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बारिश व हवा की रफ्तार बढ़ी तो फसल को हो सकती है क्षति (पटना का टास्क/पेज चार की लीड खबर)

हिन्दुस्तान टीम,भभुआPublished By: Newswrap
Thu, 27 May 2021 08:30 PM
बारिश व हवा की रफ्तार बढ़ी तो फसल को हो सकती है क्षति (पटना का टास्क/पेज चार की लीड खबर)

अधौरा, रामपुर, भगवानपुर, चैनपुर प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र के खेतों में बारिश का नहीं दिखा रहा है कोई खास असर

ज्यादा बारिश नहीं होने व हवा नहीं चलने से सुरक्षित हैं सब्जी व आम की फसल

बारिश इतनी जरूर हुई है, जिससे खेत की जुताई कर धान का बिचड़ा डाल सके

06 सौ हेक्टेयर के करीब भूमि में होती है सब्जी की खेती

01 लाख 10 हजार हेक्टेयर भूमि में होती है धान की खेती

भभुआ। कार्यालय संवाददाता

यास तूफान के प्रभाव से कैमूर में बुधवार की रात झमाझम बारिश हुई। गुरुवार को भी सुबह से रिमझिम बारिश हो रही है। लेकिन, कैमूर में अभी इतनी भी बारिश नहीं हुई है, जिससे सब्जी की फसल को नुकसान हो। हवा भी इतनी तेज नहीं चली, जिससे आम के फल झड़ गए हों। हालांकि अभी तक अधौरा, रामपुर, भगवानपुर, चैनपुर प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र में इस बारिश का कोई खास असर नहीं है। मैदानी क्षेत्र के खेतों में अभी पानी का भराव नहीं हो सका है।

जिले के किसान करीब 600 हेक्टेयर में सब्जी की खेती करते हैं। यहां के किसान करैला, लौकी, मूली, भिंडी, टमाटर, प्याज, पटल, नेनुआ, बोदी, फूलगोभी, पत्तागोभी आदि की खेती करते हैं। किसान नरेंन्द्र सिंह बताते हैं कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो खेत में पानी का भराव होगा, जिससे सब्जी के पौधे व पौधों में लगे सब्जी के फल सड़ जाएंगे, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। सब्जियों का उत्पादन कम होगा तो इसके मूल्य में भी वृद्धि हो सकती है।

लेकिन, किसानों का कहना है कि अगर ज्यादा बारिश हुई तो सब्जी की फसल को नुकसान होगा। तेज हवा चलने पर पेड़ से आम के फल गिर सकते हैं। लेकिन, इतनी बारिश जरूर हुई है, जिससे खेतों की जुताई कर किसान धान का बिचड़ा डाल सकें। इसलिए किसान अब धान का बिचड़ा डालने के लिए प्लान बनाने लगे हैं। कुछ किसान तो खेतों में आर-कोन व मेढ़ को बांधने का काम शुरू कर दिए हैं, ताकि उनके खेत में जमा होनेवाला वर्षा का पानी दूसरे के खेत में न जा सके।

हालांकि दो दिनों पहले तक कैमूर जिले के आहर, तालाब, पइन, वितरणी, नहर सभी सूखी पड़ी थीं, लेकिन इस बारिश से मिट्टी गिली हो गई है। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता ने मंगलवार को बताया था कि इंद्रपुरी बराज से पानी छोड़ दिया गया है। तीन दिनों में कैमूर की सोन उच्च स्तरीय नहर में पानी पहुंच जाएगा। तब वितरणियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो जाएगी। लेकिन, गुरुवार तक नहरों में पानी नहीं पहुंच सका था। बारिश ज्यादा होने के बाद जलस्तर भी बढ़ जाएगा।

हर प्रखंड में स्थापित है नियंत्रण कक्ष

मौसम विभाग का मानना है कि कैमूर के रास्ते ही बिहार में यास तूफान प्रवेश कर रहा है। इसलिए यहां का प्रशासन खास तौर पर सावधान है। जिला मुख्यालय के अलावा हर प्रखंड में नियंत्रण कक्ष स्थापित की गई है, जहां अफसरों व कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला प्रशासन ने नियंत्रण कक्ष का फोन नंबर भी जारी किया है। जिन किसानों को यास तूफान से ज्यादा नुकसान होगा या कोई घटना होती है, तो वह उस फोन नंबर पर कॉल कर मदद ले सकता है।

क्या कहते हैं सब्जी उत्पादक

आत्मा के रामपुर प्रखंड अध्यक्ष राजधार सिंह, अमांव के किसान नागेन्द्र सिंह, दियरी के राजमणि मिश्रा, मुंशी राम ने बताया कि पिछले 24 घंटों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। अभी तक सब्जी फसल व आम के फल को नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन, अब इससे ज्यादा बारिश हुई और हवा की रफ्तार बढ़ी तो लरंग वाली सब्जियों को नुकसान हो सकता है। हालांकि इस बारिश से धान का बिचड़ा डालने में सहूलियत होगी। किसानों को लगता है कि अगर यही स्थिति रही तो आनेवाले दिनों में फसल को काफी नुकसान होगा।

धान उत्पादक किसान हैं खुश

जिले में 1.10 लाख हेक्टेयर भूमि में धान की खेती होती है। इस बार रोहणी नक्षत्र चढ़ते ही बारिश शुरू हो गई है। धान उत्पादक किसान रामनरेश सिंह, अरविंद बिंद कहते हैं कि बारिश के आसार से उन्हें खुशी है। रोहणी नक्षत्र में धान का बिचड़ा डालने में सहूलियत मिलेगी। हाल पर बारिश हुई है। अब खेल में हल चलाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। किसान धान की जुताई कर धान का बिचड़ा डाल सकेंगे।

कोट

बारिश से अभी तक सब्जी की फसल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अगर इससे ज्यादा बारिश होगी और खेतों में जलभराव होगा तो नुकसान हो सकता है। आम के फल को भी क्षति नहीं पहुंची है।

ललिता प्रसाद, डीएओ, कैमूर

फोटो- 27 मई भभुआ- 8

कैप्शन- सदर प्रखंड के बारे गांव के बधार में स्थित खेत में गुरुवार को हुई वर्षा का जमा पानी।

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