DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सियासी दलों के वोट बैंक में कही सेंध न लगा दे नोटा

पिछले लोकसभा चुनाव में 13379 लोगों ने नोटा का बटम दबाकर जताया था अपना विरोध

आयोग ने 2014 के लोकसभा चुनाव में वोट बहिष्कार की जगह नोटा का निकाला था विकल्प

ग्राफिक्स

1771935 वोटर हैं सासाराम संसदीय क्षेत्र में

0928122 है पुरुष मतदाताओं की संख्या

0843776 हैं ससाराम में महिला वोटर

भभुआ। हिन्दुस्तान संवाददाता

चुनावी चहलकदमी के बीच वोट की सेटिंग में जुटे राजनीतिक दलों को नोटा के सोटा की चिंता सता रही है। सियासी दलों के जेहन में यह सवाल कौंध रहा है कि नोटा कहीं उनके वोट बैंक में सेंध न लगा दे। विभिन्न दलों की सभाओं में नेताओं की बड़बोली एवं बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे लोगों के दिलोदिमाग में नोटा ने भी अपनी जगह बना ली है। यही कारण है कि वर्ष 2014 में संपन्न लोकसभा चुनाव में सासाराम संसदीय क्षेत्र में 13397 लोगों ने नोटा का बटम दबाकर अपना विरोध जताया था। तब भाजपा, कांग्रेस, जदयू व बसपा प्रत्याशी के बाद नोटा पांचवें नंबर पर था।

सूत्रों की माने तो इस बार के लोकसभा चुनाव में भी नोटा का प्रयोग हो सकता है। हालांकि प्रशासन मतदान प्रतिशत बढ़ाने की कवायद को तेज कर दिया है। भारत निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2013 में विकल्प के रुप में नोटा की शुरुआत की है। अगर मतदाताओं को किसी पार्टी व उम्मीदवार को पसंद नहीं करते हैं या वह समस्याओं को लेकर विरोध करना चाहते हैं लेकिन वोट भी देना चाहते है तो ऐसे लोग विकल्प के रुप में नोटा का बटम दबाते हैं। इसलिए आयोग ने इवीएम में 16 वें नंबर पर नोटा का स्थान सुरक्षित किया है। चुनावी चहलकदमी के बीच विभिन्न मुद्वों को लेकर आम मतदाताओं में पक्ष-विपक्ष के प्रति नाराजगी देखने को मिल रही है।

चेनारी के वोटरों ने अधिक दबाया था नोटा

भभुआ। पिछले लोकसभा चुनाव में 13397 लोगों ने नोटा का बटन दबाया था। चेनारी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने सबसे अधिक नोटा बटम का इस्तेमाल किया था। जबकि नोटा का बटम दबाने में सासाराम के मतदाता दूसरे नंबर पर रहे। चेनारी में 2676 व सासाराम विधानसभा क्षेत्र में 2304 वोटरों ने नोटा बटन का प्रयोग किया था। इसके अलावा मोहनियां विधानसभा में 2020, भभुआ में 2095, चैनपुर में 2126 व करहगर विधानसभा क्षेत्र में 2156 लोगों ने नोटा का बटम दबाकर अपना विरोध जाहिर किया था। सर्विस वोटरों ने भी नोटा का साथ नहीं छोड़ा। दो सर्विस वोटरों ने भी नोटा का बटम दबाया था।

राजनीतिक दलों में हो रही नोटा की चर्चा

भभुआ। चाय की चुस्की पर नेताओं व आम लोगों को नोटा पर चर्चा करते सुना जा रहा है। मंगलवार की सुबह करीब आठ बजे शहर के एकता चौक के पास एक चाय की दुकान पर विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को आपस में यह बात करते सुना गया कि अगर नोटा पर अधिक वोट पड़ा तो समीकरण गड़बड़ा सकता है। कार्यकर्ताओं की इस चर्चा के बीच वहां पर मौजूद कुछ मतदाताओं ने भी अपना विचार व्यक्त किया। मतदाताओं का कहना था कि सरकार चाहे किसी की बने सभी अपने फायदे के बारे में ही सोच रहे है। सिर्फ चुनाव के दौरान ही नेता विकास की घेषणा करते हैं।

फोटो-07 मई भभुआ- 12

कैप्शन- शहर के मुंडेश्वरी सिनेमा के पास स्थित चबूतरे पर सोमवार को चाय पीने के दौरान चुनाव की चर्चा करते लोग।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:bhabhua news