Bhabua News: हर माह हृदय रोग के आठ नये मरीज किए जा रहे चिन्हित
Bhabua News: भभुआ के सदर अस्पताल में कार्डियक केयर यूनिट में सुविधाएं पर्याप्त हैं, लेकिन हृदय रोग विशेषज्ञ की कमी से इलाज प्रभावित हो रहा है। पिछले आठ महीनों में 64 नए हृदय रोगी मिले हैं, जिनमें से अधिकांश को रेफर किया गया है। उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह को प्रशिक्षण दिया गया है।

Bhabua News: सदर अस्पताल परिसर में स्थापित कार्डियक केयर यूनिट में सुविधाएं पर्याप्त, पर हृदय रोग विशेषज्ञ के नहीं रहने से इलाज प्रभावित हृदय रोगियों के इलाज के लिए उपाधीक्षक को स्वास्थ्य विभाग ने किया है प्रशिक्षित कार्डियक केयर यूनिट में हृदय रोगियों को भर्ती कर चिकित्सक कर रहे हैं इलाज 64 हृदय रोग के मरीज मिले आठ माह में 44 हृदय रोगियों को किया गया रेफर (पेज तीन की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि।
कार्डियक केयर यूनिट की स्थिति
सदर अस्पताल में हृदय रोगियों का इलाज करने के लिए एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। हालांकि इस हृदय रोगियों को भर्ती कर इलाज करने के लिए कार्डियक केयर यूनिट व आईसीयू स्थापित है। इसमें सभी तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं। लेकिन, हृदय रोग विशेषज्ञ के अभाव में गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। आठ में हृदय रोग के 44 मरीजों को सदर अस्पताल से रेफर किया गया है। जबकि 20 मरीजों का यहीं इलाज किया गया। पिछले आठ माह में हृदय रोग के 64 नये मरीज मिले। यानी हर माह औसतन आठ मरीज चिन्हित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह को पटना में हृदय रोगियों का इलाज करने के लिए प्रशिक्षण दिया है।
उपाधीक्षक की जानकारी
अस्पताल उपाधीक्षक ने बताया कि सदर अस्पताल के कार्डियक केयर यूनिट में हृदय रोगियों को भर्ती कर इलाज करने के लिए चार स्पेशल बेड सहित आईसीयू में छह बेड लगाए गए हैं। सभी बेड पर मॉनिटर, ईसीजी, वेंटिलेटर, बीपी मशीन, डिफेबिलेटर सहित अन्य मेडिकल उपकरण उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि सीसीयू में आईसीयू टेक्निशियन, चार प्रशिक्षित जीएनम की ड्यूटी लगाई गई है। सीसीयू में हार्ट, बीपी, सुगर, सांस, दमा के मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाता है। उपाधीक्षक ने बताया कि सदर अस्पताल में आने वाले हृदय रोगियों की जांच कर आवश्यकता पड़ने पर भर्ती कर इलाज किया जाता है। मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर डिस्चार्ज कर दिया जाता है। गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार कर हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
विशेष शिविर की व्यवस्था
हृदय रोगियों की जांच के लिए 29 को विशेष शिविर भभुआ। विश्व हृदय दिवस 29 सितंबर को मनाया जाता है। इस दिन सदर अस्पताल स्थित एनसीडी ओपीडी में विशेषकर हृदय रोग, सुगर, ब्लड प्रेसर की जांच कर मरीजों को दवाएं दी जाएंगी। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह मेडिकल टीम के चिकित्सकों के साथ विशेष शिविर आयोजित कर मरीजों की जांच करते हैं। शिविर में आने वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह भी दी जाती हैं।
हृदय रोग के कारण और बचाव
हि.प्र. हृदय रोग होने के कारण आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. दिनेश्वर सिंह मंटू बताते हैं कि धूम्रपान करने, जरूरत से बहुत ज्यादा वजन होने, अस्वस्थ आहार और जंक फूड ज्यादा खाने, अतिरिक्त कोलेस्ट्रोल होने, धमनियों के भीतर निरंतर ‘वसा’ की परत जमने, धमनियों के संकरी और कड़ी होने जैसे कई कारणों से हृदय रोग होता है। हृदय रोग से बचाव के उपाय डॉ. संतोष कुमार बताते हैं कि संतुलित एवं स्वस्थ आहार लेने, ताजे फल और सब्जियों के खाने, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट का व्यायाम करने, धूम्रपान छोड़ने, शराब का त्याग करने, वजन संतुलित करने, हृदय रोग का कोई भी लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ से सलाह लेने से हृदय रोग से बचा जा सकता है। इस पर ध्यान देना है जरूरी बैठकर बहुत देर तक कार्य ना करें, कोलेस्ट्राल का सामान्य स्तर बनाकर रखें, डाइबीटीज को नियंत्रण में रखें, स्वछता का ध्यान रखें, तनाव कम लें, दवाइयों का बहुत अधिक सेवन नहीं करें, समय-समय पर अपने हृदय की जांच कराते रहें। यह उपाय अपनाकर हृदय रोग से बचा जा सकता है।
हृदय रोग के लक्षण
हृदय रोग के लक्षण थकान, सांस लेने में तकलीफ और जल्दी पसीना आना, गले, जबड़े, पीठ और बांह में दर्द होना, सीने पर दबाव पड़ना, आंखों के सामने चक्कर और अंधेरा छाना, हृदय के ठीक से रक्त पंप नहीं करना, तेजी से दिल धड़कना आदि हृदय रोग के लक्षण हैं। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए। फोटो- 01 सितंबर भभुआ- 4 कैप्शन- सदर अस्पताल में नवस्थापित आईसीयू में मंगलवार को इलाज कराने के लिए भर्ती हृदय रोग के मरीज।


