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प्रसार प्रचार हेतु जागरूकता रथ हरी झंडी दिखा कर रवाना

प्रसार प्रचार हेतु जागरूकता रथ हरी झंडी दिखा कर रवाना

संक्षेप: पेज चार की खबर पेज चार की खबर प्रसार प्रचार हेतु जागरूकता रथ हरी झंडी दिखा कर रवाना सीएस ने सदर अस्पताल से जागरुकता

Fri, 12 Sep 2025 09:06 PMNewswrap हिन्दुस्तान, भभुआ
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पेज चार की खबर प्रसार प्रचार हेतु जागरूकता रथ हरी झंडी दिखा कर रवाना सीएस ने सदर अस्पताल से जागरुकता रथ को किया रवाना राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आगामी 16 सितम्बर 2025 से होगा शुरु भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस आगामी 16 सितम्बर 2025 के लिए शुक्रवार 12 सितम्बर को 11 बजे सिविल सर्जन डा.विन्देश्वरी रजक द्वारा प्रसार प्रचार हेतु जागरूकता रथ को सदर अस्पताल से हरी झंडी दिखला कर रवाना किया गया। जागरुकता रथ विभिन्न प्रखण्डों में जाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस प्रचार प्रसार करेगी। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा.आर.के.चौधरी, जिला वैक्टर जनित रोग पदाधिकारी डा.सत्य स्वरुप, जिला लेखा प्रबंधक प्रभात कुमार एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

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यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष 1-19 वर्ष के बच्चों को कृमि मुक्त करने हेतु राज्य के सभी जिलों में आयोजित की जाती है। बच्चों में कृमि व्यक्तिगत अस्वछता एवं संक्रमित दुषित मिट्टी के सम्पर्क से होता है। जिससे बच्चों के पोषर स्तर एवं हिमोगलोबीन स्तर पर दुष्प्रभाव पड़ता है और बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास बाधित होता है। यह कार्यक्रम में अलबेन्डा जोल की गोली सभी आंगनबाड़ी एवं सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में खिलायी जानी है। विद्यालयों में नहीं जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता के द्वारा खिलायी जाऐगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 16सितम्बर2025 को छुटे हुए बच्चों को मॉप-अप 19सितम्बर2025 में दवा खिलायी जाएगी। इस दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। खुराक 1-2 वर्ष के बच्चों को आधी गोली चूरा कर पानी में मिला कर देनी है। 2-3 वर्ष के बच्चों को 01 गोली चूरा कर पानी में मिला कर देनी है। 3-19 वर्ष के बच्चों को 01 गोली चबा कर पानी के साथ देनी है। यह गोली पूरी तरह से सुरक्षित है, परंतु कुछ बच्चों में कृमि की संख्या अधिक होने के कारण पेट में हल्का दर्द, जी मिचलना, उल्टी, दस्त, अचानक सिर दर्द की समस्या होती है। जो कुछ देर के बाद स्वत: ही समाप्त हो जाती है चिकित्सीय इलाज की जरूरत नहीं पड़ती है। जिले में लक्षय 965912 बच्चे व 01-19 वर्ष के 1015917 को देना है। आगामी 16 सितम्बर को बच्चों को खिलाया जाएगा एलवेंडाजोल सेविकाओं व आशा कार्यकर्ताओं को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण रामपुर,एक संवाददाता। स्थानीय महामारी अस्पताल सभागार भवन में पीएचसी प्रभारी डाक्टर रमेश कुमार के नेतृत्व में सेविकाओं व आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय शुक्रवार को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक के रूप में रहे स्वास्थ प्रबंधक जय प्रकाश सिंह व बीसीएम राकेश कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देश पर 16 सितम्बर को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर 1 से 19 वर्ष के बच्चों को दवा खिलाने का अभियान चलाया जाएगा। यह दवा एक से 2 वर्ष के बच्चों को आधा गोली की चुर्ण बना कर खिलाया जाएगा। 2 से 3 वर्ष के बच्चों को एक गोली की चुर्ण बना कर, वहीं 3 से 19 वर्ष के बच्चों को एक एक गोली चबा कर खिलाया जाएगा। जिस किसी बच्चे में कृमि का प्रभाव होता है तो उसके शरीर में खून की कमी, चिड़चिड़ापन, सुस्त रहने के अलावा शरीर व मानसिक विकास नहीं होता है। फोटो परिचय 12-भभुआ-14-प्रखंड महामारी स्पताल सभागार भवन में प्रशिक्षण में भाग लेते सेविका और आशा कार्यकर्ताओं। शहीद भवन में मनाई गई स्व.रामजी सिंह की पुण्यतिथि भभुआ, एक प्रतिनिधि। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जिला कार्यालय शहीद भवन में प्रखंड कांग्रेस कमेटी कुदरा के पूर्व अध्यक्ष स्व.रामजी सिंह की पुण्यतिथि मनाई गयी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राधेश्याम सिंह कुशवाहा ने किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्व.रामजी सिंह के तैल चित्र माल्यार्पण किया एवं फूल माला अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यकर्ताओं में उनके पद चिन्हों पर चलकर पार्टी के कार्यक्रमों का संचालन एवं उसे मजबूत करने का संकल्प दोहराया। केवाईसी व फोटो कैप्चरिंग कराने वाले लाभूकों को मिलेगा टीएचआर रामपुर, एक संवाददाता। आईसीडीएस के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभूकों को मिलने वाला टेक होम राशन में बदलाव किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार पहले प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सेविकाओं द्वारा अपने पोषक क्षेत्र के लाभूकों को टेक होम राशन दिया जाता है। टेक होम राशन देने के बाद रजिस्टर पर अपडेट किया जाता था। अब इस नियम में बदलाव किया गया है। बदलाव किए गए नियम के अनुसार प्रत्येक लाभूक का प्रति माह केवाईसी व फोटो कैप्चरिंग करना जरूरी है। अगर लाभूक ऐसा नहीं करते हैं तो उनको उक्त लाभ नहीं मिल सकता है। अब इस आधार पर ही सेविकाओं को लाभूकों को लाभ देने के लिए राशन व केन्द्र संचालित करने के लिए राशि मिलता है। नाम न उजागर करने की शर्त पर की सेविकाओं ने बताया कि कई गांव में नियमित टावर काम नहीं करता है। ऐसी स्थिति में उक्त कार्य को पूरा करने में परेशानी होती है। जिसका परिणाम की लाभूक क्षेत्र में रहने के बाद भी लाभ लेने से बंचित रह जातें हैं।