कैमूर जिले में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मिली मंजूरी
केंद्रीय सरकार ने कैमूर में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दी है, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ने जून 2024 में विद्यालय भवन के निर्माण के लिए सर्वेक्षण रिपोर्ट मांगी...

शिक्षा विभाग के सचिव ने जून माह में ही जिला पदाधिकारी से विद्यालय भवन निर्माण को ले स्थल की मांगी थी सर्वेक्षण रिपोर्ट अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने 11 जुलाई 2024 को केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री को लिखा था पत्र देश के टॉप शिक्षण संस्थानों में होती है केंद्रीय विद्यालय की गिनती, शिक्षा को मिलेगी गति (युवा पेज की लीड खबर) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर में केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की मंजूरी केंद्र सरकार ने दी है। इससे कैमूर में शिक्षा के स्तर में सुधार की संभावना तेज हो जाएगी। हालांकि शिक्षा विभाग के सचिव ने जून 2024 में ही जिला पदाधिकारी से उस स्थल का सर्वेक्षण करके रिपोर्ट मांगी थी, जहां विद्यालय भवन बनाया जा सकता है।
मानक के अनुसार किस स्थल पर केंद्रीय भवन का निर्माण किया जाना ठीक रहेगा, इसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से सरकार के भेजी जाएगी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. जमा खान ने 11 जुलाई 2024 को केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री को पत्र लिखा था। तब मंत्री ने कहा था कि उन्होंने चांद में केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर आवेदन दिया था। उन्होंने मुझे न सिर्फ भरोसा दिया, बल्कि मेरे आवेदन के आलोक में केंद्र सरकार को पत्र भी लिखा है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार केंद्रीय विद्यालय खोलने की स्वीकृति शीघ्र देगी। अब सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। केंद्र सरकार ने नवंबर 1962 में केंद्रीय विद्यालयों की योजना को मंजूरी दी थी। केंद्रीय विद्यालय संगठन भी है। पहली बार शैक्षणिक वर्ष 1963-64 के दौरान रक्षा स्टेशनों में 20 रेजिमेंटल स्कूलों को केन्द्रीय विद्यालयों के रूप में लिया गया था। इस विद्यालय में एक तरह के पाठ्यक्रम से पढ़ाई कराए जाने से इसमें नामांकित बच्चों के अभिभावक का स्थानांतरण होने के बाद भी उनकी शिक्षा पर किसी तरह का प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। टॉप स्कूलों में होती है गिनती केंद्रीय विद्यालयों की गिनती देश के टॉप स्कूलों में होती है। यहां पर शिक्षकों को कई चरण की परीक्षाओं के बाद हायर किया जाता है। यही वजह है कि यहां पर बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती है। यहां से पासआउट होने के बाद अधिकतर बच्चों का चयन टॉप नौकरियों के लिए हो जाता है। एक्टिविटी पर देते हैं ध्यान केंद्रीय विद्यालय में शिक्षा के अलावा स्पोर्ट्स जैसे एक्टिविटी पर भी ध्यान दिया जाता है। ऐसे में स्टूडेंट्स अगर एक खिलाड़ी के रूप में कॅरियर बनाना चाहते हैं तो भी उन्हें अच्छा प्लेटफॉर्म मिलता है। केंद्रीय विद्यालयों में क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स से लेकर अन्य खेलों के लिए स्टूडेंट्स को तैयार किया जाता है। यह मिलती हैं सुविधाएं केंद्रीय विद्यालयों में छात्रों को हर तरह की सुविधा मिलती है। चाहे वह स्मार्ट क्लास की बात हो या फिर अच्छे लैब की या फिर अच्ची लाइब्रेरी की। यही वजह है कि यहां के छात्र इन सुविधाओं का इस्तेमाल करके कॅरियर के लिए खुद को तैयार कर लेते हैं। समान पाठ्यक्रम, सीबीएसई से संबद्धता, सह-शैक्षिक शिक्षा, संस्कृत का अध्ययन, उचित शिक्षक-छात्र अनुपात, कुछ श्रेणियों के लिए नि:शुल्क शिक्षा। फोटो- 03 अक्टूबर भभुआ- 10 कैप्शन- भभुआ शहर के समाहरणालय पथ में ई रिक्शा पर सवार होकर पढ़ने के लिए विद्यालय जाते बच्चे। (फाइल फोटो)
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