बारिश से रबी फसल की दवनी-कटनी का काम प्रभावित
कैमूर में लगभग 10-15 प्रतिशत गेहूं की कटनी हो चुकी है। बेमौसम बारिश और ठंडी हवा के कारण फसल की कटाई प्रभावित हो रही है। किसान चिंतित हैं कि अगर मौसम ठीक रहता तो कटनी 25-30 प्रतिशत हो जाती। पिछले साल की तुलना में फसल की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है।

कैमूर में अभी लगभग 10-15 प्रतिशत गेहूं की कटनी का कार्य हो सका है, मौसम ठीक रहता तो 25-30% हो जाती कटनी कुछ किसान फसल काटकर रखे हैं खलिहान में, बचाने को ले हो रहे चिंतित बूंदाबांदी, बादल और ठंडी हवा से गेहूं के डंठल में नमी, कोर्ट में पेड़ गिरा (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर जिले में पिछले सप्ताह से बीच-बीच में हवा के साथ बारिश का सिलसिला जारी है। रविवार को भी कहीं बूंदाबादी तो कहीं रिमझिम बारिश हुई। भगवानपुर में तो बर्फ के छींटे भी पड़े हैं। इससे रबी फसल की कटनी-दवनी का कार्य प्रभावित हो रहा है।
हालांकि रामपुर में बूंदाबांदी से काम प्रभावित नहीं हुआ है। लेकिन, अन्य प्रखंडों में कृषि कार्य प्रभावित हुए हैं। खेतों की खड़ी और काटकर खलिहानों में रखे गेहूं के बोझे के ठंडल में नमी आने से कटनी-दवनी बंद है। हवा के कारण कचरी परिसर में पेड़ गिर गया। किसान राममूरत पांडेय, विजय बहादुर पासवान व बगेदु गोंड ने बताया कि रविवार को हार्वेस्टर से गेहूं की कटाई हो रही थी। इस दौरान अचानक तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश शुरू होने के बाद हार्वेस्टर बंद हो गया। गेहूं के डंठल में नमी के कारण सोमवार को सुबह में काफी विलंब से कटाई का कार्य प्रारंभ हुआ। जिला कृषि कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, कैमूर जिले में अभी लगभग 10-15 प्रतिशत गेहूं की कटनी का कार्य हुआ है। विभागीय अफसरों का कहना है कि अगर मौसम अनुकूल रहता तो जिले में अबतक गेहूं कटाई का कार्य 25 से 30 प्रतिशत तक निपट गया होता। जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि आंधी-पानी से किस क्षेत्र में किसानों की फसल नुकसान हुई है, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकारों से इसकी जांच कर रिपोर्ट की मांग की गई है। हालांकि डीएओ ने बताया कि कैमूर जिले में अभी आंधी-पानी से फसल की क्षति होने की सूचना कहीं से नहीं मिली है। मौसम की बेरुखी से माथा ठोक रहे किसान भभुआ। बेमौसम हो रही बारिश से रबी फसल की क्षति होते देख कैमूर के किसान चिंतित होने लगे हैं। घर की सारी पूंजी खेती में लगाने एवं कड़ी मेहनत के बाद जब फसल तैयार हुई तो किसानों ने अनेकों सपना देखा। अनाज को बेचकर बेटे को अच्छे विद्यालय में नामांकन कराएंगे। बिटिया की अच्छे घर में शादी करेंगे। परिवार के सदस्यों के लिए कपड़े खरीदेंगे। किसान रामानन्द सिंह, पारस सिंह, सत्यनारायण पांडेय व पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि बीच-बीच में हो रही बेमौसम बारिश को देख आंखों की नींद हराम हो गई है। गेहूं की फसल अभी खेत में लगी है। पिछले साल से बेहतर पैदावार की उम्मीद भभुआ। जिले के किसानों में पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। किसान संजय सिंह, सुरेन्द्र पांडेय, मोहन बिन्द, चुनमुन मिश्रा व संत पांडेय ने बताया कि इस साल खेत में गेहूं की फसल अच्छी लगी है। खेती की शुरुआती दौर में मौसम विपरीत रहने के कारण गेहूं की बुआई का कार्य कुछ पिछड़ गया था। बाद में मौसम अनुकूल हो गया और फसल अच्छी लगी। उक्त किसानों ने यह भी बताया कि अगर आंधी-बारिश नहीं आती तो गेहूं की कटनी हो जाती, जिसके बेचने से उन्हें समय पर पैसा मिल जाता और वह धान की खेती में जुट जाते। आसमान में उमड़-घुमड़ रहे हैं रंग-बिरंगे बादल भभुआ। चार-पांच दिनों से जिले में तेज पछुआ हवा चलने का सिलसिला जारी है। आसमान में बादल उमड़-घुमड़ रहे हैं। सोमवार को भी समय-समय पर आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादल को देख किसान चिंतित होने लगे। किसानों का कहना है कि इस मौसम में अगर आंधी व बारिश हुई तो हम किसानों को काफी नुकसान होगा। पिछली बार भी बारिश हुई तो कई किसानों की फसल खेत में गिर गई। अगर आंधी-बारिश नहीं हुई तो उपल अच्छी होगी। फोटो-06 अप्रैल भभुआ- 6 कैप्शन- भभुआ में रविवार की शाम हवा व पानी के बीच सारंगपुर बधार में गिरी गेहूं की फसल।
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