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Hindi News बिहार भभुआराशन कार्ड से फ्री में 101 मरीजों को दी गई डायलिसिस सुविधा-

राशन कार्ड से फ्री में 101 मरीजों को दी गई डायलिसिस सुविधा-

सदर अस्पताल में आने वाले 125 मरीजों ने अब तक ली डायलिसिस सेवा सदर अस्पताल में आने वाले 125 मरीजों ने अब तक ली डायलिसिस...

राशन कार्ड से फ्री में 101 मरीजों को दी गई डायलिसिस सुविधा-
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हिन्दुस्तान टीम,भभुआSun, 23 Jun 2024 08:30 PM
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सदर अस्पताल में आने वाले 125 मरीजों ने अब तक ली डायलिसिस सेवा
डायलिसिस की सुविधा नहीं रहने से मरीजों को किया जाता था पटना व वाराणसी रेफर

ग्राफिक्स

1745रुपया डायलिसिस के लिया जाता हैं फीस

1307रुपए का फ्री में सभी मरीजो को दिया जाता हैं इंजेक्सन

भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि।

जिले के सदर अस्पताल में कैमूर के विभिन्न प्रखण्डो से आए किडनी में खराबी वाले मरीजो को राशन कार्ड से फ्री में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। राशन कार्ड वाले किडनी के मरीजो को सप्ताह में तीन बार डायलिसिस की सुविधा सदर अस्पताल में दिया जा रहा है। राशन कार्ड लेकर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के पास जाने पर परमिशन मिलने के बाद अपोलो डायलिसिस सेंटर में मरीज को डायलिसिस सुविधा मिलनी शुरु हो जाती हैं। सदर अस्पताल के अपोलो डायलिसिस सेंटर में 101 किडनी के मरीजो का राशन कार्ड पर फ्री डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। जबकि जिनके पास राशन कार्ड नही है वैसे 125 किडनी मरीजो से 1745रुपया फीस लेकर डायलिसिस की सुविधा दी गयी है। सदर अस्पताल के डायलिसिस केन्द्र में आधा दर्जन हेपेटाटिस बी पॉजेटिव मरीज का डायलिसिस किया गया है। सदर अस्पताल के डायलिसिस केन्द्र में किडनी मरीजो को डायलिसिस के बाद ब्लड बढ़ाने के लिए 1307रुपए का एक इंजेक्सन अपोलो डायलिसिस सेंटर द्वारा निशुल्क में दिया जाता है। वीते वर्ष 2021 के एक मार्च से अब तक अपोलो डायलिसिस केन्द्र में कुल 125 किडनी मरीज आए, जिन्हें 5571बार डायलिसिस किया गया। जिसमें 101 मरीजो को राशन कार्ड पर फ्री में डायलिसिस की सुविधा दी गयी है,जबकि 22 मरीजो को फीस लेकर डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। जबकि वर्ष 2024में जनवरी से लेकर अब तक पद्रह नए डायलिसिस के मरीज केन्द्र में आए। ज्ञात हो कि पूर्व में कैमूर जिले के किडनी मरीजो को डायलिसिस के लिए पटना व वाराणसी के लिए रेफर किया जाता था,लेकिन सदर अस्पताल में सुविधा होने पर मरीजो को बाहर नही जाना पड़ रहा है। प्राइवेट अस्पतालो में किडनी मरीजो को डायलिसिस कराने में काफी पैसा खर्च होता है,जिसमें गरीब तबके के मरीजो को डायलिसिस कराना काफी मुश्किल है।

पांच किडनी मरीजो का एक साथ किया जा सकता हैं डायलिसिस

भभुआ। सदर अस्पताल स्थित अपोलो डायलिसिस क्लीनिक में एक साथ पांच किडनी मरीजो का डायलिसिस किया जा सकता है। सदर अस्पताल के डायलिसिस केन्द्र में पांच डायलिसिस मशीन व बेड उपलब्ध है,जिसमें चार निगेटिब मरीज के लिए व एक हेपेटाइटिस सी वायरस वाले मरीज के इलाज के लिए है। पांचो डायलिसिस मशीन को ऑपरेट करने के लिए डाक्टर शितेश कुमार, नेफोलाजिस्ट डा.संतोष कुमार, सिनियर टेक्निशियन नितेश कुमार,नर्स नीतु सिंह, टेक्निशियन आशिष कुमार पाण्डेय, ब्रजेश कुमार पाण्डेय व हाउस किपींग संतोष कुमार राम कार्यरत है। जिनके द्वारा सेंटर में आने वाले मरीजो का डायलिसिस करते हुए इलाज किया जा रहा है। हि.प्र.

ब्लड प्रेसर से 43 प्रतिशत लोग किडनी बीमारी से हो रहे ग्रसित

भभुआ। देश में 43प्रतिशत लोग ब्लड प्रेसर से व 18प्रतिशत लोग डायबिटिज के कारण किडनी बीमारी से ग्रसित हो रहे है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए सेंटर इंचार्ज नितेश कुमार ने बताया कि किडनी बीमारी से अधिक लोगो के ग्रसित होने के कारण सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति को आसानी से डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला अस्पतालो में सेंटर बनाया है। आमजनो की सुविधा को देखते हुए भारत सरकार ने अपोलो डायलिसिस क्लीनिक की सुविधा को बेहतर मानते हुए राज्य सरकारो के माध्यम से बिहार के जिला मुख्यालयो में मरीजो की सुविधा के लिए डायलिसिस की सुविधा प्रदान की है। हि.प्र.

कोट

सदर अस्पताल स्थित अपोलो डायलिसिस क्लीनिक में आने वाले किडनी मरीजो को डाक्टर की निगरानी में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। सेंटर में ब्लड बनने वाली इंजेक्शन सहित अन्य दवाएं भी मरीज को दी जाती है।

नितेश कुमार,सेंटर इंचार्ज,सदर अस्पताल

फोटो परिचय

23-भभुआ-01-सदर अस्पताल स्थित सेंटर में दो मरीजो का किया जा रहा डायलिसिस

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