DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अत्याचार मामले में 24 पीड़ितों को दिया स्वीकृति पत्र

बोले अजा-अजजा आयोग के सदस्य, अत्याचार मामलों का समय से करें निपटारा

कार्यशाला में पुलिस अफसरों को अत्याचार निवारण अधिनियम की दी गई जानकारी

भभुआ। हिन्दुस्तान संवाददाता

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम के कार्यालय कक्ष में 24 पीड़ितों को स्वीकृति पत्र दिए गए। इस अधिनियम को लेकर कार्यशाला आयोजित हुई। अध्यक्षता राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. योगेन्द्र पासवान ने की। उनके द्वारा अत्याचार निवारण मामले में 24 पीड़ितों के बीच 29 लाख 75 हजार रुपयों का स्वीकृति पत्र दिया गया।

उन्होंने कहा कि जिनके घर हादसा होता है वैसे पीड़ित परिवारों को यह राशि इसलिए दी जाती है ताकि वह इस पैसे से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई करा सकें। इस पैसे से कोई रोजगार कर परिवार के सदस्य जीविकोपार्जन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा अत्याचार अधिनियम की शुरुआत इसलिए की गई कि ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और अपराधियों को सजा दिलाई जा सके। आयोग के सदस्य ने कहा कि पहले अत्याचार निवारण मामले में 22 धाराएं लगती थी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे बढ़ाकर 47 कर दिया है। इतना ही नहीं पीड़ित परिवारों को मिलने वाले मुआवजे की राशि को भी बढ़ा दी गई।

उन्होंने पुलिस अफसरों को अत्याचार से संबंधित मामलों में 60 दिन के अंदर सभी कार्रवाई पूरी करने को कहा, ताकि पीड़ित परिवार को सरकार से मिलने वाली सहायता राशि का लाभ समय से दी जा सके। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिला कल्याण पदाधिकारी राजीव रंजन प्रसाद सिन्हा को अत्याचार निवारण मामलों से संबंधित फाइलों का निष्पादन तेजी से करने को कहा। एसपी दिलनवाज अहमद ने पुलिस पदाधिकारियों को अत्याचार अधिनियम से जुड़े मामलों को शीघ्र निष्पादित करने का निर्देश दिया।

फोटो-05 मार्च भभुआ- 8

कैप्शन- कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित कार्यशाला के दौरान दिए गए स्वीकृति पत्र के साथ पीड़ित परिवार व अधिकारी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:bhabhua news