द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत आज, 20 बेंचों पर होगा मामलों का निष्पादन
पेज चार लीड... प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए ऋषि कांत, सचिव करुणानिधि आर्य फोटो नंबर: 10, बेगूसरा

बेगूसराय, निज संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा शनिवार को द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर सभी प्रशासनिक एवं न्यायिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डीएलएसए ऋषि कांत के निर्देश पर जिले में कुल 20 बेंचों का गठन किया गया है, जहां विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निष्पादन किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत का महत्व
उन्होंने शुक्रवार को प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि इस बार लोक अदालत का महत्व इसलिए अधिक बढ़ जाता है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से संबंधित चालानों पर कम से कम 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसका लाभ किसी भी तरह के वाहन चालक जिनका चालान कटा हुआ है वे उठा सकते हैं। इस लोक अदालत में बेगूसराय नंबर वाले वाहनों के ही चालान का निपटारा हो सकेगा।
आयोजन की जानकारी
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन सुबह 10:30 बजे से सिविल कोर्ट परिसर, बेगूसराय, गांधी स्टेडियम, तेघड़ा, मंझौल, बलिया, बखरी तथा रेलवे कोर्ट बरौनी में किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से वर्षों से लंबित मामलों के त्वरित निपटारा किया जाएगा। यहां सिविल वाद, आपराधिक समझौतावादी मामले, मोटर वाहन दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, श्रम विवाद, बैंकिंग एवं ऋण वसूली, बिजली विभाग, बीएसएनएल, राजस्व, भूमि अधिग्रहण, ट्रैफिक चालान तथा अन्य समझौतावादी मामलों का निष्पादन किया जाएगा। डीएलएसए द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न श्रेणियों के मामलों के लिए अलग-अलग विशेष बेंच गठित किए गए हैं। सदर न्यायालय में पारिवारिक विवाद, उपभोक्ता फोरम, ग्राम कचहरी, बैंकिंग विवाद, ट्रैफिक चालान एवं विद्युत विभाग से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी। अनुमंडलीय न्यायालयों में भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक मामलों का एक ही दिन में निष्पादन किया जा सके।
सुविधाएं और सहायता
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, सहायक कर्मियों, ऑर्डरली, अधिकार मित्रों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आम लोगों की सुविधा के लिए सिविल कोर्ट परिसर व गांधी स्टेडियम में हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं। यहां अधिकार मित्र लोगों को आवश्यक जानकारी और सहायता प्रदान करेंगे। डीएलएसए के सचिव करुणा निधि प्रसाद आर्य ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय पाने का सरल, सुलभ एवं कम खर्चीला माध्यम है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन आपसी समझौते से होता है, जिससे पुराने विवाद समाप्त होने के साथ न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने आम लोगों से अधिक से अधिक संख्या में लोक अदालत में पहुंचकर अपने मामलों का निष्पादन कराने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होता है। सामान्यतः इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता। साथ ही कोर्ट फीस भी वापस कर दी जाती है, जिससे लोगों को आर्थिक राहत मिलती है। राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर सभी पीएलवी एवं अधिकार मित्रों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सचिव ने निर्देश दिया है कि ड्यूटी पर लगाए गए सभी पीएलवी एवं अधिकार मित्र सुबह 8 बजे तक डीएलएसए कार्यालय में उपस्थित होना सुनिश्चित करेंगे। इस अवसर पर डीएलएसए कर्मी इंद्रसेन शर्मा, सौरभ कुमार, उदय कुमार, एचसी के अधिवक्ता दीपक कुमार, ग्रीन वैली स्कूल के निदेशक राजा कुमार, अधिकार मित्र हरेराम दास उपस्थित थे। रिपोर्टर: राजीव रंजन
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