Girl dies in Dog controversy - कुत्ते को ले विवाद में चली गोली से बच्ची की मौत DA Image

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कुत्ते को ले विवाद में चली गोली से बच्ची की मौत

कुत्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद में चली गोली से सात वर्षीया बच्ची की मौत हो गई। यह घटना चांद थाना क्षेत्र के पंवरा गांव में शनिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे हुई। मृतका अंजू कुमारी पंवरा गांव के भीम तिवारी की बेटी थी। मामले में मृतका की मां आशा तिवारी के बयान पर चांद थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है, जिसमें विश्वजीत सिंह, सोनू सिंह, ज्ञान सिंह, महेश्वर सिंह, सुड्डू सिंह, पीयुष सिंह को नामजद किया गया है। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर पर गई थी। लेकिन, आरोपित फरार हैं। हालांकि पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मृतका की मां ने पुलिस को बताया कि उसके बड़े ससुर प्यारे तिवारी शाम में पांच बजे यजमानी कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान विश्वजीत सिंह का कुत्ता उन्हें काटने के लिए दौड़ा। प्यारे ने उसपर एक ढेला चला दिया। यह देख सोनू सिंह ने पूछा कि कुत्ते को क्यों मार रहे हो? इसपर उसके ससुर ने कहा कि आपका कुत्ता काटेगा? इसपर बहस होने लगी। सोनू उनके साथ उठा-पटक करने लगा। फिर झगड़ा खत्म हो गया। थोड़ी देर में पुलिस आ गई। दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर और दुबारा झगड़ा नहीं करने की बात समझाकर पुलिस लौट गई।

उसने पुलिस को बताया कि पुलिस के जाने के बाद काफी संख्या में लोग आए और फिर झगड़ा शुरू कर दिए। इसी दौरान अंजू घर से बाहर निकली। विश्वजीत ने जो गोली चलाई थी वह अंजू की गर्दन में जा लगी, जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

पांच चक्र चलाई गई गोलियां
विवाद के दौरान पांच चक्र गोलियां चलाई गईं। इससे ग्रामीणों में दहशत मच गया और सभी अपने घरों का दरवाजा बंद कर अंदर चले गए। ग्रामीणों ने बताया कि महिलाएं शौच करने बाहर नहीं जा सकीं। किसान रोपनीहारों व खाद डालनेवाले तथा सिंचाई कराने के लिए मजदूरों के घर जाकर खेत में काम करने के लिए उनसे कहने नहीं जा सके। जब पुलिस दुबारा गांव में आई तब ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल सकें।

रोड़ेबाजी में जख्मी हुए हैं दो आरोपित
ग्रामीण सूत्र बताते हैं कि गोलीबारी की घटना से पहले दूसरे पक्ष द्वारा रोड़बाजी की गई। इस घटना में गोली कांड के आरोपित बनाए गए ज्ञान सिंह व सोनू सिंह घायल हो गए। दोनों को इलाज कराने के लिए चांद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लाया गया। ज्ञान सिंह की गंभीर हालत को देख प्राथमिक उपचार करने के बाद डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर बेहतर इलाज कराने के लिए बीएचयू स्थित ट्राम सेंटर चले गए हैं। जबकि सोनू का उपचार कर अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।

पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
घटना के बाद पहुंची पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए अपने कब्जे में लेना चाह रही थी। लेकिन, पीड़ित परिजनों ने उन्हें रोक दिया और एसपी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। बच्ची की मौत करीब 7.30 बजे हुई थी। लेकिन, पुलिस को परिजनों को समझाकर शव उठाने में नौ घंटे लग गए। पांच बजे सुबह में किसी तरह परिजन माने तब पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भिजवाया।

भीम की एकलौटी बेटी थी अंजू
भीम तिवारी की अंजू एकलौती बेटी थी, जो पंवरा गांव के स्कूल व आंगनबाड़ी में पढ़ती थी। मृतका के चाचा राजू तिवारी ने बताया कि भीम कहता था कि एक ही बेटी है। इसे खूब पढ़ाएंगे और अगर नौकरी मिली तो ठीक है अन्यथा उसके लिए कुछ बेहतर करेंगे। लेकिन, उसका सपना उसकी मौत के साथ ही दफन हो गया। चाचा अर्जुन कुमार ने बताया कि विवाद खत्म हो गया था। लेकिन, विश्वजीत ने बढ़ा दिया। अब पूरा गांव दहशत में है।

हत्या मामले में मृतका की मां के बयान पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपित अपने घर से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
सचिन कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष
 

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