Bhabua News: टूटी सड़कों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना मुश्किल
Bhabua News: भभुआ शहर में सड़कों की खराब स्थिति से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को भारी परेशानी हो रही है। ई-रिक्शा चालक खराब रास्तों पर वाहन ले जाने से परहेज करते हैं। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे आम जनता को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

Bhabua News: सड़क खराब हाने से सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है ई-रिक्शा चालक खराब रास्तों पर वाहन ले जाने से करते हैं परहेज बारिश के दौरान महिलाओं और बच्चों की बढ़ जाती है परेशानी (पेज तीन की लीड खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। शहर की मुख्य सड़कों से वार्ड और मोहल्लों को जोड़ने वाली जर्जर गलियां लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। सबसे अधिक परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को उठानी पड़ रही है। सड़क खराब होने के कारण ई-रिक्शा चालक भी कई मोहल्लों में वाहन ले जाने से कतराते हैं। ऐसे में मरीजों को बाइक से मुख्य सड़क तक पहुंचाने की मजबूरी होती है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने और कीचड़ होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाजार से घर लौटने वाली महिलाओं और स्कूल से आने वाले बच्चों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है।
जर्जर सड़कें
शहर के बिजली कॉलोनी से अष्टभुजी चौक होते हुए पाल छात्रावास तक जाने वाली सड़क और वार्ड 13 के शिवानंद मार्ग इसकी बानगी हैं। बिजली कॉलोनी से अष्टभुजी चौक होते हुए पाल छात्रावास तक जाने वाली सड़क काफी समय से जर्जर है। सड़क से गिट्टियां उखड़ चुकी हैं और जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। इसी मार्ग से हवाई अड्डे के किनारे होते हुए जेपी चौक और बस पड़ाव की ओर जाने वाली सड़क मैं मिलने वाली मुख्य गली भी खराब है।
ई-रिक्शा की समस्या
वार्ड नंबर दो के चंद्रमौली तिवारी, कंचन देवी, हरेंद्र चौबे और विकास कुमार ने बताया कि सड़क पर ई-रिक्शा गुजरने पर उसकी खड़खड़ाहट घर के अंदर तक सुनाई देती है। खराब सड़क के कारण ई रिक्शा चालक इस रास्ते पर आने से परहेज करते हैं। कभी कोई ई-रिक्शा आ भी जाता है तो कई जगह यात्रियों को उतरकर पैदल चलना पड़ता है। पाल छात्रावास की ओर जाने वाली सड़क भी उखड़कर खराब हो गई है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। गिट्टियां उखड़ गई हैं, जिससे छात्रों और मोहल्ले के लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। मरीज को बाइक ले जाते हैं परिजन स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर आपात स्थिति में होता है। किसी मरीज की तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों को काफी परेशानी होती है। ई-रिक्शा नहीं मिलने पर मरीज को बाइक से हिचकोले खाते हुए मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं को भी अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति ऐसी है कि मोहल्ले तक एंबुलेंस के पहुंचने में भी दिक्कत हो सकती है। बारिश में बढ़ जाती है परेशानी बारिश होने के बाद जर्जर सड़क पर आवागमन के दौरान लोगों की मुश्किल और बढ़ जाती है। गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को पता नहीं चलता कि सड़क में कहां कितना गड्ढा है। कीचड़ के कारण पैदल चलना मुश्किल हो जाता है। स्कूल से लौटने वाले बच्चों और बाजार से घर जाने वाली महिलाओं को काफी परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दिनों में सड़क पर जलजमाव के कारण कई बार घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है।
पंचायत और नगर परिषद की स्थिति
पंचायत और नगर परिषद के बीच फंसा विकास पोस्ट ऑफिस गली के आगे वार्ड नंबर 13 स्थित शिवानंद मार्ग भी काफी समय से बदहाल है। कृष्णानंद तिवारी, कोमल पांडेय, पंकज पांडेय और विमला देवी ने बताया कि सड़क बनवाने की मांग करने पर उन्हें पंचायत और नगर परिषद के बीच उलझा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि उनका नाम नगर परिषद के वार्ड 13 की मतदाता सूची में है और वह नगर निकाय चुनाव में मतदान करते हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से सड़क और नाली निर्माण पंचायत स्तर से कराने की बात कही जाती है। वहीं, पंचायत की ओर से नगर परिषद को जिम्मेदार बताया जाता है। इस विवाद में मोहल्ले का विकास कार्य प्रभावित हो रहा है। कोट शहर के कई वार्डों के पार्षद द्वारा टूटी गली के निर्माण के लिए बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव दिए हैं। जिन योजनाओं को बैठक में पास किया गया है, उसके निर्माण की दिशा में पहल शुरू की जाएगी। संजय कुमार उपाध्याय, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद फोटो : 28 जुलाई भभुआ- 2 कैप्शन : भभुआ शहर के अष्टभुजी चौक से पाल छात्रावास जाने वाली जर्जर सड़क।


