दिल में छेद वाले 33बच्चो की सर्जरी कर दी नई जिन्दगी,पांच का होगा ऑपरेशन
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पेज तीन की सेकेंड लीड खबर दिल में छेद वाले 33बच्चो की सर्जरी कर दी नई जिन्दगी,पांच का होगा ऑपरेशन चार बच्चो का अहमदाबाद व एक का पटना में एक बच्चे का कराया जाएगा सर्जरी जिले में अब तक दिल में छेद वाले 33बच्चो का कराया गया निशुल्क ऑपरेशन राज्य सरकार हृदय रोग से पीड़ित बच्चों का निशुल्क कराती हैं जांच व ऑपरेशन ग्राफिक्स 33दिल में छेद वाले बच्चो का कराया गया सफल ऑपरेशन 102बच्चे जिले में चिन्हित,जो हृदय रोग से पीड़ित भभुआ,हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले के विभिन्न प्रखण्डो में दिल के छेद वाले 33बच्चो की सर्जरी करायी गयी,जबकि पांच बच्चो का ऑपरेशन फरवरी के अंतिम सप्ताह में करायी जाएगी।
कैमूर जिले के विभिन्न प्रखण्डो से दिल में छेद वाले पांच बच्चो का पटना में स्क्रीनिंग कराए जाने के बाद अब अहमदाबाद व पटना के अस्पताल में ऑपरेशन कराया जाएगा। कैमूर जिले से चिन्हित किए गए बच्चो का इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान पटना के शिविर में स्क्रीनिंग करायी गयी है। स्क्रीनिंग के बाद पटना के इंदिरा गांधी आयु विज्ञान संस्थान पटना में एक बच्चा व चार बच्चो का श्री सत्यसाई अस्पताल अहमदाबाद में फरवरी के अंतिम सप्ताह में बहुत जल्द ही ऑपरेशन कराया जाएगा। जबकि पूर्व में कैमूर जिले में दिल में छेद वाले 33 बच्चो का अहमदाबाद व पटना में स्वास्थ्य विभाग ने सफल ऑपरेशन कराकर नयी जिन्दगी दी हैं। वही कैमूर जिले में दिल में छेद वाले पांच बच्चो को चिन्हित किए गए है। इन बच्चो की खोज स्वास्थ्य जांच व स्क्रीनिग के दौरान की गयी है। दिल के छेद वाले 33 बच्चो का ऑपरेशन सरकार द्वारा श्रीसत्यसाई अस्पताल अहमदाबाद व पटना मेेंं कराया जा चुका है। जबकि 57बच्चो का पटना में इलाज कराने के बाद भभुआ में उपचार किया जा रहा है। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला समन्यवक डा.सरोज कुमार ने करते हुए बताया कि यह वैसे बच्चे है,जिनके अभिभावक पैसो के आभाव में उनका इलाज नही नहीं करा पाते है। लेकिन स्क्रीनिंग कमेटी की जांच , चयन व अनुशंसा के आधार पर सरकार इन पीड़ित बच्चो का इलाज व ऑपरेशन अपने खर्च पर करा रही है। इन बच्चो का इलाज व ऑपरेशन पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान व श्रीसत्य साईअस्पताल अहमदाबाद के विशेषज्ञो द्वारा किया जाता है। आरबीएसके के जिला समन्यवक डा.सरोज कुमार ने बताया कि छह माह से 18वर्ष के बच्चो की स्क्रीनिंग व जांच के दौरान जिले के 102 बच्चे एैसे मिल,जिनके दिल में छेद है। मृत्युदर कम करना बाल हृदय योजना का उदेश्य भभुआ। राज्य में बाल हृदय पीड़ित बच्चो को स्वास्थ्य सुविधा देने और बाल मृत्युदर में कमी लाने के लिए बाल हृदय योजना को लागु किया है। राज्य में बाल हृदय पीड़ित बच्चो का अस्पतालो में फ्री टीटमेंट किया जाता है। इस योजना के तहत हृदय में छेद के साथ जन्में बच्चो को इलाज की सुविधा दी जाती है। इलाज में होने वाला सारा खर्चा राज्य सरकार द्वारा उठाया जाता है। जिले के गरीबो के लिए संजीवनी बनी बाल हृदय योजना भभुआ। बाल हृदय योजना उन अभिभावको के लिए संजीवनी का कार्य कर रही है,जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चो का इलाज कराने में असर्मथ है। इस योजना से हृदय रोगी बच्चो की मृत्युदर में भी कमी आएगी। गरीबो के पास उतने पैसे अर्जित नहीं हो पाते है कि वह बडे़ अस्पताल में जाकर अपने बच्चों का टीट्रमेंट करा पाएं। उनकी समस्या का समाधान करने के लिए राज्य में बाल हृदय योजना शुरु की गयी है। कोट जिले के दिल में छेद वाले पांच बच्चा पटना में स्क्रीनिंग के बाद पटना व अहमदाबाद के अस्पताल में ऑपरेशन कराया जाएगा। पूर्व में कैमूर जिले में दिल के छेद वाले 33 बच्चो का ऑपरेशन अहमदाबाद व पटना में कराया गया है। स्क्रीनिग व स्वास्थ्य जांच के दौरान छह माह से 18वर्ष के 102वैसे बच्चे चिन्हित किए गए है,जिनके दिल में छेद है। डा.सरोज कुमार ,जिला समन्यवक ,आरबीएसके फोटो परिचय 08-भभुआ-04-जिले के भभुआ प्रखण्ड के एक आगनबाड़ी केन्द्र में बच्चे व बच्चियो की मेडिकल जांच करते डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मी
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