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भभुआ: कोरोना से लड़ने को एक्शन में आया जिला प्रशासन, DM बोलें- संक्रमण के दायरे को सीमित करना है

हिन्दुस्तान टीमMalay Ojha
Fri, 17 Jul 2020 11:05 AM
भभुआ: कोरोना से लड़ने को एक्शन में आया जिला प्रशासन, DM बोलें- संक्रमण के दायरे को सीमित करना है

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जिला प्रशासन एक्शन में है। लॉकडाउन में प्रवासियों के सामने आने वाली वित्तीय दिक्कतों को दूर करने के लिए जिला प्रशासन पहले से ही रोजगार मुहैया कराना शुरू कर दिया है। इसको लेकर डीएम द्वारा अफसरों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। जिले में करीब 25 हजार प्रवासी मजदूर हैं। इनमें से 17 हजार कुशल व 8 हजार अकुशल प्रवासी मजदूर हैं। सभी को रोजगार मिले इसके लिए मनरेगा, पथ निर्माण, पीएचईडी, ग्रामीण कार्य विभाग, श्रम विभाग, ग्रामीण विकास विभाग आदि को खास जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीएम ने बुधवार को भी अफसरों संग वीडियो कांफ्रेंसिंग कर लॉकडाउन के दौरान खास जिम्मेदारी सौंपी है। इसके पहले डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी व एसपी दिलनवाज अहमद ने भी प्रशासनिक व पुलिस अफसरों के साथ बैठक की थी।corona lockdown bihar

जिले में किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो और लगातार फीडबैक मिलता रहे इसके लिए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है। डीएम व एसपी खुद अफसरों से फीडबैक ले रहे हैं। लोगों को जरूरी सामानों की दिक्कतें न हो इसके लिए दूध, दवा, फल, सब्जी, किराना, खाद, कीटनाशक आदि की दुकानें खोलवाई गई हैं। कोरोना वायरस जैसी बड़ी महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन लगातार कड़े कदम उठा रहा है। जरूरत पड़ी तो 10 से 17 जुलाई तक भभुआ व मोहनियां शहर को खास तौर पर लॉकडाउन किया गया।corona lockdown bihar

स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार

इस महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। बीमारी की जांच के लिए प्रयोगशाला, उपचार के लिए आइसुलेशन वार्ड, होम आइसुलेट व क्वारंटाइन करने, स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देने जैसा काम हो रहा है। सदर अस्पताल में प्रयोगशाला बनाई गई है। इसमें कोरोना जांच के लिए पहले एक ट्रूनेट मशीन आई। अब इसकी संख्या तीन हो गई है। फिर कंफर्मेटरी किट से जांच शुरू हुई। अब रैपिड एंटीजन प्रणाली से भी जांच किए जाने की संभावना है। फिलहाल सदर अस्पताल में कोरोना जांच हो रही है। लेकिन, रैपिड एंटीजन सिस्टम से ऑन द स्पॉट जांच शुरू हो जाएगी। इसकी पुष्टि सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार तिवारी ने भी की है।

लक्षण मिलने पर आइसुलेट

जिले में रहने वाले जिस व्यक्ति में कोरोना का लक्षण दिखाई देता है तो उसको डॉक्टरों की निगरानी में आइसुलेशन सेंटर में रखा जा रहा है। अगर इनकी कोई ट्रेवलिंग हिस्ट्री मिल रही हो या फिर किसी पॉजीटिव के संपर्क में आ जाने की जानकारी प्राप्त हुई हो, उन्हें होम क्वारंटाइन किया जा रहा है। अगर आगे चलकर इनमें कोई सिमटम दिखाई दिया तो आइसुलेशन सेंटर में शिफ्ट किया जा रहा है। अधिकांश सरकारी दफ्तरों में आने-जानेवालों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जा रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित व्यक्तियों का ब्योरा तैयार किया जा रहा है। फ्लू के लिए अलग से यूनिट भी बनाया गया है।

संक्रमण के दायरे को सीमित करना है: डीएम

डीएम ने बताया कि लॉकडाउन का उद्देश्य सिर्फ कोरोना संक्रमण के दायरे को कम करना है। इसके लिए हर वह उपाय अपनाया जा रहा है जो जरूरी है। जिले में मंगलवार की शाम तक कोरोना संक्रमित की संख्या 285 थी। लेकिन, अब सिर्फ कोरोना एक्टिव के 64 केस रह गए हैं। यानी मेडिकल टीम ने 221 लोगों को स्वस्थ कर उनके घर भिजवाने का काम किया है। हमारी कोशिश है कि जिले के भीतर संक्रमण को फैलने से रोका जाए। लॉकडाउन के नियमों का पूरी तरह पालन करना है। घरों में रहना जरूरी है। ज्यादा जरूरी होने पर बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

जिले की पुलिस है पूरी तरह मुस्तैद: एसपी

लॉकडाउन के दौरान जिले की पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यहां भभुआ व मोहनियां में पहले से लॉकडाउन है। प्रखंड व जिला जिला मुख्यालय तथा भभुआ-मोहनियां निकाय क्षेत्र को अब 31 जुलाई तक लॉकडाउन कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम, एसडीपीओ, बीडीओ, सीओ, थानाध्यक्ष को अलर्ट कर दिया है। एसडीएम व एसडीपीओ मॉनिटरिंग करेंगे। चौक-चौराहों व तिराहे पर अफसरों के साथ जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। हर जरूरी चीजों की दुकानें खुली हुई हैं। लॉकडाउन का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

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