना है। इसके तहत सभी स्तर के स्वास्थ्य संस्थान एवं समुदाय स्तर पर चित्सिकीय जटिलता युक्त मैम बच्चों की स्क्रीनिंग एवं पहचान कर एनआरसी केंद्र पर रेफर किया जाएगा। पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती बच्चों के पोषण स्तर में सुधार,आवश्यक आहार,वजन वृद्धि, संक्रमण दर में कमी को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाए जाएगें। ताकि पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में कुपोषण से होने वाली मृत्यु एवं बीमारी में कमी लाने महत्वपूर्ण योगदान प्राप्त होगा।

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