DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  भभुआ  ›  डायरिया से बेटे की मौत, पिता समेत पांच हुए बीमार
भभुआ

डायरिया से बेटे की मौत, पिता समेत पांच हुए बीमार

हिन्दुस्तान टीम,भभुआPublished By: Newswrap
Thu, 16 May 2019 08:22 PM
डायरिया से बेटे की मौत, पिता समेत पांच हुए बीमार

दो का पीएचसी में और तीन मरीजों का चल रहा है गांव में इलाज

मेडिकल टीम कर रही है पतरिहां में कैंप, सिविल सर्जन भी पहुंचे

68 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की टीम ने की जांच

06 दिनों तक निगरानी करेगी मेडिकल टीम

भगवानपुर। एक संवाददाता

प्रखंड का पतरिहां गांव डायरिया की चपेट में आ गया है। डायरिया से जहां गांव के एक बच्चे की मौत हो गई वहीं उसके पिता समेत पांच लोग आक्रांत हैं। मृतक तीन वर्षीय रूद्र प्रताप पांडेय पतरिहां गांव के चंद्रशेखर पांडेय का बेटा था। पीड़ितों में चंद्रशेखर पांडेय व कुमारी निरमा का भगवानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा पूजा कुमारी, लालबचन पांडेय व छोटी कुमारी का इलाज पतरिहां गांव में डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है।

उक्त गांव में डायरिया से लोगों के आक्रांत होने की सूचना जैसे ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. गंगानंद प्रसाद मिली उन्होंने डॉ. राजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में दवा व एम्बुलेंस के साथ पतरिहां भेजा और इसकी सूचना सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार तिवारी को दी। इस टीम में एएमएम पूजा कुमारी, संतरा देवी, जय कुमार आदि स्वास्थ्यकर्मी शामिल थे।

डॉक्टर चौधरी ने डायरिया से रूद्र प्रताप की मौत होने की पुष्टि की और बताया कि रूद्र के पिता चंद्रशेखर व निरमा की गंभीर हालत को देखते हुए सीएचसी में एम्बुलेंस से भिजवाया गया, जबकि पूजा, लालबचन व छोटी का इलाज गांव में ही कैंपर करके किया जा रहा है। वह अपने साथ स्लाइन, ओआरएस, पारासिटामोल, उल्टी, दस्त, पेट दर्द सहित अन्य बीमारी की दवाएं लेकर पतरिहां गांव में कैंप कर रहे हैं।

सीएस ने गांव का लिया जायजा

सिविल सर्जन भी पतरिहां गए और वहां के ग्रामीणों से खान-पान की जानकारी ली। गांव में भ्रमण किया। डॉक्टर चौधरी ने बताया कि उक्त गांव के 68 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। लेकिन, इनमें से पांच लोग ही डायरिया से आक्रांत मिले। अब इलाज चल रहा है तो उनकी हालत में भी सुधार होने लगी है। गांव के अन्य लोगों को डायरिया से बचाव के उपाय बताए गए हैं। वैसे इस गांव पर स्वास्थ्य विभाग लगातार नजर रखेगा। दूषित पानी पीने से लोग डायरिया से बीमार हुए हैं।

चिकित्सक व कर्मियों के साथ की बैठक

पतरिहां गांव से लौटने के बाद सिविल सर्जन ने सीएचसी में चिकित्सक व कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि बीडीओ को इस आशय का पत्र लिखे कि पतरिहां के कुएं व चापाकल के पानी की लैब में जांच कराएं, ताकि यह पता चल सके कि गांव का पानी कितना दूषित है और उसे कैसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने का निर्देश दिया। सीएस ने छह दिनों तक लगातार बीच-बीच में पतरिहां जाकर मरीजों के स्वास्थ्य की जांच करने और उसकी रिपोर्ट देने तथा मेडिकल टीम व दवा के साथ एम्बुलेंस को तैयार रखने का निर्देश दिया।

डायरिया के कारण

अधिक गर्म या नमीयुक्त वातावरण के साथ दूषित खानपान डायरिया के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। डायरिया पैदा करने के लिए प्रमुख रूप से रोटा वायरस जिम्मेदार होता है, जिसके इंफेक्शन की वजह से डायरिया होता है। दूषित पानी व मिलावटी दूध पीने से भी डायरिया होता है। दूषित खाना खाने से पेट में इंफेक्शन हो सकता है। इसे गैस्ट्रोइंटराइटिस या समर फ्लू कहते हैं। ऐसा होने पर रोगी को बार-बार उलटी, दस्त, पेट व शरीर में दर्द या बुखार भी हो सकता है।

डायरिया होने पर यह घरेलू उपाय आजमाएं

डायरिया होने पर एक गिलास पानी में दो चम्मच शक्कर, चुटकीभर नमक और नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाकर बच्चे को पिलाएं। नारियल पानी पिलाना भी फायदेमंद होगा। दाल का पानी, चावल का मांड़, दही-केला दें। ओआरएस को घोल जरूर पीएं।

फोटो- 16 मई भभुआ- 3

कैप्शन- भगवानपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने के लिए बुधवार को भर्ती पतरिहां के डायरिया मरीज।

फोटो- 16 मई भभुआ- 2

कैप्शन- भगवानपुर के पतरिहां गांव में डायरिया फैलने के बाद बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बैठक करते सिविल सर्जन।

संबंधित खबरें