DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मुंडेश्वरी के रामचरित मानस महायज्ञ में उमड़े श्रद्धालु

महायज्ञ में राम चरित मानस कथा का श्रवण करने पहुंच रहे लोग

कथा वाचक हेग्रीवाचार्ज ने भगवान के नाम की महिमा का किया बखान

भभुआ। एक प्रतिनिधि

मुंडेश्वरी धाम परिसर में चल रहे 39 वें श्रीरामचरित मानस महायज्ञ सह महारुद्राभिषेक में मंगलवार को श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। महायज्ञ में आरती-पूजन के बाद दोपहर में रामचरित मानस कथा संतों द्वारा सुनाई जा रही है। इसे श्रवण करने के लिए विभिन्न गांवों से महिला-पुरुष श्रद्धालु भाग लेने पहुंचे थे। बनारस के कथावाचक संत श्री स्वामी हेग्रीवाचार्ज जी महाराज रामचरित मानस की कथा में कलयुग में भगवान के नाम की महिमा का बखान किया।

उन्होंने बताया कि कलयुग में भगवत नाम ही परमात्मा की प्राप्ति का मुख्य साधन है। ‘नहीं कली करम न भगती विवेकु, राम नाम अवलंबन एकु। भगवान का नाम जिस प्रकार से अगाध सागर में सेतु बांध देता है और उसपर सवार होकर चींटी भी सहज तरीके से पार कर जाती हैं उसी प्रकार मनुष्य भी राम नाम लेकर आसानी से भवसागर पार कर जाते हैं। कथावाचक ने जब अजामिल की कथा का श्रवण कराया तो श्रोता भावविभोर हो गए।

उन्होंने कहा कि अजामिल नाम दुष्ट का जब अंत समय आया तो उसने अपने पुत्र को नारायण नाम लेकर बुलाया। लेकिन, भगवान के भेजे दूत यह बात जानकार भी कि उसने अपने पुत्र को बुलाया है आपस में विचार किए कि अनजाने में ही सही उनके मेरे स्वामी नारायण का नाम लिया तो सही। उसकी सदगती बन गई।

कथावाचक ने कथा के दौरान कई भगवान के नाम की महिमा के कई तथ्य प्रस्तुत किए। मंटू शुक्ला ने बताया कि विद्वान पंडितों द्वारा यज्ञ में सुबह में आरती के बाद पूजन किया जाता है। यज्ञ मंडप की परिक्रमा करने के लिए भी काफी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महारुद्रभिषेक किया जाता है। यज्ञ में मुख्य यजमान जगदम्बा तिवारी, संचालक उदय नारायण पांडेय, चिंटू शुक्ला, छोटन पांडेय आदि थे।

फोटो-12 फरवरी भभुआ- 11

कैप्शन- भगवानपुर के मुंडेश्वरी धाम परिसर में आयोजित श्रीरामचरित मानस महायज्ञ में मंगलवार को कथा सुनाते संत श्री स्वामी हेग्रीवाचार्ज जी महाराज।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:bhabhua news