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दलहन-तिलहन की फसल पर मंडराया उत्पादन घटने का खतरा

दलहन-तिलहन की फसल पर मंडराया उत्पादन घटने का खतरा

संक्षेप:

मसूर, अरहर, सरसों आदि फसलों पौधे पीले पड़ रहे हैं पीले लिए खेतों में जल निकासी की करें उचित व्यवस्था फोटो नं. 08, गढ़पुरा प्रखंड क्षेत्र के दुनही बहियार में लगी तिलह

Jan 04, 2026 07:22 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बेगुसराय
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गढ़पुरा, एक संवाददाता। प्रखंड के विभिन्न इलाकों में इस बार कड़ाके की ठंड और लगातार बढ़ रही है। इससे दलहन व तिलहन की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है। मसूर, अरहर, सरसो जैसी प्रमुख फसलों के पौधे पीले पड़ते जा रहे हैं और कई स्थानों पर पौधे सूखकर नष्ट हो रहे हैं। इससे फसलों का समुचित विकास रूक गया है और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगी हैं। किसानों राम प्रकाश यादव, रामबली यादव, घुरण महतो आदि का कहना है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह से तापमान में अचानक गिरावट आई है। साथ ही, सुबह-शाम कोहरा और नमी बढ़ने से झुलसा रोग तेजी से फैल रहा है।

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फसलों की पत्तियों पर भूरे धब्बे पड़ रहे हैं जो धीरे-धीरे पूरी पत्ती को जला रहे हैं। इससे पौधे कमजोर हो रहे हैं और दाने बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कृषि जानकारों के अनुसार यदि यही स्थिति बनी रही तो दलहन और तिलहन की पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। दुनही, सोनमा और मैसना क्षेत्र के किसानों ने बताया कि बीज, खाद और सिंचाई पर पहले ही काफी खर्च हो चुका है लेकिन अब फसल की हालत देखकर मायूसी छा गई है। किसान श्यामसुंदर दास ने कहा कि अगर समय पर रोग पर काबू नहीं पाया गया तो लागत भी निकालना मुश्किल हो जाएगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि झुलसा रोग से बचाव के लिए खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। अत्यधिक नमी से बचने के लिए हल्की सिंचाई ही करें। रोग के शुरुआती लक्षण दिखते ही अनुशंसित फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। संतुलित मात्रा में पोटाश और सूक्ष्म पोषक तत्व देने से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। फसलों में फंफूदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ा गढ़पुरा। विगत कुछ दिनों से तापमान में आई गिरावट और कुहासे के कारण दलहन, तिलहन व आलू की फसलों पर फंफूदजनित रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है। खास कर निचले इलाके जहां के खेतों में पहले से ही नमी बरकरार थी। वहां इसका असर ज्यादा दिखने लगा है। बता दें कि इस बार बारिश के कारण पहले से ही खेतों में काफी नमी थी। गढ़पुरा, मौजी हरिसिंह, कोरियामा, दुनही, मालीपुर आदि गांवों के चौर निचले इलाके में आते हैं। किसान दिलीप यादव, माकेश्वर यादव, बिहारी महतो आदि ने बताया कि ज्यादा नमी की वजह से फसल पीले पर रहे हैं।