Bhabua News: जिले के 120 विद्यालयों से 24 लाख खर्च का ब्योरा मांगा

हिन्दुस्तान, भभुआ
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Bhabua News: शिक्षा विभाग ने 120 विद्यालयों से 24 लाख रुपयों के खर्च का ब्योरा मांगा है। प्रत्येक विद्यालय को मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत 20 हजार रुपये दिए गए थे। अब विभाग ने उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने का निर्देश दिया है। अगर समय पर प्रमाण-पत्र नहीं मिलते हैं, तो इसके कारण योजनाओं के मूल्यांकन में समस्या होगी।

Bhabua News: जिले के 120 विद्यालयों से 24 लाख खर्च का ब्योरा मांगा

Bhabua News: कहा, योजना से संबंधित वित्तीय दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराना जरूरी विपत्र के अभाव में सरकारी लेखा परीक्षण के दौरान आ सकता है समस्या (युवा पेज) भभुआ, नगर संवाददाता। शिक्षा विभाग ने 120 विद्यालयों से 24 लाख रुपयों के खर्च का ब्योरा मांगा है। मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना से हर विद्यालय को 20-20 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए थे। अब विभाग प्रत्येक विद्यालय से राशि के उपयोग का विस्तृत विवरण, संबंधित अभिलेख एवं उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने का सख्त निर्देश दिया है। अधिकारियों का कहना है कि योजना से संबंधित सभी वित्तीय दस्तावेज समय पर उपलब्ध होना आवश्यक है, ताकि सरकारी लेखा परीक्षण के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।

विभागीय निर्देश

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की योजना एवं लेखा शाखा द्वारा जारी पत्र में जिले के 120 राजकीय, मध्य एवं उत्क्रमित मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तीन दिनों में उपयोगिता प्रमाण-पत्र (डीसी) जमा करने का निर्देश दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के तहत विद्यालय शिक्षा समितियों के खातों में आरटीजीएस के माध्यम से प्रति विद्यालय 20 हजार रुपये की दर से राशि भेजी गई थी। योजना के तहत छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक महत्व के स्थलों का अवलोकन कराने का उद्देश्य निर्धारित किया गया था। पत्र में लिखा गया है कि राशि खर्च होने के बाद उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करना अनिवार्य है। लेकिन बड़ी संख्या में विद्यालयों ने अब तक डीसी विपत्र कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया है।

उपयोगिता प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता

डीपीओ (योजना एवं लेखा) ने सभी संबंधित विद्यालयों को तीन दिनों में विपत्र जमा करने का निर्देश दिया है। विभाग का मानना है कि समय पर उपयोगिता प्रमाण-पत्र नहीं मिलने से योजनाओं के मूल्यांकन, लेखा परीक्षण तथा आगामी वित्तीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया प्रभावित होती है। सभी प्रखंडों के विद्यालय सूची में शामिल जारी सूची में अधौरा, भभुआ, भगवानपुर, चैनपुर, चांद, दुर्गावती, कुदरा, मोहनियां, नुआंव, रामगढ़ तथा रामपुर प्रखंड के विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना की राशि उपलब्ध कराई गई थी। विभागीय अभिलेख के अनुसार संबंधित विद्यालयों के खाते में राशि भेजे जाने के बाद भी अब तक उपयोगिता प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। इसके कारण विभाग को योजना के वास्तविक क्रियान्वयन की समीक्षा करने में कठिनाई हो रही है।

लंबित प्रमाण-पत्र

2019-20 की लंबित उपयोगिता भी जमा करें विभागीय सूत्रों के अनुसार, केवल वर्ष 2025-26 ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना के वित्तीय वर्ष 2019-20 से संबंधित कई विद्यालयों का उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी अब तक लंबित है। ऐसे विद्यालयों को भी लंबित डीसी विपत्र शीघ्र जमा करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग पुराने लंबित मामलों का निपटारा करने के साथ-साथ सभी योजनाओं के अभिलेखों को अद्यतन करने की कवायद में जुटा है। अधिकारियों का मानना है कि वर्षों से लंबित उपयोगिता प्रमाण-पत्र विभागीय कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

समय सीमा और कार्रवाई

समय सीमा के बाद हो सकती है कार्रवाई डीपीओ (योजना एवं लेखा) द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक तीन दिनों में उपयोगिता प्रमाण-पत्र कार्यालय में जमा कराना सुनिश्चित करें। विभागीय सूत्रों के अनुसार, निर्धारित अवधि के बाद भी प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने वाले विद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है तथा संबंधित मामलों की समीक्षा उच्चाधिकारियों के स्तर पर की जाएगी। निर्देश जारी होने के बाद विद्यालयों में अभिलेखों को संकलित करने और लंबित डीसी तैयार करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

सामान्य प्रश्न

✦शिक्षा विभाग ने कितने विद्यालयों से खर्च का ब्योरा मांगा है?−
शिक्षा विभाग ने 120 विद्यालयों से 24 लाख रुपयों के खर्च का ब्योरा मांगा है।
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