अधौरा-भगवानपुर सड़क का अबतक नहीं किया जा सका चौड़ीकरण
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ को जोड़नेवाली भभुआ-अधौरा सड़क का किया जाना था चौड़ीकरण इस पथ के चौड़ा हो जाने से कैमूर व अन्य जिले के व्यवसाइयों को होगा लाभ

मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ को जोड़नेवाली भभुआ-अधौरा सड़क का किया जाना था चौड़ीकरण सिंगल रोड से यात्रा करते समय दोनों ओर से वाहन आने पर होती है परेशानी इस पथ के चौड़ा हो जाने से कैमूर व अन्य जिले के व्यवसाइयों को होगा लाभ (पेज चार की लीड खबर) अधौरा, एक संवाददाता। चार राज्यों को जोड़नेवाली भगवानपुर-अधौरा सड़क का अब तक चौड़ीकरण नहीं किया जा सका। जबकि इसके लिए प्राक्कलन भी तैयार कर लिया गया था। सूत्र बताते हैं कि चार साल पहले इस पथ का चौड़ीकरण करने के लिए इंजीनियरों का दल यहां आया था। इस दल द्वारा इसका मुआयना किया था।
भगवानपुर से अधौरा की दूरी करीब 40 किमी. है। कैमूर का अधौरा प्रखंड जंगल-पहाड़ से घिरा है। यह सिंगल रोड है। इस पथूं कुछ ऐसी जगह है, जहां सड़क के दोनों ओर से वाहन आ जाने से रोड जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है। बताया गया है कि केंद्र सरकार द्वारा एशियन विकास बैंक की मदद से इस पथ के कुछ हिस्सों को चौड़ी कराई जानी है। सड़क चौड़ी हो जाने से बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड की राह आसान हो जाएगी। इस पथ से दो गाड़ियों के आने-जाने की दिक्कत दूर हो जाएगी। बताया गया है कि अधौरा प्रखंड के हिस्से की 15.40 किमी. सड़क चौड़ीकरण का प्राक्कलन तैयार किया गया था। इस कार्य पर खर्च होनेवाले 64.53 करोड़ रुपए मेंं एशियन विकास बैंक द्वारा आर्थिक मदद करना था। इस पथ से यात्रा करने पर दूरी कम होने की वजह से यात्री व चालक इस पथ से उक्त राज्यों की यात्रा करना पसंद करते हैं। अगर सड़क चौड़ी हो जाएगी, तो वाहनों का परिचालन और बढ़ जाएगा। सड़क चौड़ी होने से दुर्घटनाओं में आएगी कमी इस सड़क के चौड़ी होने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी। कुछ जगहों पर बस स्टॉप भी बनाए जाने की सरकार की योजना है। इस पथ में कई ऐसे खतरनाक मोड़ हैं, जहां सड़क दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सबसे ज्यादा खतरनाक ओखरगाड़ा, हनुमान घाटी, जिपिया मोड़ के अलावा विभिन्न छलका भी हैं, जहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। वर्ष 2022 में ओखरगाड़ा मोड़ के पास ट्रैक्टर पलट जाने से उसपर सवार 3 तीर्थयात्रियों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि 19 लोग जख्मी हो गए थे। वह गुप्ताधाम से दर्शन-पूजन कर अपने गांव लौट रहे थे। किस राज्य की सीमा कहां जुड़ती है अधौरा से खलियारी होकर यूपी की सीमा सोनभद्र जिला के सुअरसोत में प्रवेश करने का रास्ता है। अधौरा के सैकड़ों छात्र-छात्राएं सुअरसोत वाले इलाके में रोजाना पढ़ने जाते हैं। वहां रिश्तेदारी भी है। महुली होकर मध्य प्रदेश की सीमा चोपन होते हुए एमपी में प्रवेश करने का मार्ग है। यहां भी कैमूर के लोगों का आना-जाना होता है। इसी तरह अधौरा होते हुए रोहतास के तिलौथू प्रखंड से पलामू होकर झारखंड में जाने का मार्ग है। कैमूर जिले की सीमा से सटे होने के कारण उक्त राज्यों में भी बेटे-बेटियों की शादी होती है। क्या कहते हैं सीमा क्षेत्र के ग्रामीण उत्तर प्रदेश जानेवाले पथ में स्थित टिकरी गांव के महेंद्र साह, सिकरवार के अर्जुन सिंह, मध्य प्रदेश जानेवाले पथ में स्थित मड़पा के कबीर अंसारी, बभनी के रामबचन सिंह तथा झारखंड जानेवाले पथ में सड़की गांव के दीनानाथ यादव व राजकुमार पासवान ने बताया कि उक्त पथ का चौड़ीकरण हो जाने से सड़क हादसों में कमी आएगी। वाहनों के फंसने की आशंका दूर हो जाएगी। लोगों के वाहन दोनों तरफ से सरपट दौड़ लगाने लगेंगे। इससे व्यापारियों को काफी लाभ होगा। लेकिन, वन संपदा व जीवों की तस्करी करने वाले लोगों पर नजर तेज रखनी होगी। फोटो- 07 फरवरी भभुआ- 13 कैप्शन- भभुआ-अधौरा पथ में ओखरगाड़ा मोड़ के पास की इस सड़क का किया जाना था चौड़ीकरण।
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