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गेहुअनवा नदी की होती खुदाई तो कम होता बाढ़ का असर (पेज चार)

हिन्दुस्तान टीम,भभुआPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 07:50 PM
गेहुअनवा नदी की होती खुदाई तो कम होता बाढ़ का असर (पेज चार)

जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से उपेक्षित पड़े हैं दुर्गावती के दक्षिणी इलाके के लोग

लंबे दिनों से मांग किए जाने के बाद भी गेहुअनवा नदी की नहीं कराई गई खुदाई

दुर्गावती। एक संवाददाता

कैमूर जिले में बाढ़ की विभीषिका से हर साल हजारों हेक्टेयर में लगी फसल नष्ट हो जाती है। अगर गेहुअनवा नदी की खुदाई कर दी जाए तो दुर्गावती व चांद प्रखंड के दर्जनों गांव में बाढ़ का प्रभाव कम हो जाता। ग्रामीणों का मानना है कि गेहुअनवा नदी पूरी तरह से छिछली नदी है। इस रास्ते से चांद प्रखंड के दक्षिणी इलाके के पानी का निकास इससे होता है। पहाड़ी इलाकों से चांद प्रखंड होते हुए यह नदी दुर्गावती में आकर चोगड़ा के समीप मिलती है। इस नदी से दुर्गावती प्रखंड के सओहपुर, मधुरा, इसीपुर, गोसेसीपुर, मनोहरपुर, खामिदौरा, मच्छनहटा व चांद प्रखंड के बराढ़ी, चौरी, केसरी, कलौरा, पौरा आदि गांवों के पानी का निकास इस नदी से होता है। मच्छनहटा के सामाजिक कार्यकर्ता हरि जी सिंह का कहना है कि यह मांग काफी दिनों से की जा रही है। छावों के गजानंद यादव का कहना है कि लंबे अरसे से जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से दुर्गावती के दक्षिणी इलाके उपेक्षित हैं। बराढ़ी के मदन सिंह का कहना है कि अगर गेहुअनवा नदी की खुदाई हो जाती तो हजारों हेक्टेयर की फसल बाढ़ की भेंट चढ़ने से बच जाती।

यूपी के सीमावर्ती क्षेत्र में कर्मनाश नदी का दिखता है रौद्र रूप

दुर्गावती। प्रखंड क्षेत्र में पांच-छह दिनों से रूक-रूककर बारिश हो रही है, जिससे कर्मनाशा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। ग्रामीण अनाज, चारा, उपयोगी सामग्री को सुरक्षित करने व अपना ठिकाना बदलने की तैयारी में जुट गए हैं। वैसे जिला प्रशासन ने बाढ़ से बचाव व राहत का इंतजाम कर लिया है। यूपी के सीमावर्ती क्षेत्र के गांव कानपुर, धनसराय, धड़हर, सरैयां, खजुरा, लरमा, जमुरनी, छाता, करारी, जेवरी, पचिलखी, मसौढ़ा, निपरान, गढ़वा, बड़हरा आदि कर्मनाशा नदी के बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कानपुर गांव के बीरेन्द्र सिंह का कहना है कि नदी में जब बाढ़ आती है तब हमलोगों की परेशानी बढ़ जाती है और बाहरी दुनिया के संपर्क से कट जाते हैं। सरैयां के सराफत अली का कहना है कि बाढ़ का पानी गांव को घेर लेता है, जिससे कई दिनों तक दिनचर्या प्रभावित हो जाती है।

फोटो- 17 जून भभुआ- 10

कैप्शन- दुर्गावती-ककरैत घाट पथ में चेहरिया के समीप का यह खेत बाढ़ के पानी से घिर जाता है।

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