प्रथम चरण में 559 जंगली जानवरों को मारने का लक्ष्य

Feb 14, 2026 08:45 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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सरकार ने सिर्फ मैदानी इलाकों में ही जंगली सुवर व घोड़परास मारने का दिया है निर्देश मुखिया की रिपोर्ट पर पंचायतों में पहुंचकर जंगली सुवर व घोड़परास को मार रहे शूटर

प्रथम चरण में 559 जंगली जानवरों को मारने का लक्ष्य

सरकार ने सिर्फ मैदानी इलाकों में ही जंगली सुवर व घोड़परास मारने का दिया है निर्देश मुखिया की रिपोर्ट पर पंचायतों में पहुंचकर जंगली सुवर व घोड़परास को मार रहे शूटर ग्राफिक्स 419 घोड़परास को मारने की शूटरों को मिली है सूची 140 जंगली सुअरों को भी मुखिया की रिपोर्ट पर मारेंगे (पड़ताल) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर के किसानों को खेतों में लगी रबी, खरीफ, सब्जी, दलहन, तेलहन की फसल को बर्बाद कर रहे जंगली जानवरों से अब मुक्ति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों की शिकायत के बाद वन एवं जलवायु पर्यावरण तथा पंचायती राज विभाग की रिपोर्ट पर सरकार ने जंगली जानवरों को मारने का आदेश दिया है।

सरकार के निर्देश के बाद कैमूर में जंगली जानवरों को मारने के लिए हैदराबाद से शूटर बुलाए गए हैं। मुखिया द्वारा पंचायत के बधार में फसलों को बर्बाद कर रहे जंगली सुवर एवं घोड़परास की संख्या जिला पंचायती राज कार्यालय में सौंपी जा रही है। इसी के आधार पर मुखिया व पंचायत सचिव की देखरेख में बारी-बारी से पंचायतों में पहुंचकर शूटर जंगली सुवर व घोड़परास को मार कर रहे हैं। जिला पंचायती राज कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, हैदराबाद के मुख्य शूटर नवाब शफाथ अली खान के नेतृत्व में शूटरों की टीम कैमूर आई है। सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार, मारे जा रहे घोड़परास व जंगली सुवरों को विधिवत जमीन में दफनाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रति जानवरों को दफनाने पर दो हजार रुपये खर्च करना है। जानवरों के शव को दफनाने की कार्रवाई नहीं किए जाने पर वातावरण प्रदूषित होगा। शव सड़ने के बाद उसमें से दुर्गंध निकलेगी, जिससे आसपास के लोगों को भी काफी परेशानी होगी। इसलिए सरकार शवों को दफन करवा रही है। मैदानी भाग में जानवरों को मारना है मैदानी भाग के जानवरों को मारना है भभुआ। सरकार एवं विभाग द्वारा सिर्फ मैदानी इलाकों में फसल को नुकसान पहुंचा रहे घोड़परास व जंगली सुवरों को मारा जाएगा। जिले के सुरक्षित वन क्षेत्र में यह कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस टीम के सदस्यों ने अब तक रामगढ़ प्रखंड की अहिवास व डरवन में 18 नीलगाय तथा चांद प्रखंड की चांद और चौरी पंचायत में 39 घोड़परास को मार गिराया है। शनिवार को कुदरा प्रखंड की मेउड़ा पंचायत के बड़का कझार, जमुनीपुर, विश्वनाथपुर इलाके में शूटरों की टीम वहां के मुखिया सुदर्शन सिंह के नेतृत्व जंगली जानवरों को मारने का अभियान चलाया जा रहा है। कैमूर के किसानों दिख रही में खुशी भभुआ। सरकार की पहल पर हैदराबाद से आए शूटरों द्वारा घोड़परास व जंगली सुअरों को मारे जाने की कार्रवाई से जिले के किसानों में खुशी है। किसान परमानन्द सिंह, पप्पू पांडेय, मुन्ना उपाध्याय, मुकेश सिंह व रामाशंकर तिवारी ने बताया कि घोड़परास व जंगली सुवरों द्वारा हर साल खेतों में लगी खरीफ व रबी फसल को रौंदकर तथा खा जाते हैं। इससे हम किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंच रहा है। किसानों ने बताया कि अभी खेती में लागत बढ़ गई है। खाद, बीज, खेत की जुताई, सिंचाई, कीटनाशक दवा का छिड़काव व मजदूरी पर हजारों रुपए खर्च हो रहे हैं। ऐसे में सालभर का खर्च जुटाना मुश्किल हो जाता है। 12 पंचायतों के मुखियो ने सौंपी सूची भभुआ। रबी फसल को बर्बाद कर रहे घोड़परास व जंगली सुवरों को मारने के लिए अब-तक कैमूर जिले के 12 पंचायतों के मुखियों द्वारा जिला पंचायती राज कार्यालय में सूची सौंपी गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चांद के चौरी में 25 घोड़परास, दुल्ही में 20, भरारी कला में 10, चांद में 15, लोहदन में 20, सौखरा में 40, शिवरामपुर में 25 व पाढ़ी में 15, रामगढ़ के अकोढ़ी में 29 घोड़परास व 30 जंगली सुवर, सदुल्हपुर-डरवन में 90 घोड़परास व 100 जंगली सुवर, अहिवास में 100 घोड़परास तथा कुदरा के मेउ़डा में मुखिया द्वारा 30 घोड़परास को मारने के लिए जिला पंचायती राज विभाग के पास सूची भेजी गई है। फोटो-14 फरवरी भभुआ- 13 कैप्शन- मरिचांव गेट व रतवार के बीच बधार में लगी फसल में भ्रमण करता नीलगाय का झुंड।

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