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23 सितम्बर, 2020|9:54|IST

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श्रद्धापूर्वक की गई अनंत भगवान की पूजा-अर्चना

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श्रद्धा भक्तिभाव के साथ मंगलवार को बरौनी व आसपास के इलाकों में अनंत चतुर्दशी का व्रत मनाया गया। भाद्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। अनंत भगवान की पूजा के बाद चौदह गांठ वाले सूत्र को अनंत भगवान का स्वरूप मान कर पुरुष श्रद्धालुओं ने दाएं व महिलाओं श्रद्धालुओं ने बाएं बाजू पर धारण किया। ऐसी मान्यता है कि अनंत के चौदह गांठों में प्रत्येक गांठ एक-एक लोक का प्रतीक है जिसकी रचना भगवान विष्णु ने की है।

श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों और मंदिरों में अंत न होने वाले सृष्टिकर्ता विष्णु के स्वरूप भगवान अनंत की विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना की। राजेन्द्र रोड स्थित पंचदेवता मंदिर में मौजूद भक्तों ने अनंत चतुर्दशी व सत्यनारायण भगवान की कथा सुनी। दूध-दही के क्षीरसागर में कुश से बने अनंत भगवान की तलाश की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पांडव जब कौरवों से जुए में अपना राजपाट हारकर जंगल में भटक रहे थे और कई प्रकार के कष्टों को झेल रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें अनंत भगवान का व्रत और पूजा करने की सलाह दी थी। पांडवों को अनंत पूजा के बाद कष्टों से छुटकारा मिल गयी। इसके बाद से भाद्र महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है। यह भगवान विष्णु का दिन माना जाता है। अनंत भगवान ने सृष्टि के आरंभ में चौदह लोकों तल, अतल, वितल, सुतल, तलातल, रसातल, पाताल, भू, भुव:, स्व:, जन, तप, सत्य, मह की रचना की थी। इन लोकों का पालन और रक्षा करने के लिए वह स्वयं भी चौदह रूपों में प्रकट हुए थे जिससे वे अनंत प्रतीत होने लगे। इसलिए अनंत चतुर्दशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने और अनंत फल देने वाला माना गया है।

अनंत चतुर्दशी को लेकर रहा भक्ति का माहौल

तेघड़ा। मंगलवार को श्रद्धापूर्वक भगवान अनंत की पूजा-अर्चना की गई। पंडितों ने अनंत भगवान की पूजा करने के बाद श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र बाँधकर उन्हें स्वस्थ तथा सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। मंदिरों में आचार्यों ने अनंत भगवान की कथा पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान हरि की पूजा-अर्चना से मनोवांछित फल प्राप्त होता है।

अनंत चतुर्दशी को लेकर दिखा उत्साह

गढ़पुरा। प्रखंड क्षेत्र में अनंत चतुर्दशी का त्योहार धार्मिक श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की और हाथ में अनंत सूत्र धारण किया। इसको लेकर स्थानीय मंदिरों और ठाकुरबाड़ियों में भी पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने उपवास भी रखा। (नि.सं.)

भगवान विष्णु के अनंत रूप की हुई पूजा

डंडारी। प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को अनंत चतुर्दशी पर्व पर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने कोरोना को लेकर अपने-अपने घरों में ही पूजा की। अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र को भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद बांह में बांधने की परंपरा है। मान्यता है कि इस सूत्र में भगवान विष्णु का वास होता है।