जहां के पूजन से 1009 शिवलिंग की पूजा का मिलता है फल
उमापुर गांव में सहस्त्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित हजारिया शिवलिंग 1500 वर्ष पुराना है। विद्वान पंडित गिरीश चंद्र द्विवेदी के अनुसार, इस शिवलिंग में 1009 छोटे शिवलिंग बने हैं। महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने यहाँ पूजा की। यह शिवलिंग अद्वितीय है और धार्मिक महत्व रखता है।

बोले पुरातत्वविद, उमापुर का हजारिया शिवलिंग सहस्त्रबाहु के समकालीन स्थापित किए गए शिवलिंग के शिव शृंखला का एक अवशेष है मुंडेश्वरी के समीप उमापुर गांव में स्थापित है सहस्त्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर बोले विद्वान, 1009 छोटे-छोटे शिवलिंग से तैया किया गया है बड़ा शिवलिंग 15 सौ वर्ष पुराना है यह शिवलिंग भगवानपुर, एक संवादाता। प्रखंड के मुंडेश्वरी धाम के समीप उमापुर गांव है। इस गांव में सहस्त्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर है, जिसमें महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने 1009 शिवलिंग का एक साथ पूजन किया। विद्वान पंडित गिरीश चंद्र द्विवेदी ने बताया कि इस एक ही शिवलिंग में 1009 छोटे-छोटे शिवलिंग बने हैं।
यहां पूजा-अर्चना करने से 1009 शिवलिंग की पूजा करने के बराबर फल मिलता है। इसे हजारिया शिवलिंग के नाम से भी जाना जाता है। उमापुर गांव के शिव भक्त अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बुजुर्गों द्वारा बताया जाता था कि यह शिवलिंग वर्षों पूर्व मैदान में स्थापित था, जहां अब मंदिर का निर्माण हो गया है। पुरातत्वविदों द्वारा इसे 1500 वर्ष पुराना शिवलिंग बताया गया है। पूर्व मुखिया धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि हजारिया शिवलिंग मंदिर परिसर में हर साल यज्ञ का आयोजन किया जाता है, जिसमें वृंदावन, अयोध्या, मथुरा और सोनीपत के संत प्रवचन करने आते हैं। उमापुर के बुजुर्ग नागेश दुबे ने बताया कि इस शिवलिंग को किसने स्थापित की है, किसी को पता नहीं है। लेकिन, पटना से काशी प्रसाद शोध संस्थान के आए पुरातत्वविद मानस रंजन मानवंश द्वारा शोध के दौरान बताया गया है कि हजारिया शिवलिंग सहस्त्रबाहु के समकालीन स्थापित किए गए शिवलिंग के शिव शृंखला का एक अवशेष है। जिस शिव भक्त द्वारा सासाराम से मुंडेश्वरी तक स्थापित किए गए शिवलिंग की एक शृंखला के उदाहरण के रूप में यह शिवलिंग विद्धमान हैं। सावन मास में भी जुटती है भीड़ मालूम हो कि भगवानपुर-मुंडेश्वरी पथ के पास उमापुर गांव में प्राचीन हजारिया शिवलिंग मंदिर है। श्रावणी मेले के दौरान मुंडेश्वरी धाम में दर्शन-पूजन के लिए आने जाने वाले कांवरियों का दल हजारिया शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने जरूर जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हजारिया शिवलिंग एक अद्वितीय शिवलिंग है। ऐसा शिवलिंग दूर-दूर तक के इलाकों में देखने को नहीं मिलता है। क्योंकि करीब चार फीट ऊंचा और दो फिट मोटा एक ही शिवलिंग में 1009 छोटे-छोटे शिवलिंग बने हुए हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। फोटो- 14 फरवरी भभुआ- 6 कैप्शन- मुंडेश्वरी धाम के समीप उमापुर गांव के सहस्त्र लिंगेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित हजारिया शिवलिंग। (सिंगल फोटो)
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