हीटवेव के दौर से गुजर रहा कैमूर, तापमान पहुंचा 43 डिग्री

हिन्दुस्तान, भभुआ
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कैमूर जिले में हीटवेव से तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्मी और लू से बचने के लिए लोग सुबह 10 बजे के बाद घरों में रह रहे हैं। किसानों ने रबी फसल की कटनी और थ्रेसिंग सुबह के समय की, जबकि दोपहर में बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। पशु और पक्षी भी गर्मी से बेहाल हैं।

हीटवेव के दौर से गुजर रहा कैमूर, तापमान पहुंचा 43 डिग्री

दोपहर में बाजार व सड़कों पर पसर गया था सन्नाटा, शहर के अवारा पशु छाया में दिखे विश्राम करते, पंक्षी चले गए थे घोसले में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रात व भोर में चल रहा कटनी-दवनी व थ्रेसिंग का काम लू-धूप व गर्मी से बचने के लिए सुबह दस बजे के बाद घरों में रह रहे हैं लोग (पेज चार की फ्लायर खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर इन दिनों हीटवेव के दौर से गुजर रहा है। जिले में गुरुवार को अधिकतम 41 व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस था। शुक्रवार को बादल के बीच अधिकतम तापमान में एक डिग्री वृद्धि व न्यनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट होने का पूर्वानुमान है।

हालांकि 18 से 20 अप्रैल तक अधिकतम तापमान 43-44 के बीच रहेगा। जबकि 21 व 22 अप्रैल को अधिकतम तापमान 45 डिग्री रहने का पूर्वानुमान है। गुरुवार को कैमूर जिले में गर्म हवा की रफ्तार 20 किमी. प्रति घंटा थी। तीखी धूप व तापमान में वृद्धि होने तथा हवा गर्म बहने से दोपहर में बाजार व सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। शहर के अवारा पशु छाया में विश्राम करते दिखे, तो पंक्षी भी अपने घोसले में चले गए थे। गर्मी से राहत पाने के लिए कई गलियों में कुत्तों को नाली के पानी में बैठे देखा गया। गर्मी के कारण ही जिले के किसान भोर में रबी फसल की कटनी, दवनी व थ्रेसिंग का काम कर रहे हैं। लू-धूप व गर्मी से बचने के लिए लोग सुबह दस बजे के बाद बहुत जरूरी होने पर घरों से बाहर निकल निकल रहे हैं। तीखी धूप व गरम पछुआ हवा के कारण सब्जी के पौधों की सिंचाई जल्दी-जल्दी करनी पड़ रही है। किसान प्रदीप मौर्या व धर्मेंद्र ने बताया कि तेज धूप व लू के बीच दिन में कटनी एवं थ्रेसिंग के दौरान हार्वेस्टर तथा थ्रेसर से आग की चिंगारी निकल रही है, जिससे आग लगने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में किसान व मजदूर भोर में कटनी, दवनी, थ्रेसिंग का काम कर रहे हैं और दिन में आराम कर रहे हैं। कृषि मजदूर प्रेम गोंड, नरेश मल्लाह, श्याम किशोर ने बताया कि गर्मी से बचने के लिए खेतों में भोर में काम कर रहे हैं। धूप में काम करने से बीमार होने का डर बना रहता है। हीटवेव की स्थिति कब बनती है धूप और लू असामान्य हो और ऐसी स्थिति दो-तीन दिनों से बनी रह रही हो या तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक हो, तब उसे हीटवेव कहते हैं। कैमूर की स्थिति यही बनी हुई है। गुरुवार की दोपहर 1:15 बजे भभुआ शहर की सड़क पर बहुत कम लोग नजर आए। ग्राहकों के नहीं आने से कुछ दुकानों का शटर आधा गिरा हुआ दिखा। दुकानदार अंदर में आराम कर रहे थे। कुछ दुकानदार लुडो व तास खेलते दिखे। दुकानदार संतोष कुमार व राजन गुप्ता ने बताया कि इस मौसम में कारोबार प्रभावित हो रहा है। तीखी धूप से पशु-पंक्षी भी दिखे बेहाल तीखी धूप व लू के कारण पशु-पंक्षी भी बेहाल रहे। गुरुवार की दोपहर मुंडेश्वरी सिनेमा हॉल के सामने पेड़ के नीचे छाया में तीन मवेशी खड़े दिखे। पशुपालक अनिल तिवारी अपनी गायों को शेड में बांधे थे, जिसमें पंखा भी चल रहा था। ठंडक बनाए रखने के लिए शेड के उपर बोरा डाला गया है। उन्होंने बताया कि मवेशियों को छाया में ही दो-तीन बार नहलवाया जा रहा है। सिवों के पास पेड़ की छाया में मवेशी बंधे दिखे। फोटो- 16 अप्रैल भभुआ- 3 कैप्शन- धूप से बचने के लिए शहर के कचहरी पथ से दुपट्टा ओढ़कर पढ़ने के लिए जातीं एएनएम की छात्राएं व अन्य।

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