Bhabua News: नदी में जलस्तर बढ़ा तो फिर होगा कटाव, गांव में घुसेगा पानी
Bhabua News: कटाव रोकने के लिए रखी गई बालूभरी बोरी की छल्ली नदी में गिरने से चिंता बढ़ी। 60 महादलित परिवार कुड़ारी गांव से दूसरी जगह चले गए। दुर्गावती नदी के तट पर बसा गांव हर बरसात में जलभराव का सामना करता है, जिससे फसलें नष्ट होती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

Bhabua News: कटाव रोकने के लिए रखी गई बालूभरी बोरी की छल्ली नदी में गिरने से चिंता बढ़ी बाढ़ से बचने के लिए कुड़ारी का 60 महादलित परिवार चला गया दूसरी जगह रामपुर, एक संवाददाता। प्रखंड का कुड़ारी गांव दुर्गावती नदी के तट पर बसा है।
कटाव की समस्या
जब नदी उफान पर होती है, तब नदी के तट का कटाव शुरू हो जाता था। तब नदी का पानी गांव में घुस जाता है और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ जाती है। खेत में लगी फसल भी डूबकर नष्ट हो जाती है। हालांकि तटबंध के कटाव को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा बालू भरी बोरी रखकर पानी को रोकने का उपाया किया जाता है, पर यह कारगर साबित नहीं हो पाता है।
ग्रामीणों की चिंताएँ
कुड़ारी के ग्रामीण शेखर उपाध्याय, इंद्रदेव सिंह व राजू उपाध्याय ने बताया कि अगर तेज बारिश हुई और दुर्गावती जलाशय परियोजना के डैम से भी पानी छोड़ा गया, तो गांव में पानी घुसना तय है। उनका कहना है कि यहां के लोगों की जीविका खेती और मजदूरी पर निर्भर है। कुछ लोग व्यवसाय भी करते हैं। गांव में चिमनी भट्ठा भी है। अगर नदी का पानी गांव में घुसता है, तो हमलोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
प्रशासन से मदद की गुहार
बताया गया है कि जब पहले जब भी नदी उफान पर रही है, तब तटबंध का कटाव हुआ है। इस बार अभी तक नदी का जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ा है। ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से नदी के कटाव व उसके पानी को रोकने के लिए बालू की बोरी रखवाने की गुहार लगाई है। अगर पानी और कटाव को रोकने का इंतजाम नहीं हुआ और फसल डूबकर नष्ट होती है, तो भोजन का इंतजाम करना मुश्किल होगा। कोट जिला मुख्यालय में बाढ़ नियंत्रण समिति की बैठक होती है, जिसमें बक्सर के भी अधिकारी आते हैं। बैठक में कुड़ारी व अन्य जगहों पर जहां इस तरह की परेशानी होती होगी, वहां की समस्या को रखा जाएगा। ऋतुरंजन कुमार, बीडीओ रामपुर


