
355 परिवार जमीन खाली कर दें, बिहार में बेतिया राज के नोटिस से हड़कंप
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा हुआ तब उनका जीवन और घर-गृहस्थी सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। फिर उनके जीवन भर घर बसाना संभव नही हो पाएगा। लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की पूंजी लगा घर बनाया है और अब टूटने से सड़क पर आना पड़ेगा।
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया राज की जमीन पर बसे सैकड़ों परिवार को अब घर छोड़ना पड़ सकता है। बेतिया के भितहा प्रखंड में बेतिया राज की भूमि पर बसे साढ़े तीन सौ परिवारों को हटाने की तैयारी चल रही है। अंचल प्रशासन ने बेतिया राज प्रबंधक के निर्देशानुसार 355 लोगों को नोटिस जारी कर आवासीय जमीन खाली करने को कहा गया है। नोटिस मिलने के बाद से ही लोगों में हाहाकार मचा हुआ है।
ग्रामीण रामप्रताप बैठा,गौरीशंकर गुप्ता,नथुनी राम, बिनोद पटेल,हरिलाल राम,राजेंद्र राम,चन्द्रदेव राम,उदय कुर्मी,जयप्रकाश पटेल, उमेश पटेल,शिव गुप्ता,श्रीराम गुप्ता आदि लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों को बेतिया राज से जमीन मिली थी और वे यहां 125 वर्षों से अधिक समय से रह रहे हैं। उनका कहना है कि अनेकों बार क्षेत्र में बाढ़ आया और आगलगी हुई,जिससे उनके कागजात नष्ट हो गए। अब अंचल प्रशासन कागज मांग रहा है। जबकि अंचल कागजात उपलब्ध नहीं होना स्वभाविक है। वर्तमान ग्रामीणों के पास वर्षों पुरानी बेतिया राज का कागजात उपलब्ध नहीं है।
कागजात नहीं होने से घर उजड़ने की नौबत आ गई है।,उन्हें जमीन खाली करने को कहा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा हुआ तब उनका जीवन और घर-गृहस्थी सबकुछ बर्बाद हो जाएगा। फिर उनके जीवन भर घर बसाना संभव नही हो पाएगा। लोगों का कहना है कि उन्होंने जीवनभर की पूंजी लगा घर बनाया है और अब टूटने से सड़क पर आना पड़ेगा।
लोग लीज या नया नीलामी पर जमीन देने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग गरीब और मजदूर हैं, उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा स्थान व विकल्प भी नहीं है। सरकार और बेतिया राज प्रबंधक से सहानुभूति बरतने की मांग कर रहे हैं। भितहा के सीओ मनोरंजन शुक्ला ने कहा कि ग्रामीणों पर सहानुभूति या कार्रवाई सबकुछ बेतिया राज प्रबंधक पर निर्भर है। आंचल से बेतिया राज प्रबंधक के निर्देशानुसार कार्यवाही की जा रही है।





