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बेगुसराय

भगवान राम के संदेशों को आत्मसात करने से होगा राष्ट्र का कल्याण 

हिन्दुस्तान टीम,बेगुसरायPublished By: Newswrap
Mon, 11 Oct 2021 07:40 PM
भगवान राम के संदेशों को आत्मसात करने से होगा राष्ट्र का कल्याण 

गढ़पुरा। निज संवाददाता

रामायण का हर दृश्य एक संदेश है। राम का यदि वनवास नहीं होता फिर राक्षसों का विनाश कैसे होता। वह मर्यादा पुरुषोत्तम थे लेकिन भगवान विष्णु के अवतार थे। उन्होंने पृथ्वी को अतातायियों से मुक्ति दिलाने के लिए अवतार लिया था। कोरैय रामजानकी ठाकुरबाड़ी के प्रांगण में आयोजित रामकथा के पांचवें दिन सोमवार को अयोध्या से पधारे रामकिंकर जी महाराज ने भगवत प्रेमियों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

उन्होंने कहा कि एक पुत्र का क्या धर्म होना चाहिए, एक पिता का क्या धर्म होना चाहिए, एक राजा का क्या धर्म होना चाहिए सहित ऐसे कितने संदेश श्रीराम ने अपने आचरण व व्यवहार से प्रस्तुत किए। आज आवश्यकता है श्रीराम के संदेशों को जीवन में अपनाने की। तभी समाज व राष्ट्र का कल्याण होगा। उन्होंने राम वनवास का प्रसंग सुनाया। प्रसंग के दौरान कुछ समय तक माहौल गमगीन हो गया था। इससे पहले कथा व्यास ने राम विवाह एवं सीता के अयोध्या आगमन का प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा का आयोजन सुबह और शाम दोनों समय हो रहा है। रामकथा 15 अक्टूबर तक चलेगी। कथा का श्रवण करने स्थानीय ठाकुरबाड़ी में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

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