
रेल में शराब का खेल, कोच अटेंडेंट- सुपरवाइजर समेत 8 पकड़ाए; बेंगलुरु-सहरसा एक्सप्रेस में रेड
जांच के दौरान फर्स्ट, सकेंड और थर्ड एसी सभी वातानुकूलित कोच से महंगी शराब बोतलें बरामद हुई, जो पिट्ठू बैग, हैंड बैग व झोला में छिपाकर रखे हुए थे। सबसे अधिक 50 बोतल विदेशी शराब बी 3 के कोच अटेंडेंट गुलशन पास से बरामद हुई है।
शराबबंदी वाले राज्य बिहार में रेल में शराब के खेल का पर्दाफाश हुआ है। शराब के इस काले धंधे में ट्रेन के एसी कोच अटेंडेंट से लेकर बेडरोल सुपरवाइजर तक शामिल रहते हैं। यह सनसनीखेज खुलासा आरपीएफ सहरसा और उत्पाद टीम की छापेमारी में हुआ है एसएमवीटी बेंगलुरु-सहरसा सुपरफास्ट एक्सप्रेस से पांच एसी कोच अटेंडेंट, एक बेडरोल सुपरवाइजर सहित आठ लोग शराब के साथ धराए। बुधवार की रात हिरासत में लिए गए एसी कोच अटेंडेंट सहरसा नगर निगम क्षेत्र के कोरलाही का गुड्डू कुमार, गुलशन कुमार, कायस्थ टोला का राकेश कुमार, बनगांव नगर पंचायत वार्ड 17 का गोलू कुमार, सुपौल जिले के परसौनी वार्ड 1 का दीपक कुमार और बेडरोल सुपरवाइजर सहरसा जिले के नवहट्टा के मुरलीपुर नवास वार्ड 9 का सत्य नारायण कुमार हैं।
इन सभी के सहयोगी बाहरी युवक सहरसा के कोरलाही के करण कुमार और महिषी के परसाहा वार्ड 3 के दिलखुश कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। ट्रेन के विभिन्न एसी कोच से हिरासत में लिए गए कोच अटेंडेंट, बेडरोल सुपरवाइजर और सहयोगी युवकों के पास से 1 लाख 25 हजार 488 रुपए की 181 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई है।। जिसकी लीटर में मात्रा 81.795 लीटर है। आरपीएफ इंस्पेक्टर धनंजय कुमार ने गुप्त सूचना पर उप निरीक्षक सुजीत कुमार मिश्र, दुर्गेश कुमार, निखिल कुमार, रणवीर कुमार और उत्पाद निरीक्षक संजीत कुमार को साथ लेकर एसएमवीटी बेंगलुरु से सहरसा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर पहुंची सुपरफास्ट ट्रेन की एसी बोगियों में सघन तलाशी ली।
जांच के दौरान फर्स्ट, सकेंड और थर्ड एसी सभी वातानुकूलित कोच से महंगी शराब बोतलें बरामद हुई, जो पिट्ठू बैग, हैंड बैग व झोला में छिपाकर रखे हुए थे। सबसे अधिक 50 बोतल विदेशी शराब बी 3 के कोच अटेंडेंट गुलशन पास से बरामद हुई है। बी 2 के कोच अटेंडेंट गुड्डू और ए 2 के कोच अटेंडेंट राकेश के पास से 40-40 बोतल विदेशी शराब मिली। बी 1 के कोच अटेंडेंट दीपक के पास से 9 बोतल, एच वन के कोच अटेंडेंट गोलू के पास से 5 बोतल और बेडरोल सुपरवाइजर सत्य नारायण के पास से दस बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। सहयोगी युवक करण व दिलखुश के पास से 13 व 14 बोतल विदेशी शराब मिली। करण बी 1 तो दिलखुश बी 3 कोच से धराया।
ऑपरेशन सतर्क के तहत की कार्रवाई
आरपीएफ इंस्पेक्टर धनंजय कुमार ने कहा कि शराब के गोरखधंधे मामले में ऑपरेशन सतर्क के तहत कार्रवाई की गई है, जो आगे भी जारी रहेगा। प्रतिबंधित शराब के साथ धराए कोच अटेंडेंट, बेडरोल सुपरवाइजर और सहयोगी युवकों को गिरफ्तार करते जब्ती सूची बनाई गई। उसके बाद सभी अभियुक्तों को आगे की कार्रवाई के लिए अपने साथ लेकर उत्पाद निरीक्षक गए हैं।
आउटसोर्सिंग की नौकरी के आड़ में शराब का करते गोरखधंधा
आजकल ट्रेनों में कोच अटेंडेंट, बेडरोल से लेकर पेंट्रीकार स्टाफ तक आउटसोर्सिंग एजेंसी के होते हैं। जिसके द्वारा आउटसोर्सिंग की नौकरी की आड़ में शराब का गोरखधंधा किया जाता है। बिहार में प्रतिबंध के बाद शराब जैसे धंधे में अकूत कमाई को देखकर तस्करों ने रेल और सड़क मार्ग से ढुलाई का इसे जरिया बना लिया है। सूत्रों की माने तो कमाई के चक्कर शराब का धंधा करने के लिए ट्रेन में कम पैसे पर भी युवक सहित अन्य उम्र के लोग आउटसोर्सिंग की नौकरी पकड़ लेते हैं।





