पारा 43 डिग्री पहुंचा, चमड़ी झुलसा रही थीं सूर्य की किरणें

हिन्दुस्तान, भभुआ
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गर्मी के प्रकोप से मनुष्य, मवेशी और पंक्षी परेशान हैं। अधिकतम तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश से तापमान में गिरावट आने की संभावना है। अस्पताल में मौसमजनित रोगों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

पारा 43 डिग्री पहुंचा, चमड़ी झुलसा रही थीं सूर्य की किरणें

गर्मी के बढ़ते प्रकोप से मनुष्य, मवेशी और पंक्षी भी हो रहे हलकान सामान्य से अधिक तापमान रहने से सहन नहीं कर पा रहे बच्चे-वृद्ध (पेज चार) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण कैमूर की धरती तपने लगी है। दिन में नौ बजे ही सूर्य की किरणें बदन को जलाने लगी थीं। जो हालात हैं, उसको देखते हुए अभी आगे भी गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना जतायी जा रही है। मौसम विभाग के पोर्टल के अनुसार, बुधवार को भी यही स्थिति रहेगी। हालांकि गुरुवार को बारिश होने और तापमान में गिरावट आने का पूर्वानुमान है। मंगलवार को अधिकतम 43 और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि बुधवार को भी अधिकतम तापमान इतना ही रहने का पूर्वानुमान है। लेकिन, न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की वृद्धि की संभावना है। 11 जून को बारिश होने पर तापमान में 3 डिग्री गिरावट होने की उम्मीद है। लेकिन, इसके हर रोज एक डिग्री तापमान बढ़ने की रिपोर्ट है। हालांकि 16-18 जून तक बारिश होने की संभावना है। दोपहर में एक बजे 40, दो से चार बजे तक 42 डिग्री तापमान रहा। गर्मी हवा की रफ्तार 16 किमी. प्रतिघंटा थी।

गर्मी का प्रभाव

शहर के 72 वर्षीय जगदीश सिंह कहते हैं कि पहले जब धरती तपती थी, तब कहते थे कि रोग-व्याधि बढ़ाने वाले कीड़े मर जाएंगे। लेकिन, जलवायु परिवर्तन से गर्मी के इस सितम में कुछ कहना मुमकिन नहीं है। हालांकि उन्होंने संभावना जताई कि ज्यादा गर्मी होने पर अक्सर तेज आंधी के साथ बारिश होती है। तापमान से ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है भूगोल शास्त्र के प्राध्यापक डॉ. सोनू सहाय कहते हैं कि गर्मी में बह रहे पसीने के कारण लोग खुद को बेजान-सा महसूस कर रहे हैं। जून के इस प्रथम पखवारा में तापमान 43-44 डिग्री रहना कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन, जितना तापमान रह रहा है, उससे कहीं ज्यादा गर्मी व तपन महसूस हो रही है। यह सब जलवायु परिवर्तन का असर है। बेसमय बारिश और मौसम में बदलाव का असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। हवा में नमी महसूस ही नहीं हो रही है। रात में भी गर्म हवा चल रही है।

अस्पताल में मरीजों की संख्या

अस्पताल में मरीजों की लग रही कतार सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त के मरीजों की कतार देखी जा रही है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि इन दिनों मौसमजनित रोग से बीमार 150-200 मरीज रोजाना अस्पताल में स्वास्थ्य जांच व इलाज कराने आ रहे हैं। इनमें से करीब 50 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। एसएनसीयू, पीडियाट्रिक, जेरियाट्रिक, इमरजेंसी वार्ड में रोजाना मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इलाज के लिए दवा पर्याप्त है। (भभुआ से संजय क्रांति) फोटो- 09 जून भभुआ- 3 कैप्शन- शहर के चकबंदी रोड से कोचिंग पढ़कर मंगलवार को धूप से बचाव करने के लिए दुपट्टा ओढ़कर लौटतीं छात्राएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गर्मी के कारण कितने मरीज अस्पताल में आ रहे हैं?
इन दिनों मौसमजनित रोग से बीमार 150-200 मरीज रोजाना अस्पताल में स्वास्थ्य जांच व इलाज कराने आ रहे हैं।
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