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संघीय कानून के विरूद्ध है बिहार की परिवहन नीति

हिन्दुस्तान टीम,भभुआPublished By: Newswrap
Tue, 03 Aug 2021 08:11 PM
संघीय कानून के विरूद्ध है बिहार की परिवहन नीति

चौदह व उससे अधिक चक्के वाले ट्रकों से गिट्टी व बालू की ढुलाई पर प्रतिबंध गलत

केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम 14 एवं उससे अधिक चक्के वाले वाहनों को मिला है अधिकार

मोहनियां। एक संवाददाता

बिहार सरकार द्वारा चौदह व उससे अधिक चक्के वाले ट्रकों से गिट्टी व बालू की ढुलाई पर प्रतिबंधित करने वाला अधिनियम संघीय कानून के विरूद्ध है। जब केन्द्रीय मोटर वाहन अधिनियम में चौदह व उससे अधिक चक्के वाले ट्रकों को राष्ट्रीय परमिट के तहत देश के किसी भी भाग में माल ढुलाई का अधिकार मिला है, तो बिहार में इसे प्रतिबंधित करना गैर कानूनी व सरकार के मनमानी का द्योतक है। इन बातों का जिक्र करते हुए रामगढ़ विधायक सुधाकर सिंह ने परिवहन विभाग के सचिव को पत्र लिखा है, जिसमें कहा है कि राष्ट्रीय परमिट से प्राप्त राजस्व में राज्यों को राज्यांश आवंटित होता है।

इस तरह का कानून लगाकर क्या बिहार सरकार राज्यांश नहीं लेने पर विचार कर रही है।

अगर केन्द्रीय राजस्व में सरकार हिस्सेदारी ले रही है तो ऐसी परिस्थितियों में चौदह व उससे अधिक चक्के वालों ट्रकों का परिचालन रोकना अनैतिक है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि शराबबंदी के समय भी इसी तरह की समस्या उत्पन्न हुई थी, जिसे उच्च न्यायालय के सक्रिय हस्ताक्षेप से सुलझा लिया गया था। लेकिन, हठी व अनैतिक सरकार अपने उडंदतापूर्ण व्यवहार से अन्य प्रदेशों से आने वाले गिट्टी व बालू लदे ट्रकों को दूसरे राज्यों में ले जाने से रोककर बेरोजगार नौजवानों के साथ शौतेला व्यवहार कर रही है जो कर्ज लेकर ट्रक खरीदे थे और बालू तथा गिट्टी के कारोबार में लगे हुए हैं। यह अधिनियम उन पर पक्षपात के सामान है।

घटा नदियों का जलस्तर, लोगों ने ली राहत सांस

दुर्गावती। एक संवाददाता

बाढ़ झेल रहे प्रखंड के लोगों के लिए राहत की खबर है। दुर्गावती, गेहुअनवा व कोहिरा नदी अभी स्थिर है, जबकि मंगलवार की सुबह से ही कर्मनाशा नदी का जलस्तर घट रहा है। मालूम हो कि रविवार से दुर्गावती में नदियां उफान पर थी। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए थे। बाढ़ के पानी से सैकड़ों हेक्टेयर लगी खरीफ की फसल बाढ़ के पानी से डूब गई है।

अभी भी चेहरिया ,मच्छनहटा ,गोरार सरियाव, डहला, बहेरा, कसथरी, उदपुरा, चोगड़ा व बसन्तपुर गांव पूरी तरह बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गांव जाने वाले सम्पर्क पथ पर पानी चल रहा है। बभनपुरा, जनार्दनपु, मचखिया, अवहरिया, अषोगा, गंगापुर, दरौली, सावठ, खामिदौरा, धनिहारी, मनोहरपुर, माधोपुर, इसड़ी, कुसहरिया, इसीपुर व रोहुआ गांव में धान की खड़ी फसल डूबी हुई है। किसानों का कहना है कि अगर बाढ़ का पानी जल्द नही कम हुआ तो किसानों की फसल गल कर नष्ट हो जाएगी।

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