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पूर्व मुख्यमंत्री ने वन विभाग के रेंजर को बैठक से बाहर निकाला

कहा, डीएफओ को बैठक में बुलाया गया था, अपनी जगह रेंजर को भेज दिया शराबबंदी कानून में सुधार की जरूरत बताई, दो पैग पीने पर दवा का करता है...

पूर्व मुख्यमंत्री ने वन विभाग के रेंजर को बैठक से बाहर निकाला
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,भभुआFri, 22 Jul 2022 08:10 PM
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कहा, डीएफओ को बैठक में बुलाया गया था, अपनी जगह रेंजर को भेज दिया

शराबबंदी कानून में सुधार की जरूरत बताई, दो पैग पीने पर दवा का करता है काम

भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को जिला अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान वन विभाग के रेंजर को बैठक से बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में डीएफओ को बुलाया गया था। लेकिन, डीएफओ खुद नहीं आकर अपनी जगह रेंजर को भेज दिया था। डीएफओ को बैठक में उपस्थित नहीं होने के कारण वन विभाग से संबंधित योजनाओं की समीक्षा नहीं हो सकी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अधौरा मे वनवासियों के विकास के लिए प्रशासन द्वारा समुचित कार्य नहीं किए गए। अधौरा प्रखंड के सिर्फ तीन गांव में ही बिजली की सुविधा है। अधिकांश गांव में सड़क की व्यवस्था नहीं है। इससे उन्हें कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग के द्वारा वनवासियों के विरुद्ध कई तरह की कार्रवाई की जा रही है। जबकि वर्ष 1995 में वनवासियों के लिए अलग कानून बनाया गया है। कानून में इस बात का उल्लेख किया गया है कि अगर जंगलों में 25% जनसंख्या है तो वहां के लोग महुआ, पियार आदि का उपयोग अपने आवश्यक कार्यों के लिए कर सकते हैं। जबकि वन विभाग द्वारा तो चार किलो महुआ तथा कुछ लकड़ियों के साथ वनवासियों को पकड़ कर जेल में बंद कर दिया जा रहा है। यह नियम के विरुद्ध है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एससी के लोगों के लिए कई तरह के कानून बनाए गए हैं, ताकि उनके विरुद्ध लोगों द्वारा किसी तरह का अत्याचार नहीं किया जा सके। उन्होंने बताया कि अफसरों के साथ समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कैमूर जिले में अनुसूचित जाति जनजाति से संबंधित माननीय न्यायालय एवं पुलिस में कई केस पेंडिंग है। सरकार ने एससी एसटी वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए यह प्रावधान किया है कि पुलिस द्वारा गवाहों को सुरक्षा के बीच न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए, ताकि उन्हें ससमय न्याय मिल सके। लेकिन, यहां पुलिस प्रशासन द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है। इस कारण एससी-एसटी वर्ग के लोगों से संबंधित इतना भारी संख्या में केस पेंडिंग पड़ा है।

दो पैक शराब पीने पर दवा का काम करता है

भभुआ। पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि शराब का प्रयोग अगर व्यसन के रूप में करते हैं, तो गलत है। लेकिन, अगर कोई व्यक्ति दो पैग शराब पीकर सो जाता है तो वह दवा का काम करता है। उन्होंने कहा कि बड़े लोग रात्रि के समय प्रतिदिन शराब पीकर सो जाते हैं। जबकि छोटे वर्ग के लोग शराब पीकर रोड पर घूमने लगते हैं। इस कारण उन्हें पुलिस पकड़ कर जेल भेज रही है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने शराबबंदी कानून में दो-तीन तरह का सुधार किया ह।ै अभी भी आवश्यकता के अनुसार कुछ संशोधन किया जाएगा।

पूर्व सभापति ने दिया मांगों का ज्ञापन

भभुआ। हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से मुलकात कर स्मार्ट मीटर, गरीबों के उत्थान के कार्य के लिए, बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स को वापस लेने और 100 लोगों पर हुए हुई एफआईआर को वापस लेने ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग को पूरी कराने की दिशा में पहल करने का आश्वसन दिया।

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