Bhabua News: बाढ़ का पानी निकलने के बाद बीमारी फैलने की आशंका

हिन्दुस्तान, भभुआ
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Bhabua News: कैमूर के अधौरा, रामपुर, दुर्गावती और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। गंदगी के कारण दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बीमारी से निपटने के लिए प्रबंध किए हैं, जिसमें एंबुलेंस और विशेषज्ञ टीमों का गठन शामिल है।

Bhabua News: बाढ़ का पानी निकलने के बाद बीमारी फैलने की आशंका

Bhabua News: कैमूर के अधौरा, रामपुर, दुर्गावती, रामगढ़, कुदरा प्रखंड के प्रभावित क्षेत्र में अब जलजनित रोग की आशंका से लोग हो रहे चिंतित गंदगी पर धूप पड़ने से निकल रही दुर्गंध, मच्छरों का भी प्रकोप बढ़ा ग्रामीणों ने लार्वानाशक और डीडीटी का छिड़काव कराने की मांग की (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान टीम। कैमूर की नदियों में पानी कम होने और बारिश थमने के बाद बाढ़ प्रभावित अधिकांश इलाकों का पानी उतर गया है। लेकिन, बाढ़ अपने साथ बहाकर ले आई गंदगी अभी भी जमी है। जगह-जगह कीचड़ जमा है। कुछ इलाकों के खेत, स्कूल परिसर, गांव, ढाल क्षेत्र में अभी भी थोड़ा-बहुत पानी जमा है। दो दिनों से धूप निकल रही है। पानी निकलने के बाद गंदगी पर धूप पड़ने से उसमें से दुर्गंध निकल रही है। इससे बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध

रामपुर प्रखंड के बेलांव-सबार पथ के मुख्य मार्ग में पांडेयपुर, आंगनबाड़ी केंद्र, काली स्थान से पश्चिम इलाका का पानी कमा है। लेकिन, पछेहरा, अकोढ़ी, करौंदा, बेलांव, पानापुर के बधार के बधार में अभी भी पानी है। सबारगढ़, कुड़ारी, निसिझा, तेनुआ, शिवपुर गांव में जगह-जगह पानी दिख रहा है। झाली व मईडाड़ विद्यालय परिसर का पानी कम हुआ है। बहेरी, झाली, बरली, चनकी, नौहट्टा, अहिरांव, उचिनर में कुछ जगहों पर पानी जमा है। पानी निकलने के बाद अधौरा मुख्य पथ से बस स्टैंड, थाना गेट के सामने, अधौरा से एकडिहवा, वनवासी सेवा केंद्र जानेवाला पथ, बड़गांव खुर्द, बड़गांव कला, उरांव टोला में कीचड़ जमा है। रउता पथ में खेल मैदान के पास, दीघार दक्षिण टोला, ताला में प्राथमिक विद्यालय से मुख्य पथ तक, भड़ेहरा नदी के पट पर, बड़गांव से ओखरगाड़ा जानेवाले पथ में, पिपरा, बड़ाप, बाहादाग, श्रवणदाग, कदहर में भी जगह-जगह कीचड़ दिख रहा है। भभुआ के गोराईपुर, शिवपुर में भी यही स्थिति बनी हुई है।

बीमारी से निपटने का किया प्रबंध

बाढ़ के दौरान होनेवाली बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मुकम्मल प्रबंध किया है। ओआरएस, एंटीबायोटिक, कुत्ता, सांप व सियारे के काटने के बाद दी जानेवाली सूई का प्रबंध किया गया है। विभाग ने ब्लीचिंग पाउडर, हैलोजन टेबलेट, एएसभीएस, एआरभी का भंडारण किया है। हर प्रखंड में एंबुलेंस व जीवन रक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम गठित की गई है। सिविल सर्जन ने मेडिकल टीम को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और गंभीर मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने का निर्देश दिया गया है।

जलभराव व कीचड़ से यह होती है बीमारी

फिजिशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि जलभराव के बाद पानी उतरने पर मच्छरों के पनपने, दूषित पानी और गंदगी के कारण विभिन्न तरह बीमारियों की आशंका बहुत बढ़ जाती है। इसमें मलेरिया, डायरिया, हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस, त्वचा, आंत, आंख, पेचिश, पीलिया का खतरा पैदा होता है। ज्यादा दिनों तक पानी जमा होने से चापाकल के भी पानी दूषित होने का डर बना रहता है।

दूषित खाद्य व पेय पदार्थों से होता है हैजा

डॉ. त्रिभुवन नारायण बताते हैं कि हैजा विब्रियो कोलेरा नामक जीवाणु के कारण फैलने वाला यह रोग दूषित खाद्य व पेय पदार्थों के कारण होता है। पेट में ऐंठन के साथ लगातार होने वाले उल्टी-दस्त इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं, जिसके कारण शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है, जिससे मरीज बेहद कमजोर हो जाता है। ऐसे में पानी को उबालकर पीना चाहिए। ताजा और गर्म भोजन करना चाहिए। आसपास में जमा पानी की निकासी का प्रबंध करना जरूरी है।

कोट बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बीमार लोगों के इलाज

के लिए हर प्रखंड में मेडिकल टीम गठित की गई है। एंबुलेंस, जीवनरक्षक दवा उपलब्ध है। ग्रामीण क्षेत्र में डीडीटी का छिड़काव पंचायत स्तर पर किया जाना है। डॉ. विंदेश्वरी रजक, सिविल सर्जन, कैमूर फोटो- 05 सितंबर भभुआ- 1 कैप्शन- रामपुर प्रखंड के बेलांव-सबार मुख्य पथ में पांडेयपुर के पास बह रहे पानी से होकर शनिवार को आते-जाते ग्रामीण।

सामान्य प्रश्न

✦कैमूर के किन क्षेत्रों में जलजनित रोग का खतरा है?−
कैमूर के अधौरा, रामपुर, दुर्गावती, रामगढ़ और कुदरा प्रखंड के प्रभावित क्षेत्रों में जलजनित रोग का खतरा बढ़ा है।
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