जनगणना संग स्कूल ड्यूटी के मुद्दे पर शिक्षक दो धड़े में बंटे
जिले के कई प्रधानाध्यापकों ने प्रेस बयान जारी कर पढ़ाई बाधित नहीं होने पर दिया जोर बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। जनगणना कार्य के साथ स्कूल ड्यूटी को लेकर जिले के शिक्षक समुदाय में स्पष्ट तौर पर दो धड़े...

बेगूसराय, हमारे प्रतिनिधि। जनगणना कार्य के साथ स्कूल ड्यूटी को लेकर जिले के शिक्षक समुदाय में स्पष्ट तौर पर दो धड़े बनते नजर आ रहे हैं। एक ओर जहां कुछ शिक्षकों ने शनिवार को डीईओ कार्यालय के समक्ष नाराजगी जताते हुए एक साथ दोनों जिम्मेदारियां निभाने को अव्यवहारिक बताया। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में शिक्षक और अभिभावक यह मानते हैं कि किसी भी परिस्थिति में पठन-पाठन प्रभावित नहीं होना चाहिए। जनगणना के साथ स्कूल ड्यूटी का विरोध जताने वाले शिक्षकों का कहना है कि जनगणना जैसे व्यापक कार्य के साथ नियमित स्कूल संचालन की जवाबदेही निभाना कठिन है। वहीं, दूसरे पक्ष का तर्क है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं। ऐसे में शिक्षकों का पहला दायित्व शिक्षा देना ही होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि आवश्यक हो तो अतिरिक्त समय में जनगणना कार्य किया जा सकता है जबकि स्कूल में कम से कम तीन घंटे निर्बाध पढ़ाई सुनिश्चित होनी चाहिए। एचएम जयप्रकाश ज्योति, विनय कुमार, प्रवीण कुमार भारती, संजय कुमा, रामाशीष चौधरी आदि ने कहा कि कि बच्चों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो और नियमित पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने प्रशासन से संतुलित व्यवस्था बनाने की मांग की है। ताकि न तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हों और न ही बच्चों की शिक्षा। शिक्षक का शिक्षा दान करना पहली प्राथमिकता है। सरकार के अतिरिक्त कार्य के लिए उन्हें अतिरिक्त पारिश्रमिक मिलता है। यदि 6.30 से 9.30 बजे तक बच्चों को पढ़ा देते हैं तो शिक्षकों को कुछ नहीं बिगड़ेगा, बल्कि सम्मान बढ़ेगा। सरकारी स्कूलों में बहुत ही कमजोर सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले बच्चे आते हैं। उन्हें स्कूल में शिक्षकों के साथ अतिरिक्त समय और अवसरों की आवश्यकता होती है।
जनगणना में प्रतिनियुक्त शिक्षक अध्यापन कार्य से मुक्त हों:
डॉ. सुरेश बेगूसराय। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ जमाल रोड पटना के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ सुरेश प्रसाद राय ने पत्र जारी कर डीईओ व डीएम से अनुरोध किया है कि जिन शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की प्रतिनियुक्ति जनगणना कार्य में हुई है उन्हें विद्यालय के अध्यापन कार्य से मुक्त किया जाय। क्योंकि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 एवं नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार शिक्षा एवं शिक्षार्थी हित की रक्षा भी आवश्यक है। इसलिए विद्यालयों के कार्यरत शिक्षक बल के 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से बच्चों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्ति का अधिकार प्रभावित होगा। इसलिए जिन विद्यालयों से 50 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति हुई वहां के शिक्षकों को जनगणना कार्य से मुक्त कर अध्यापन कार्य हेतु विद्यालय भेजना चाहिए। यह भी ध्यानाकर्षण किया है कि कई प्रखंडों में प्रतिनियुक्ति कर रिजर्व श्रेणी में शिक्षकों को रखा गया है, उन्हें जनगणना 2027 कार्य से मुक्त किया जाना चाहिए।
रिपोर्टर:प्रवीण कुमार
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