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सावन की शिवरात्रि पर भक्तों ने किया जलाभिषेक

मंदिरों में दर्शनार्थियों और कांवरियों का देर शाम तक लगा रहा तांता

जगह-जगह होते रहे भजन-कीर्तन, हर-हर महादेव का होता रहा उद्घोष

ग्राफिक्स

06 बजे सुबह में की गई भोले बाबा की दिव्य आरती

06 बजकर 30 मिनट पर भक्तों के लिए खुला द्वार

इंट्रो

सावन की शिवरात्रि को शिव भक्तों ने महादेव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। भक्तों ने भगवान शिव को जल चढ़ाकर उन्हें प्रसन्न करने का प्रयास किया, ताकि उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हो सके। भक्तों की भीड़ व कतार देखते बन रही थी। हर कोई अपने अराध्यदेव औघरदानी का दर्शन कर पूजन करना चाहता था। रोहतास जिले के चेनारी की कैमूर पहाड़ी की गुफा में स्थित गुप्ताधाम में जलाभिषेक करनक कि बाद काफी संख्या में कांवरिए पंवरा पहाड़ी के मां मुंडेश्वरी मंदिर के गर्भ गृह में स्थित महामंडलेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना करने पहुंचे थे।

भभुआ। कार्यालय संवाददाता

सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को भक्तों ने जिले के शिवालयों में जलाभिषेक किया। शिवरात्रि को लेकर महिलाओं ने उपवास रखा था। पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की काफी भीड़ लगी थी। सबसे ज्यादा भी मुंडेश्वरी धाम में देखी गई। श्रद्धालुओं ने ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख शिव मंदिरों में मत्था टेका। जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए भक्तों की कतारें भोर से ही लग गई थीं। मंदिरों में दर्शनार्थियों और कांवरियों का देर शाम तक तांता लगा रहा। जगह-जगह भक्ति संगीत के कार्यक्रम होते रहे। सुरक्षा को ले पुलिस और प्रशासनिक अफसर जवानों के साथ जगह-जगह तैनात थे। हर-हर महादेव और बोल बम के उद्घोष से मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गुंजायमान रहा।

सावन महीना भगवान शिव के लिए प्रिय माना गया है। इसलिए इस माह की शिवरात्रि भी खास मानी जाती है। शिवरात्रि को लेकर मां मुंडेश्वरी मंदिर के गर्भगृह में स्थित महामंडलेश्वर महादेव पर जलाभिषेक करनेवाले कांवरिए व श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। जिला प्रशासन व न्यास पर्षद ने सुरक्षा व सुविधा का पुख्ता इंतजाम किया था। प्रसाद की दुकानों पर भी भीड़ रही। श्रावणी मेला घूमने आए भक्त दुकानों पर चाय-नाश्ता कर रहे थे। दर्शन-पूजन के बाद थके कांवरिए पेड़ की छाया, तालाब, पार्क, यज्ञ मंडप परिसर में विश्राम करते देखे गए। कुछ लोग पूरे परिवार के साथ मां का दर्शन-पूजन करने के लिए पहंचे थे।

सेवादार भी दिखे तैनात

मुंडेश्वरी मंदिर परिसर में शिवरात्रि पर मंगलवार को पुलिस के अलावा सेवादार भी तैनात थे। वह शिव भक्तों को कतारवद्ध कर बारी-बारी से मां मुंडेश्वरी व महामंडलेश्व महादेव का दर्शन करा रहे थे। किसी को तकलीफ न हो, इसका वह ध्यान रख रहे थे। कुछ लोग भक्तों को पानी पिलाने में जुटे थे। इनमें अधिकांश सेवादार न्यास पर्षद के सचिव अशोक कुमार सिंह के आग्रह पर भक्तों की सेवा में पहुंचे थे।

मंदिरों की हुई थी आकर्षक सजावट

शिवरात्रि को लेकर मंदिरों की आकर्षक सजावट की गई थी। मुंडेश्वरी मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों व हरी पत्तियों से सजावट करने के अलावा प्रकाश का प्रबंध किया गया था। शाम ढलने के बाद रंग-बिरंगे बल्ब से धाम परिसर दुधिया रौशनी से नहा उठा। छोटे बल्ब से लेकर एलइडी लाइट तक लगाई गई थी। इस कारण श्रावणी मेला में आए लोग देर रात तक भक्ति कार्यक्रमों में लीन रहे। महिला-पुरुषों के साथ बच्चे भी आए थे।

थाल को सजाकर पहुंचे थे भक्त

शिवरात्रि पर पूजा-अर्चना करने वाले भक्त खासकर महिलाएं पूजा की थाल को सजाकर लेकर पहुंची थीं। थाल में बेलपत्र, फूल, धतुरा, धूप, अगरबत्ती, जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी, इत्र, चंदन, केसर, भांग आदि लेकर भक्तजन आए थे। पूजा के दौरान भगवान शिव को भक्तों ने उक्त पूजा सामग्री अर्पित किया और मनोकामनाएं पूरी करने की प्रार्थना की।

क्या कहते हैं श्रद्धालु

मुंडेश्वरी धाम में गाजीपुर से आए हरिचरण अग्रवाल व उनकी पत्नी ने बताया कि उनके द्वारा सावन की दूसरी सोमवारी को भगवान शिव व मां मुंडेश्वरी की पूजा की गई थी। लेकिन, मंगलवार को शिवरात्रि होने की वजह से पूजा करने के लिए भभुआ में अपने एक रिश्तेदार के घर में रूक गए थे। उन्होंने बताया कि पति-पत्नी सावन की हर सोमवारी को पूजा करने महामंडलेश्वर व मां के दरबार में आते हैं। उनका यह सिलसिला पिछले पांच साल से चल रहा है।

क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

ज्योतिषाचार्य वागीश्वरी प्रसाद द्विवेदी बताते हैं कि सावन में खुद भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी और अपने शिवगणों के साथ सहित पूरे माह पृथ्वी पर विराजते हैं। सावन की शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना काफी फलदायी होता है। वैसे तो हर माह में शिवरात्रि आती है। लेकिन, फाल्गुन मास की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में मनाते हैं।

बक्सर के श्रद्धालु हैं कीर्तन में लीन

भगवानपुर। मंुडेश्वरी धाम में चल रहे श्रावणी मेले में सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को बक्सर की मां मुंडेश्वरी सेवा समिति के श्रद्वालुओं ने बसावन मठिया के पीठाधीश्वर के सानिध्य में भजन-कीर्तन किया। वैसे तो समिति द्वारा 27 वर्षों से 30 घंटों के लिए तीन दिवसीय कीर्तन किया जाता रहा है। समिति के टुनटुन वर्मा ने बताया कि यज्ञशाला में 30 घंटे का अखंड हरिकीर्तन करने के साथ रोजाना लंगर चलाया जा रहा है। मंदिर में रुद्वाभिषेक पूजा भी की जाती है। कीर्तन कार्यक्र में देवेन्द्र सिंह, शिवजी सिंह, बब्लू पांडेय, जयनाथ राय, जगदीश दूबे, शत्रुध्न सिंह, सतेन्द्र वर्मा, प्रभुनाथ सिंह, संजय मिश्रा आदि श्रद्वालु भाग ले रहे है। (ए.सं.)

फोटो- 30 जुलाई भभुआ- 1

कैप्शन- भगवानपुर की पंवरा पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी मंदिर में सावन की शिवरात्रि पर महामंडलेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना करते कांवरिए।

फोटो- 30 जुलाई भभुआ- 2

कैप्शन- भगवानपुर की पंवरा पहाड़ी पर स्थित मुंडेश्वरी धाम परिसर में शिवरात्रि पर मंगलवार को भजन-कीर्तन करते बक्सर के शिव भक्त।

फोटो- 30 जुलाई भभुआ- 3

कैप्शन- सावन की शिवरात्रि पर मंगलवार को भभुआ शहर की पुलिस लाइन स्थित डाकेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग पर जल अर्पण करतीं महिलाएं।

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