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29 नवंबर, 2020|10:31|IST

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प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार को जाम कर दिया धरना

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डूबी फसल से जलनिकासी की मांग करने के लिए आंदोलित हुए किसान

कहा, वरीय व कनिष्ठ अफसरों को आवेदन देने के बाद भी नहीं हुआ कुछ

रामपुर। एक संवाददाता

प्रखंड के खरेंदा व सिझपुरा गांव के किसानों ने गुरुवार को प्रखंड मुख्यालय के मुख्य द्वार को जाम कर धरना दिया, जिससे करीब आधा घंटा तक कर्मी आ-जा नहीं सकें। उन्हें दूसरे द्वार से आना-जाना पड़ा। किसान तीन घंटो तक धरना पर बैठे रहे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई अधिकारी उनके पास नहीं गए। इससे किसानों में नाराजगी देखी गई। धरना में शामिल किसान अवधेश पांडेय, श्यामनारायण बिंद, रामजनम पासवान, कमला लाल ने कहा कि बारिश होने पर पहाड़ व नजर का पानी उनके गांव के बाधार कई साल से जमा होते आ रहा है। इससे करीब दो सौ एकड़ खेते में रोपे गए धान का बिचड़ा खराब हो जा रहा है। उन्हें लाखों की क्षति हो रही है।

किसानों ने कहा कि जलनिकासी के लिए पुराना नाला है। लेकिन, खरेंदा के कुछ ग्रामीण उसपर अवैध रूप से कब्जा किए हुए हैं, जिससे जलनिकासी अवरूद्ध हो गया है। नाला से अतिक्रमण हटाने के लिए डीएम, एसडीएम व सीओ को पिछले साल भी आवेदन दिया गया था। लेकिन, अतिक्रमण बरकरार है। फसल के बर्बाद होने का डर है। अगर प्रखंड प्रशासन द्वारा नाला से अतिक्रमण नहीं हटवाया गया तो प्रति वर्ष उनकी फसल डूबेगी। किसानों ने यह भी बताया कि अतिक्रमण स्थल की जांच हल्का कर्मचारी नरेन्द्र चौबे द्वारा की गई है। रिपोर्ट भी वरीय अधिकारी को सौंपी गई है। लेकिन, अभीतक कुछ नहीं हो सका। किसानों ने कहा कि जब तक अतिक्रमण नहीं हटवाया जाता है या इसके लिए समय निर्धारित नहीं किया जाता है तब तक धरना जारी रहेगा। धरना में भारद्धाज बिंद, काशीनाथ पांडेय, बचन लाल, अशोक पांडेय आदि थे।

फोटो-23 जुलाई भभुआ- 10

कैप्शन- मांगों के समर्थन में रामपुर के प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार पर गुरुवार को धरना देते सिझपुरा व खरेंदा गांव के किसान।

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