
अधौरा में सिंचाई की सुविधा नहीं रहने से किसान परेशान
अधौरा प्रखंड में सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे किसान बरसाती नदियों पर निर्भर हैं। सूखा पड़ने पर खेत परती रह जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुवरा, कर्मनाशा और दुर्गावती नदियों में चेकडैम बनवाए जाएं, तो जलस्तर बनाए रखा जा सकता है और किसानों को पानी की समस्या का समाधान मिल सकता है।
बरसाती बनकर रह गईं प्रखंड की सुवरा, कर्मनाशा व दुर्गावती नदियां जगह-जगह चेकडैम बनवाकर पानी को रोकने से होगा समस्या का समाधान (पेज चार) अधौरा, एक संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय सहित जंगल क्षेत्र में सिंचाई की बेहतर सुविधा नहीं है, जिससे किसानों को फसल की सिंचाई करने में दिक्कत होती है। यहां के किसान वर्षा के पानी पर निर्भर रहकर खेती करते हैं। वर्षा नहीं होने पर खेत परती रह जाता है। किसान अयोध्या उरांव, राजवंश यादव ने बताया कि अधौरा पूरी तरह जंगल व पहाड़ से घिरा हुआ है। यहां सिंचाई के लिए स्थाई साधन नहीं है। बरसाती पानी से थोड़ा-बहुत खेती कर लेते हैं।
हालांकि सरकार ने नई योजना पर काम करने की बात कही है। ग्रामीणों ने बताया कि इसी प्रखंड से सुवरा, कर्मनाशा व दुर्गावती नदी निकली है। लेकिन, यह नदियां बरसाती बनकर रह गई हैं। इससे यहां के लोगों को बरसात के अलावा अन्य मौसम से पानी नहीं मिल पाता है। जबकि यह नदी भभुआ, दुर्गावती, भगवानपुर प्रखंड के किसानों को लाभ पहुंचा रही है। अगर यहां भी नदी में जगह-जगह चेकडैम बनाकर पानी स्टोर करने का प्रबंध कर दिया जाता तो संबंधित गांवों में गर्मी में जलस्तर खिसकने, चापाकल बंद होने व पशुपालकों को पलायन करने की समस्या नहीं होती। इस ओर जिला प्रशासन, सरकार व जनप्रतिनिधि को मिलकर काम करना होगा।

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