स्थल की मापी व मिट्टी जांच के बाद भी नहीं बना पुल
मुंडेश्वरी धाम में पुल निर्माण में देरी के कारण श्रद्धालुओं को जाम का सामना करना पड़ रहा है। पुल की मापी और मिट्टी की जांच की गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। पुराने पुल की स्थिति खराब है और भारी वाहनों पर रोक है। स्थानीय लोग अधिकारियों से समस्याओं का समाधान करने की मांग कर रहे हैं।

पर्यटन व धार्मिक स्थल मुंडेश्वरी धाम में इसी पथ से आते-जाते हैं लोग सिंगल लेन के पुल में जाम लग जाने से निकलना हो जाता है मुश्किल (पेज चार) भगवानपुर, एक संवाददाता।
पुल निर्माण की स्थिति
प्रखंड की सुवरा नदी पर पुल निर्माण कराने के लिए भूमि की मापी करने व भूमि की मिट्टी की जांच कराने के बाद इसे बनाने की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गई। पूर्व मुखिया गब्बर मियां ने बताया कि पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों की टीम आई थी। नदी में पुल निर्माण कराने के लिए प्राक्कलन तैयार करने के लिए स्थल की जांच की। अभियंताओं द्वारा पुल की लंबाई और चौड़ाई की मापी कर निर्माण स्थल को चिन्हित किया गया। नदी में बोरिंग कर मिट्टी की जांच कराई गई। फिर भी पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
धार्मिक महत्व
मंुडेश्वरी धाम पर्यटन व धार्मिक स्थल के रूप में चर्चित है। लेकिन, इस महत्वपूर्ण स्थल पर पहुंचने के लिए सुवरा नदी पर सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित पुराना पुल संकरा है। इसके समानांतर में पुल का निर्माण किया जाना था। लेकिन, इस दिशा में अब तक ठोस काम नहीं हो सका। शारदीय व चैत नवरात्र, श्रावणी मेला में यहां कई प्रदेशों के श्रद्धालु दर्शन-पूजन करने आते हैं। लेकिन, बदहाल सिंगल लेन के पुल पर ऐसे अवसर अक्सर जाम लग जाता है, जिसमें श्रद्धालुओं के वाहन फंस जाते हैं।
स्थानीय लोगों की चिंताएँ
ग्रामीण गुड्डू चौरसिया, सिपाही पांडेय बताते हैं कि भगवानपुर-मुंडेश्वरी सड़क में वर्ष 1977 में नदी पर पुल का निर्माण हुआ था। अब उसकी रेलिंग टूट गई है। पुल की उपरी सतह में पिलरों के जोड़ पर दरार दिखने लगी है। इस वजह से भारी वाहनों के परिचालन पर रोक है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्रीय सांसद, मंत्री व विधायकों को मुंडेश्वरी धाम के विकास से जुड़ी इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए था, ताकि श्रद्धालु व पर्यटन यहां आसानी से आ-जा सके। (भगवानपुर से अमरनाथ पांडेय)
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