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रिमझिम बारिश ने बंद कराई खेत-खलिहानों में कटनी-दवनी (पेज चार)

धान के पौधों के डंठल में नमी आने से खेती-बारी का काम-काज हुआ ठप धान के पौधों के डंठल में नमी आने से खेती-बारी का काम-काज हुआ...

रिमझिम बारिश ने बंद कराई खेत-खलिहानों में कटनी-दवनी (पेज चार)
हिन्दुस्तान टीम,भभुआThu, 30 Nov 2023 08:30 PM
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धान के पौधों के डंठल में नमी आने से खेती-बारी का काम-काज हुआ ठप
तेज बारिश होने पर खेत-खलिहानों में भींगकर नष्ट हो सकती है धान की फसल

भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कैमूर में बुधवार की रात से बीच-बीच में हो रही रिमझिम बारिश गुरुवार को भी जारी रही। इससे खेत-खलिहानों में चल रही कटनी-दवनी व रबी की बुआई पर ब्रेक लग गई। एक तरफ जहां धान के पौधों के डंठल में नमी आने से हार्वेस्टर व हंसिया से धान की कटनी व दवनी का काम पूरी तरह से ठप हो गया है, वहीं दूसरी तरफ ठंड बढ़ जाने से मजदूर भी धान की कटनी के लिए घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

रिमझिम बारिश बारिश के कारण धान की कटनी के बाद परती पड़े खेतों में गेहूं, चना, मसूर, मटर व अन्य दलहन एवं तेलहन फसल की बुआई का काम भी बंद हो गया है। किसान सत्यनाराण पांडेय, बिगाऊ पासवान, राममूरत पांडेय, हरिद्धार सिंह, विजय चौबे व नचकु गोंड ने बताया कि एक सप्ताह से खेत-खलिहानों में धान की कटनी-दवनी व रबी फसल की बुआई का काम चल रहा था। बुधवार की रात से बीच-बीच में हो रही रिमझिम बारिश के कारण कार्य ठप हो गया है। उक्त किसानों ने बताया कि अगर तेज बारिश के साथ हवा चलेगी तो खेतों में लगी धान की फसल गिर जाएगी और पानी में डूबने से नष्ट हो जाएगी।

धरवार के किसान मंजुल पांडेय, अकोढ़ी के संतोष सिंह व बहेरी के विद्यार्थी दुबे ने बताया कि बुधवार को धान की कटनी हुई थी। हम किसानों ने सोचा था कि गुरुवार को खेत से धान का बोझा हटाकर गेहूं की बुआई कर देंगे। लेकिन, बारिश के कारण अब मजदूर घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं।

खलिहानों में भींग रहा धान का पथार

भभुआ। जिले में कुछ किसान हार्वेस्टर से कटनी व ट्रैक्टर से दवनी के बाद खलिहानों में धान रखे हुए हैं। बारिश के कारण धान भींग रहा है। समाचार कवरेज के दौरान यह संवाददाता सेमरा, रूद्रवार खुर्द, रुद्रवार कला, धरवार, धर्मपूरा, शिवपुर व जद्द्पुर गांव में देखा कि किसान बारिश के कारण परेशान हैं। कुछ किसान बारिश में धान को भिंगने से बचाव के लिए पुआल तो कुछ किसान पॉलीथिन से ढंक रहे थे। किसानों का कहना था कि धान पानी में भिंग गया तो पैक्स व व्यापारी लेने में आनाकानी करेंगे।

तीन दिनों से बदला है मौसम का मिजाज

भभुआ। कैमूर में पिछले तीन दिनों से मौसम का मिजाज बदला है। आसमान में बादल छाए रह रहे है। ठंड के इस मौसम में आसमान में छाए बादल के बीच हो रही रिमझिम बारिश के कारण ठंड बढ़ गयी है। बारिश में भिंगने के डर से लोग घरों से बाहर निकलने में परहेज कर रहे है। रिमझिम बारिश होने से जिले के विभिन्न सड़कों में चलने वाली बसों में यात्री भी कम दिखे।

फोटो- 30 नवंबर भभुआ- 6

कैप्शन- बारिश होने के बाद गुरुवार को सोनहन बाइपास पथ के खलिहान में त्रिपाल से ढंगा धान व बोझा को ढंकने के लिए पुआल लेकर जाती महिला।

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