कैमूर में 33.86 लाख क्विंटल गेहूं उपज होने की संभावना

Newswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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कृषि प्रधान कैमूर के किसानों ने इस साल गेहूं की बंपर उपज की है। कृषि विभाग के अनुसार, 1.04 लाख हेक्टेयर में खेती की गई, जिसमें प्रति हेक्टेयर 32 क्विंटल 560 किलो गेहूं की उपज हुई। फसल कटाई के दौरान किसान खुश नजर आए। मौसम अनुकूल रहने से अन्य फसलों का उत्पादन भी अच्छा हुआ है।

कैमूर में 33.86 लाख क्विंटल गेहूं उपज होने की संभावना

एक हे. में 32 क्विंटल 560 किलो हुई है गेहूं की उपज, क्रॉप कटिंग से चला पता जिले में 1.04 लाख हेक्टेयर में किसानों ने की है गेहूं की खेती, खरीद भी शुरू (पेज चार की लीड खबर) भभुआ, हिन्दुस्तान संवाददाता। कृषि प्रधान कैमूर के किसानों ने इस साल धान की तरह गेहूं की भी बंपर उपज की है। कृषि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप जिले के किसानों ने इस बार 1.04 लाख हेक्टेयर भूमि में गेहूं की खेती की है। सांख्यिकी विभाग द्वारा अफसरों की उपस्थिति में गुरुवार को भगवानपुर प्रखंड के पहाड़ियां मौजा में किसान जगदीश प्रसाद के 10/5 मीटर खेत में गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई गई, जिसमें हरा दाना का वजन 16.280 किलो निकला।

सांख्यिकी विभाग के अफसरों के अनुसार, इस हिसाब से एक हेक्टेयर में यह उपज 32 क्विंटल 56 किलो होगी। ऐसे में जिले में 1.04 लाख हेक्टेयर भूमि में हुई खेती के हिसाब से इस साल कैमूर के किसानों द्वारा संभावित 3386240 क्विंटल गेहूं उपजाया गया है। हालांकि अलग-अलग क्षेत्र में संभावित उत्पादन घट-बढ़ सकता है। सांख्यिकी विभाग के अधिकारी बताते हैं कि वैज्ञानिक विधि से क्रॉप कटिंग कर फसल की उपज दर ज्ञात की जाती है। रैंडम विधि से खेत का रकबा निर्धारित कर फसल की क्रॉप कटिंग की जाती है। उन्होंने बताया कि पंचायत व अंचल स्तर पर इसका प्रयोग किया जाता है। बाढ़-सुखाड़ के दौरान इसी के आधार पर फसल के नुकसान का आंकलन किया जाता है, जिसकी क्षतिपूर्ति बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत की जाती है। गेहूं की अच्छी उपज होने से किसानों के चेहरे पर खुशी के भाव झलक रहे हैं। कृषि प्रधान कैमूर जिले के किसान खेती से होनेवाली आमदनी की बदौलत ही अपनी बेटियों के हाथ पीले करने, बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने, परिवार के बीमार सदस्यों का इलाज कराने, घर-मकान बनाने व अन्य कार्य करते हैं। इसी आमदनी से किसान पुन: खरीफ फसल की खेती भी करते हैं। सूत्रों की माने तो इस वर्ष सिर्फ मैदानी भाग ही नहीं पहाड़ी क्षेत्र में भी गेहूं की अच्छी उपज हुई है। जिले के किसान महेन्द्र सिंह, अनिल दुबे, संतोष सिंह व सोनू सिंह ने बताया कि इस बार धान की उपज भी अच्छी हुई थी। चना व मसूर की फसल भी है अच्छी भभुआ। मौसम अनुकूल रहने के कारण इस बार कैमूर जिले में गेहूं के साथ-साथ चना, मसूर व मटर की फसल भी अच्छी है। किसान उमेश मिश्रा, मोहन सिंह व हरिद्वार सिंह ने बताया कि समय-समय पर बारिश होने के कारण उपज अच्छी हुई है। उक्त किसानों ने बताया कि बारिश के कारण पौधे से लाही धुल जाने के कारण इस साल सरसो की उपज भी बेहतर होने की संभावना है। मसूर व चना में अब दाने भी लगने लगे हैं। किसानों पर टिकी है जिले की अर्थव्यवस्था भभुआ। कैमूर के किसानों के कंधे पर जिले की अर्थ-व्यवस्था टिकी है। यहां की करीब 85 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। जिस वर्ष फसल की उपज अच्छी हुई, उस वर्ष बाजार की चमक बढ़ जाती है। कारोबारियों का व्यवसाय बढ़ता है तो बैंकों में लेनदेन का दौर भी जारी रहता है। इस वर्ष जब खरीफ फसल की उपज अच्छी थी, तब किसानों ने दशहरा, धनतेरस, दीपावली व छठ पर्व खुशी से मनाया और बाजार से अपनी जरूरत की चीजों की भी खरीदारी की। कोट भगवानपुर प्रखंड के पहाड़ियां मौजा में जगदीश प्रसाद के 10/5 मीटर खेत में गेहूं की क्रॉप कटिंग कराई गई, जिसका वजन कराने पर 16.280 किलो हुआ। राजीव रंजन कुमार, प्रभारी जिला सांख्यिकी पदाधिकारी फोटो-10 अप्रैल भभुआ- 4 कैप्शन- भगवानपुर प्रखंड के पहाड़िया मौजा में वैज्ञानिक विधि से गेहूं की दर जानने के लिए क्रॉप कटिंग कराते सांख्यिकी विभाग के अधिकारी।

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