अधिकारी कम कर रहे वाहनों का उपयोग, मंत्री के काफिले दिखे
जिला प्रशासन ने ईंधन संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद अधिकारियों ने पहल की है। मंत्री मो. जमा खान के साथ कई वाहन चल रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि अतिरिक्त वाहनों को रोक नहीं पा रहे हैं। डीएम नितिन कुमार सिंह ने भी वाहनों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है।

जिला प्रशासन ने शुरू किया जागरूकता अभियान, अधिकारियों को दिया निर्देश इंधन बचाने के लिए डीएम-एसपी के साथ एक वाहन चल रहे हैं सुरक्षा में (पटना का टास्क) भभुआ, हिन्दुस्तान टीम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद वैश्विक तेल की कीमतों में अस्थिरता (पश्चिम एशिया संकट) के कारण ईंधन संरक्षण के लिए अधिकारियों ने पहल शुरू कर दी है, जबकि मंत्री बनने के बाद पहली बार मंगलवार को कैमूर आने के बाद मो. जमा खान की गाड़ी के पीछे वाहनों का काफिला दिखा। हालांकि यह वाहन पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों के थे। जनप्रतिनिधि शादी-विवाह में शिरकत करने जा रहे हैं, तो उनके साथ भी अतिरिक्त वाहन उनके समर्थकों के देखे जा रहे हैं। हालांकि उन्हें जनप्रतिनिधि रोक नहीं पा रहे हैं।
इंधन बचाने के लिए कार्रवाई
जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह कहते हैं कि इंधन बचाने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। आमजनों, अधिकारियों व कर्मचारियों को जागरूकर किया जा रहा है। वह खुद जरूरी काम से वाहन से फिल्ड में निकल रहे हैं। पुलिस विभाग के एक वरीय अधिकारी ने नाम नहीं उजागर करने की शर्त पर बताया कि अभी तक इससे संबंधित कोई आदेश विभाग से नहीं मिला है। घटना-दुर्घटना होने पर ही अधिकारी स्थल पर जांच करने जा रहे हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार वाहन साथ चल रहे हैं।
मंत्री का बयान
मंत्री मो. जमा खान कहते हैं कि वह एक ही वाहन का उपयोग कर रहे हैं। उनके समर्थक या पार्टी कार्यकर्ता अपने वाहन से चल रहे हैं। लेकिन, उन्हें भी मना किया जा रहा है। हालांकि उन्होंने प्रोटोकॉल का हवाला दिया और कहा कि सुरक्षा में उनकी वाहन के साथ एक गाड़ी साथ चल रही है। दरअसल, मंगलवार को चैनपुर विधायक सह मंत्री मो. जमा खान अपने घर जा रहे थे। सड़क मार्ग के जाने के दौरान भभुआ में दोपहर में उनके साथ लावलश्कर भी चल रहे थे। इनमें ज्यादातर काले रंग के वाहन थे। वह भभुआ, भगवानपुर होते हुए चैनपुर पहुंचे।
अधिकारियों के निर्देश
डीएम-एसपी के वाहन के साथ स्कॉट गाड़ी डीएम नितिन कुमार सिंह व एसपी हरिमोहन शुक्ला अपने वाहनों के अलावा सुरक्षा कर्मियों की कए स्कॉट गाड़ी से जिले में कार्यालय से लेकर योजना व दफ्तरों के निरीक्षण और घटना स्थल पर जाते देखे जा रहे हैं। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को भी अपने वाहनों की संख्या कम करने व आवश्यक कार्य के लिए उपयोग करने को कहा है। हालांकि प्रधानमंत्री ने कार्यालयों में वर्चुअल बैठकें और घर से कार्य करने की नीति को बढ़ावा देने की बात कही है, ताकि परिवहन की आवश्यकता कम हो।
जन आंदोलन की आवश्यकता
सभी को मिलकर जन आंदोलन का रूप देना होगा भभुआ की प्रो. कमला सिंह कहती हैं कि वैश्विक संकट के इस दौर में सभी को मिलकर काम करने की जरूरती है। इसे जनआंदोलन का रूप दिया जा सकता है। प्रशासन को टोली बनाकर गांव व शहर में जाना होगा। आमजनों की मदद से जागरूकता अभियान चलाना होगा। इसके तहत जागरूकता रैली, गोष्ठी, संवाद कार्यक्रम आयोजित करना होगा। कोट मैं एक वाहन से क्षेत्र का दौरा करता हूं। मेरे साथ दूसरी गाड़ी पर सुरक्षा बल के जवान होते हैं। प्रधानमंत्री जी की अपील उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री, मंत्री, एमपी, विधायक को भी मानना चाहिए।
वाहनों का उपयोग
मनोज कुमार, सांसद, सासाराम कोट आवश्यक कार्य में ही वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। वाहनों की संख्या कम कर दी गई है। प्रोटोकॉल का पालन करना होता है। अधिकारियों को भी कहा गया है कि वह अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें। मो. जमा खान, मंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग कोट इंधन की बचत करने के लिए भी उचित कदम है वह उठाया जा रहा है। आमजनों को भी जागरूक किया जा रहा है। पदाधिकारियों को भी सचेत किया गया है। जरूरी काम रहने पर ही वाहन का उपयोग हो रहा है। नितिन कुमार सिंह, डीएम, कैमूर (भभुआ से उदय प्रकाश व श्रीकांत पांडेय) फोटो-13 मई भभुआ- 3 कैप्शन- मंत्री बनने के बाद पहली बार कैमूर आए मो. जमा खान के वाहन के साथ मंगलवार को भभुआ से गुजरता वाहनों का काफिला।


