तीन प्रखंड को जोड़ने वाली मईडांड़-सोनवर्षा पथ बदहाल
कुदरा, भभुआ और रामपुर प्रखंड की 20 हजार से अधिक आबादी सड़क की खराब स्थिति से प्रभावित है। बरसात में गहरे गड्ढे बनने की आशंका है, जिसके कारण ई रिक्शा चालक सामान ले जाने में कतराते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

कुदरा, भभुआ और रामपुर प्रखंड की 20 हजार से अधिक आबादी हो रही प्रभावित, बरसात में गहरे गड्ढे बनने की आशंका बाजार से सामान लोड कर इस पथ से ई रिक्शा ले जाने में कतराते हैं चालक खरीफ सीजन में किसानों को बिचड़ा और खाद ले जाने में होगी दिक्कत (पेज चार की बॉटम खबर) रामपुर, एक संवाददाता। कैमूर जिले के तीन प्रखंडों को जोड़नेवाली मईडांड़-सोनवर्षा सड़क बदहाल हो गई है। फिलहाल इसकी मरम्मत नहीं कराई जाती है, तो बरसात में इस पथ में ज्यादा गहराई वाले गड्ढे बन सकते हैं। हालांकि अभी भी जगह-जगह सड़क उखड़ी हुई है। इस पथ से कुदरा, भभुआ और रामपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों के लोगों का आवागमन होता है।
स्थानीय लोगों की परेशानियाँ
सड़क खराब रहने से तीनों प्रखंडों की करीब 20 हजार आबादी प्रभावित हो रही है। रामपुर प्रखंड के एकौनी, माधोपुर, चमरियांव, पटना, बड़कागांव, करिगाई, गम्हरियां, सोनवर्षा, सोहसा, इंग्लिसपुर आदि गांवों की करीब 12 हजार लोगों का इस पथ से सरोकार है। स्थानीय लोगों ने इस पथ की मरम्मत या जीर्णोंद्धार के लिए प्रखंड प्रशासन और जनप्रतिनिधि से गुहार लगाई, पर अभी तक कुछ नहीं हो सका। ग्रामीण इसी बदहाल पथ से आने-जाने के लिए मजबूर हैं। गम्हरियां के विनोद सिंह, हरेंद्र सिंह, सोनवर्षा के गुड्डू सिंह ने बताया कि इस पथ की लंबाई छह किमी. से अधिक है। आठ वर्ष पहले इस पथ का निर्माण हुआ था। लेकिन, इसकी एक बार भी मरम्मत नहीं की जा सकी है। पथ बदहाल हो जाने से आमजनों के अलावा वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है। खरीफ खेती के लिए बिचड़ा डाला जा रहा है। कुछ दिनों में रोपनी शुरू होगी। तब खेतों तक खाद-बीज व ट्रैक्टर ले जाने में परेशानी होगी।
ई रिक्शा चालकों की चिंता
इसलिए नहीं ले जाते हैं ई रिक्शा ई रिक्शा चालक अनुपम पासवान, राजीव रंजन यादव, सतेन्द्र सिंह ने बताया कि यह पथ अब गड्ढों में तब्दील हो गया है। इस पथ में काफी गड्ढे उभर आए हैं। इसलिए किसी के द्वारा ज्यादा किराया देने पर भी वह लोग ई रिक्शा से यात्री या कोई सामान लेकर जाने से इंकार कर देते हैं। क्योंकि वाहन पलटने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है। जितनी कमाई नहीं होगी, उससे ज्यादा का नुकसान हो जाएगा। इस पथ से ई रिक्शा लेकर जाने पर कोई न कोई खराबी आ जाती है।
प्रशासन से गुहार
सांसद-विधायक से लगाई गई है गुहार ग्रामीणनन्देश्वर सिंह, सरोज कुमार और बिंदा चंद्रवंशी बताते हैं कि इस सड़क का जीर्णोंद्धार कराने के लिए सांसद-विधायक से गुहार लगाई गई। उन्हें बताया गया कि इस पथ से तीन प्रखंड जुड़े हैं और इन प्रखंडों की करीब 20 हजार आबादी प्रभावित हो रही है। लेकिन, अभी तक इस पथ का जीर्णोंद्धार कराने की दिशा में उनके स्तर से क्या पहल की गई, उन्हें जानकारी नहीं है। यह बात दोनों जनप्रतिनिधियों से लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान कही गई थी। उनके द्वारा आश्वासन भी दिया गया है। कोट हर वर्ष के जनवरी से मार्च माह के बीच ऐसी योजना लोड होती है। इस समय संबंधित वेबसाइट बंद है। बरसात बाद वेबसाइट खुलती है तो इस योजना को प्रमुखता से लोड कराउंगा, ताकि सड़क जल्द से जल्द बन सके। भरत बिंद, विधायक, भभुआ (रामपुर से कमलेश द्विवेदी) फोटो- 02 जून भभुआ- 5 कैप्शन- मईडांड़ गांव के पास जगह-जगह उखड़ी दिखती रामपुर प्रखंड के मईडांड़ से सोनवर्षा जानेवाली सड़क।
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