
शहर दिनभर जाम से बेहाल, यातायात व्यवस्था चरमराई:
गाड़ियां घंटों रेंग-रेंग कर चलती रहीं, लोग घंटों सड़क पर फंसे रहे। भीषण जाम के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह से ही मुख्य बाजार, कचहरी रोड, गांधी चौक, बाघा, मे
बेगूसराय, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। शहर में सोमवार को दिनभर भीषण जाम के कारण आम जनजीवन प्रभावित रहा। सुबह से ही मुख्य बाजार, कचहरी रोड, गांधी चौक, बाघा, मेन रोड, काली स्थान चौक, पावर हाउस रोड सहित अधिकांश मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। स्थिति यह रही कि गाड़ियां घंटों रेंग-रेंग कर चलती रहीं और लोग सड़क पर ही फंसे रह गए। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, अस्पताल की ओर जा रहे मरीज व परिजन तथा स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि संकरी सड़कों पर ई-रिक्शा और बाइकों की अनियमित पार्किंग समस्या को और गंभीर बना रही है।

कई इलाकों में फुटपाथों पर दुकानों के फैलाव से पैदल चलने वालों के लिए भी जगह नहीं बचती, जिससे भीड़ सड़क पर आ जाती है। त्योहारों के सीजन और बाजार में बढ़ी भीड़ ने भी स्थिति को और जटिल कर दिया। इसके साथ ही शहर के मध्य से दिन के व्यस्त समय में भारी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण नहीं होने से जाम की स्थिति और बिगड़ी। जबकि नियमों के अनुसार ऐसे वाहनों को शहर में केवल निर्धारित समय में प्रवेश की अनुमति है। जाम की स्थिति पर नियंत्रण में ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की मौजूदगी न के बराबर दिखी, वहीं जहां पुलिस थी, वहां बल अपर्याप्त पाया गया। लोगों ने कहा कि जाम कोई अचानक उत्पन्न समस्या नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों में यह लगातार बढ़ती रही है, लेकिन नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करना होगा आवश्यक: मुंगेरीगंज निवासी संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि अब स्थायी समाधान की जरूरत है। शहर में सबसे पहले मुख्य बाजारों व व्यस्त इलाकों से अतिक्रमण हटाया जाए। साथ ही स्पष्ट रूप से चिह्नित पर्याप्त पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जाए, ताकि ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों को अवैध रूप से सड़क किनारे खड़ा होने से रोका जा सके। शहर के भीतर भारी वाहनों के प्रवेश के समय-निर्धारण को कड़ाई से लागू किया जाए और मुख्य चौराहों पर प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिस बल की नियमित तैनाती सुनिश्चित हो। उन्होंने कहा कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में शहर की सड़कें और ज्यादा दबाव झेलेंगी। इसका सीधा असर आम लोगों की आवाजाही, व्यापारिक गतिविधियों, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा। प्रशासन को समन्वित और कठोर उपायों के साथ स्थिति को नियंत्रित करना होगा, तभी शहर को जाम से राहत मिल सकेगी।

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