
वीबी जी राम जी से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का जमकर विकास होगा: गिरिराज
वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर ग्रामीण रोजगार एंड आजीविका मिशन) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का विकास होगा। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया कि यह योजना रोजगार गारंटी, पारदर्शिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास पर केंद्रित है। इससे राज्यों की जिम्मेदारी बढ़ेगी और मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर ग्रामीण रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना का जमकर विकास होगा। कांग्रेस समेत विपक्षी दल लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल कांग्रेस को राम नाम से नफरत है। तभी तो वह योजना का विराोध कर रही है। बीजेपी समेत एनडीए के घटक दल इस मंसूबे को पूरा नहीं होने देंगे। बीजेपी के विधायक व सांगठनिक पदाधिकारी जनता के बीच जाकर इस योजना की वास्तविकता व इससे होने वाले लाभ से अवगत कराएंगे। ये बातें स्थानीय सांसद व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने रविवार को रिफाइनरी टाउनशिप स्थित गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष तक मनरेगा के तहत ही योजना का क्रियान्वयन होगा। इससे योजना के तहत लंबित मजदूरी भुगतान को लेकर मजदूरों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। कहा कि 2005 में मनरेगा की शुरुआत हुई। इसका मुख्य उद्देश्य रोजगार गारंटी और लेबर वेलफेयर का था। मगर कांग्रेस ने मनरेगा को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। फर्जी एसेट क्रिएशन, पारदर्शिता की कमी, फर्जी जॉब कार्ड, फंड की हेराफेरी मनरेगा की प्रमुख आलोचनाएँ बनकर रह गईं। मगर 2014 में जब मोदी सरकार आई तो मनरेगा को हर पहलू को नए सिरे से परखा तथा मजबूत किया। कहा कि मोदी 1.0 और 2.0 में मनरेगा बजट 2.13 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8.54 लाख करोड़ रुपये किया गया। यह लगभग 4 गुना था। इसके अलावा महिलाओं की भागीदारी, आधार सीडिंग तथा डीबीटी पर मुख्य फोकस करते हुए मनरेगा में पारदर्शिता और लेबर वेलफेयर पर फोकस किया। ग्रामीण भारत को विकसित भारत की मजबूत नींव बनाना है उद्देश्य उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी एक्ट का उद्देश्य वर्ष 2047 का ग्रामीण भारत को विकसित भारत की मजबूत नींव बनाना है। यह अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था के होलिस्टिक विकास, सरल कनेक्टिविटी की मजबूती और स्वावलंबन पर केंद्रित है। यह योजना लॉन्ग-टर्म इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर देता है। इसके तहत रोड बिल्डिंग, स्टोरेज तथा ग्रामीण मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे कृषि और श्रम के बीच संतुलन स्थापित होगा। इस योजना में 25 दिनों की अतिरिक्त रोजगार गारंटी का प्रावधान है। फसली सीजन के दौरान मजदूरी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को 60 दिनों की रोक लगाने का विवेकाधिकार दिया गया है। फंड के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी अब केंद्र-राज्य फंडिंग पैटर्न 60:40 कर दिया गया है। इससे राज्यों की अकाउंटेबिलिटी बढ़ेगी और फंड के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी। योजना में एसेट क्रिएशन के साथ-साथ एसेट मेंटेनेंस पर विशेष ध्यान दिया गया है। पंचायतों को अधिक सशक्त किया गया है। मजदूरी को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है। इस दौरान उन्होंने यूपीए के दस साल के कार्यकाल व मोदी सरकार के दस साल के कार्यकाल की तुलनात्मक विवरणी दी। मौके पर विधायक कुंदन कुमार, बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा, बीजेपी नेता कृष्णमोहन पप्पू, बब्लु कुमार, शुभम कुमार, मृत्युंजय वीरेश, सुमित सन्नी आदि थे।

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